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कौन काट ले गया हरे-भरे पेड़, अधिकारियों को नहीं खबर
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 01 May 2016 12:51 AM IST
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पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी
- फोटो : अमर उजाला
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शहर में सेक्टर सात और दस के डिवाइडिंग रोड पर दिन दहाड़े कुछ पेड़ काट लिए गए। हरियाली पर कुल्हाड़ी किसने चलाई, इसकी सूचना न तो वन विभाग और न ही हुडा अधिकारियों को है। दोनों विभागों के अधिकारी मामले में पल्ला झाड़ रहे हैं। हाल ही में हुडा क्षेत्र के सेक्टर सात और दस के डिवाइडिंग रोड पर कुछ पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया है।
खास बात कि हुडा क्षेत्र में हुडा अधिकारियों की अनुमति के बिना पेड़ों को नहीं काटा जा सकता। लेकिन, अनुमति तो दूर की बात यहां तो उनके क्षेत्र में पेड़ काटे जाने की अधिकारियों को जानकारी तक नहीं है। हालात किसी बड़े गड़बड़झाले की ओर संकेत कर रहे हैं। उधर, वन विभाग से बात की जाती है तो वे पेड़ों के काटे जाने के संबंध में अनभिज्ञता जताते हुए कहते हैं कि यह उनका एरिया नहीं है।
किसने काटे पेड़, कोई जानकारी नहीं: रंगा
हुडा के एस्टेट ऑफिसर (ईओ) योगेश रंगा ने कहा कि सेक्टर सात और दस के डिवाइडिंग रोड पर कितने पेड़ कटे हैं, किसने और क्यों काटे, उन्हें कोई जानकारी नहीं है। न ही उनसे कोई परमिशन ली गई। टीम भेज कर वास्तविकता का पता कराएंगे।
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शायद किसी द्वारा कीकर काटी गई है: रामफल
हुडा के बागवानी विभाग से जेई रामफल ने कहा कि उन्हें पता चला है कि किसी ने सेक्टर सात और दस के रोड पर पेड़ काटे हैं। ध्यान देने पर सामने आया कि ये शायद कीकर काटी गई हैं। कहा कि न तो उन्होंने कीकर लगाई है और न ही कटवाई। उनके द्वारा गुलमोहर, एलस्टोनिया, जरखंडा तथा कचनार सहित कुछ खास पेड़ लगाए जाते हैं। इनमें कीकर नहीं आती। हो सकता है वन विभाग ने यहां पेड़ कटवाए हों। वन विभाग के डीएफओ (कटिंग) सोहन लाल ने बताया कि उनके विभाग द्वारा सेक्टरों में न तो पेड़ लगाए जाते हैं और न ही कटवाए जाते। हुडा अधिकारियों के निर्देशों पर ही इस क्षेत्र में गतिविधियां होती हैं, इसलिए हुडा अधिकारी ही इस संबंध में कुछ बता पाएंगे।
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खास बात कि हुडा क्षेत्र में हुडा अधिकारियों की अनुमति के बिना पेड़ों को नहीं काटा जा सकता। लेकिन, अनुमति तो दूर की बात यहां तो उनके क्षेत्र में पेड़ काटे जाने की अधिकारियों को जानकारी तक नहीं है। हालात किसी बड़े गड़बड़झाले की ओर संकेत कर रहे हैं। उधर, वन विभाग से बात की जाती है तो वे पेड़ों के काटे जाने के संबंध में अनभिज्ञता जताते हुए कहते हैं कि यह उनका एरिया नहीं है।
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किसने काटे पेड़, कोई जानकारी नहीं: रंगा
हुडा के एस्टेट ऑफिसर (ईओ) योगेश रंगा ने कहा कि सेक्टर सात और दस के डिवाइडिंग रोड पर कितने पेड़ कटे हैं, किसने और क्यों काटे, उन्हें कोई जानकारी नहीं है। न ही उनसे कोई परमिशन ली गई। टीम भेज कर वास्तविकता का पता कराएंगे।
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शायद किसी द्वारा कीकर काटी गई है: रामफल
हुडा के बागवानी विभाग से जेई रामफल ने कहा कि उन्हें पता चला है कि किसी ने सेक्टर सात और दस के रोड पर पेड़ काटे हैं। ध्यान देने पर सामने आया कि ये शायद कीकर काटी गई हैं। कहा कि न तो उन्होंने कीकर लगाई है और न ही कटवाई। उनके द्वारा गुलमोहर, एलस्टोनिया, जरखंडा तथा कचनार सहित कुछ खास पेड़ लगाए जाते हैं। इनमें कीकर नहीं आती। हो सकता है वन विभाग ने यहां पेड़ कटवाए हों। वन विभाग के डीएफओ (कटिंग) सोहन लाल ने बताया कि उनके विभाग द्वारा सेक्टरों में न तो पेड़ लगाए जाते हैं और न ही कटवाए जाते। हुडा अधिकारियों के निर्देशों पर ही इस क्षेत्र में गतिविधियां होती हैं, इसलिए हुडा अधिकारी ही इस संबंध में कुछ बता पाएंगे।