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मौत से दो दिन पहले ही मांगा था खाली कमरा
ब्यूरो, अमर उजाला/कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 07 Apr 2016 01:27 AM IST
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आत्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
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कुरुक्षेत्र में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में लड़के से तंग आकर आत्महत्या करने वाली छात्रा ने दो दिन पहले ही अपना कमरा बदला था। उसने वार्डन से खाली कमरे में शिफ्ट करने की मंजूरी मांगी थी। जिसके बाद उसे कमरा नंबर 14 से कमरा नंबर 18 में शिफ्ट किया गया था। कमरा बदलने के दो दिन बाद ही उसने फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। इधर पुलिस ने दलजौत को परेशान करने वाले छात्र सुरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है।
केयू में एमएससी भूगोल, फाइनल की छात्रा दलजौत यूनिवर्सिटी के होस्टल नंबर 6 सुभद्रा भवन के कमरा नंबर 14 में रहती थी। बताया जाता है कि इसमें वह अन्य छात्रा के साथ रहती थी। पुलिस दी गई जानकारी होस्टल वार्डन ने यह बात भी बताई थी कि छात्रा ने दो दिन पहले ही कमरा चेंज किया था। बताया जाता है कि दलजौत ने वार्डन से रिक्वेस्ट की थी कि उसे कोई खाली कमरा यानी जिसमें वह अकेले रह कर पढ़ाई कर सके ऐसा कमरा दिया जाए। कमरा बदलने के लिए दलजौत ने ढंग से पढ़ाई करने का कारण बताया था। इसके बाद होस्टल उसे कमरा नंबर 18 में शिफ्ट कर दिया गया था। जहां दो दिन रहने के बाद उसने फांसी लगा ली।
अस्पताल की अव्यवस्था ने किया हलकान
बताया जाता है कि दलजौत ने मंगलवार को शाम करीब पांच बजे फांसी लगाई। उसे फंदे सेउतार कर यूनिवर्सिटी से करीब दस कदम की दूरी पर स्थित सिविल अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। इसके बाद से ही शव कभी इस कमरे में तो कभी उस कमरे में रखा गया। देर रात जब करीब साढ़े दस बजे अमर उजाला की टीम सिविल अस्पताल पहुंची तब देखा कि यूनिवर्सिटी के डीन स्टूडेंट वेलफेयर अनिल वशिष्ठ और चीफ सिक्युरिटी ऑफिसर अनिल गुप्ता के अलावा कई कर्मचारी और छात्रा के रिश्तेदार परेशान हो रहे थे। जब कारण पूछा गया तो पता चला मॉर्चरी में शव रखने के लिए फ्रीजर ही नहीं है। काफी परेशानी के बाद कहीं ओर से फ्रीजर का इंतजाम किया गया और शव को देर रात मॉर्चरी में रखवाया गया।
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दम घुटने से हुई मौत
पुलिस ने बुधवार को पोस्टमार्टम करा के शव परिजनों को सौंप दिया। भाखली में दलजौत का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दलजौत की मौत का कारण दम घुटना बताया गया है।
पुलिस ने किया सुरेंद्र को गिरफ्तार
थर्ड गेट चौकी कुलदीप के मुताबिक दलजौत ने अपने सुसाइड नोट में जिस छात्र सुरेंद्र का नाम लिखा उसे पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार सुरेंद्र ने पूछताछ में बताया कि दलजौत के साथ उसकी दोस्ती थी। यह बात कुछ दोस्तों को बताई थी। दोनों की दोस्ती की बात धीरे धीरे कई विद्यार्थियों को पता चल गई थी। जबकि दलजौत ने सुरेंद्र से पहले ही दोस्ती खत्म कर दी थी। लेकिन सुरेंद्र लगातार बात करने का प्रयास करता रहा। पुलिस के मुताबिक बदमानी के डर से छात्रा ने आत्महत्या करने कदम उठा लिया। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने एक अन्य छात्र रॉकी से दलजौत का लैपटॉप और पैसे भी बरामद कर लिए हैं।
कैंडल मार्च करके दी श्रद्धांजलि
इधर छात्रा को श्रद्धांजलि देने का दिन भर सिलसिला चलता रहा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बुधवार को शोक सभा का आयोजन गर्ल्स होस्टल में किया। जिसमें कुलपति प्रोफेसर केसी शर्मा, रजिस्ट्रार डॉ. प्रवीण कुमार सैनी, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. अनिल वशिष्ठ, चीफ वार्डन प्रो. सुषमा शर्मा सहित सभी वार्डन और विद्यार्थियों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। शाम को इनसो ने कैंडल मार्च निकाल कर छात्रा को श्रद्धांजलि दी। इनसो कार्यकर्ताओं ने लाइब्रेरी से गल्र्स होस्टल के मुख्य गेट तक कैंडल मार्च निकाला। यहां दो मिनट कर मौन रख कर उसे श्रद्धांजलि दी। दिन में होस्टल की छात्राओं ने भी दलजौत की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा।
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केयू में एमएससी भूगोल, फाइनल की छात्रा दलजौत यूनिवर्सिटी के होस्टल नंबर 6 सुभद्रा भवन के कमरा नंबर 14 में रहती थी। बताया जाता है कि इसमें वह अन्य छात्रा के साथ रहती थी। पुलिस दी गई जानकारी होस्टल वार्डन ने यह बात भी बताई थी कि छात्रा ने दो दिन पहले ही कमरा चेंज किया था। बताया जाता है कि दलजौत ने वार्डन से रिक्वेस्ट की थी कि उसे कोई खाली कमरा यानी जिसमें वह अकेले रह कर पढ़ाई कर सके ऐसा कमरा दिया जाए। कमरा बदलने के लिए दलजौत ने ढंग से पढ़ाई करने का कारण बताया था। इसके बाद होस्टल उसे कमरा नंबर 18 में शिफ्ट कर दिया गया था। जहां दो दिन रहने के बाद उसने फांसी लगा ली।
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अस्पताल की अव्यवस्था ने किया हलकान
बताया जाता है कि दलजौत ने मंगलवार को शाम करीब पांच बजे फांसी लगाई। उसे फंदे सेउतार कर यूनिवर्सिटी से करीब दस कदम की दूरी पर स्थित सिविल अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। इसके बाद से ही शव कभी इस कमरे में तो कभी उस कमरे में रखा गया। देर रात जब करीब साढ़े दस बजे अमर उजाला की टीम सिविल अस्पताल पहुंची तब देखा कि यूनिवर्सिटी के डीन स्टूडेंट वेलफेयर अनिल वशिष्ठ और चीफ सिक्युरिटी ऑफिसर अनिल गुप्ता के अलावा कई कर्मचारी और छात्रा के रिश्तेदार परेशान हो रहे थे। जब कारण पूछा गया तो पता चला मॉर्चरी में शव रखने के लिए फ्रीजर ही नहीं है। काफी परेशानी के बाद कहीं ओर से फ्रीजर का इंतजाम किया गया और शव को देर रात मॉर्चरी में रखवाया गया।
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दम घुटने से हुई मौत
पुलिस ने बुधवार को पोस्टमार्टम करा के शव परिजनों को सौंप दिया। भाखली में दलजौत का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दलजौत की मौत का कारण दम घुटना बताया गया है।
पुलिस ने किया सुरेंद्र को गिरफ्तार
थर्ड गेट चौकी कुलदीप के मुताबिक दलजौत ने अपने सुसाइड नोट में जिस छात्र सुरेंद्र का नाम लिखा उसे पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार सुरेंद्र ने पूछताछ में बताया कि दलजौत के साथ उसकी दोस्ती थी। यह बात कुछ दोस्तों को बताई थी। दोनों की दोस्ती की बात धीरे धीरे कई विद्यार्थियों को पता चल गई थी। जबकि दलजौत ने सुरेंद्र से पहले ही दोस्ती खत्म कर दी थी। लेकिन सुरेंद्र लगातार बात करने का प्रयास करता रहा। पुलिस के मुताबिक बदमानी के डर से छात्रा ने आत्महत्या करने कदम उठा लिया। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने एक अन्य छात्र रॉकी से दलजौत का लैपटॉप और पैसे भी बरामद कर लिए हैं।
कैंडल मार्च करके दी श्रद्धांजलि
इधर छात्रा को श्रद्धांजलि देने का दिन भर सिलसिला चलता रहा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बुधवार को शोक सभा का आयोजन गर्ल्स होस्टल में किया। जिसमें कुलपति प्रोफेसर केसी शर्मा, रजिस्ट्रार डॉ. प्रवीण कुमार सैनी, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. अनिल वशिष्ठ, चीफ वार्डन प्रो. सुषमा शर्मा सहित सभी वार्डन और विद्यार्थियों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। शाम को इनसो ने कैंडल मार्च निकाल कर छात्रा को श्रद्धांजलि दी। इनसो कार्यकर्ताओं ने लाइब्रेरी से गल्र्स होस्टल के मुख्य गेट तक कैंडल मार्च निकाला। यहां दो मिनट कर मौन रख कर उसे श्रद्धांजलि दी। दिन में होस्टल की छात्राओं ने भी दलजौत की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा।