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खेतों में रास्ता बनाने को लेकर किसानों पर हमला, एक घायल

Thu, 05 Jan 2017 11:46 PM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला Updated Thu, 05 Jan 2017 11:46 PM IST
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खेत में चलाया ट्रैक्टर - फोटो : अमर उजाला

गांव जलबेहडा में जेसीबी मशीन द्वारा किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को रौंदते हुए रास्ते बनाने से रोकने पर ठेकेदारों ने किसानों पर लाठियों से हमला कर दिया। इसमें कुछ किसानों को चोटें भी आई। सूचना मिलते ही अतिरिक्त थाना प्रभारी जयनरायण शर्मा मौके पर पहुंच कर मामले को शांत किया।

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किसान संगत राम, बलदेव शर्मा, दीपचंद शर्मा, राजेश शर्मा, कृष्णचंद, महंत पूर्णनाथ, सुरेश सैनी, रामशरण आदि ने बताया कि पिछले दिनों माइनिंग विभाग द्वारा मारकंडा नदी की निशानदेही करवाने के लिए आए थे। ठसका मीरांजी व जलबेहडा के किसानों ने जमीन मलकियत देह बताते विरोध जताया था। जिस पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार चेतना चौधरी ने दोनों पक्षों की बैठक बुलाकर यह फैसला किया था कि निशानदेही के समय ना तो मौके पर किसान, न माइनिंग विभाग और न ठेकेदार होगा। निशानदेही के बाद मारकंडा नदी से दोनों ओर ढाई सौ मीटर तक माइनिंग विभाग व ठेकेेदार मिट्टी नहीं उठा सकते तथा उससे बाहर किसान की मंजूरी के बिना ठेकेदार व माइनिंग विभाग मिट्टी नहीं उठा सकेंगे। अगर किसान अपनी सहमति से मिट्टी उठवाना चाहते है तो माइनिंग विभाग व एक प्रशासनिक अधिकारी मौके पर होना आवश्यक है।
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किसानों ने आरोप लगाया कि दो ठेकेदारों ने वीरवार शाम को बलदेव सिंह व ईश्वर सिंह के खेत में अकेले ही जबरदस्ती गेहूं की फसल रौंदकर रास्ता बना लिया और उनकी फसल को काफी नुकसान पहुंचाया। जब ईश्वर सिंह ने इसका विरोध किया तो ठेकेदार व उसके आदमियों ने उस पर लाठियां बरसा दी जिससे ईश्वर शर्मा को गहरी चोट लगी।     
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 उधर, ठेकेदार हरदीप राणा ने कहा कि 2013 में हरदीप राणा एंड कंपनी के नाम से करीब 334 हेक्टेयर खसरा नंबर व मुरबा नंबर से माइनिंग विभाग ठेका लिया था। जमीन की निशानदेही लेने में कुछ समय लग गया। निशानदेही लेने का कार्य माइनिंग विभाग का था। केवल मारकंडा के नंबरों से ही मिट्टी उठान का कार्य कर सकते हैं। किसी किसान की जमीन से उसकी मर्जी के बिना मिट्टी नहीं उठा सकते। अगर उनके द्वारा किसी किसान की फसल को नुकसान होता है तो इसके नुकसान की भरपाई वे ही करेंगे। झगडे़ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वे उस समय मौके पर मौजूद नहीं थे। वे केवल मारकंडा नदी से मिट्टी उठाने के लिए रास्ता बना रहे हैं। मिट्टी उठाने का कार्य नहीं कर रहे थे। किसी किसान को नुकसान पहुंचाने की उनकी कोई मनसा नहीं है।   

        
क्या कहते है थाना प्रभारी      
अतिरिक्त थाना प्रभारी जयनारायण शर्मा कहा कि गांव जलबेडा में मारकंडा नदी के किनारे पर खेतों में रास्ते बनाने को लेकर ठेकेदार व किसानों के बीच झगड़ा हुआ है। इसमें एक किसान ईश्वर सिंह को गंभीर चोट आई है। दोनों पक्षों को थाना में बुला लिया गया है। इस मामले की वे खुद जांच कर रहे हैं। जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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