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पुलिस ने बिना अनुमति के कराया गुरबख्श के शव का पोस्टमार्टम, भड़के समाज ने किया ठोल-शाहाबाद रोड जाम
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:00 AM IST
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पुलिस ने बिना अनुमति के कराया गुरबख्श के शव का पोस्टमार्टम, भड़के समाज ने किया ठोल-शाहाबाद रोड जाम
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र/इस्माईलाबाद।
सजा पूरी कर चुके बंदी सिखों की रिहाई के लिए जान देने वाले गुरबख्श सिंह खालसा के शव का पुलिस ने बुधवार को पोस्टमार्टम करा दिया। पुलिस टीम सुबह नौ बजे उनके शव को लेकर गांव पहुंची तो परिजन और सिख समुदाय के लोग बिना उनकी अनुमति के शव का पोस्टमार्टम कराने पर बिफर गए। गुस्साए परिजनों और समुदाय के अन्य लोगों ने कुछ ही देर में ठोल-शाहबाद मार्ग जाम कर दिया। यह देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने जाम लगा रहे समुदाय के लोगों को मानने और शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी करने का प्रयास किया, लेकिन इसके लिए कोई नहीं माना। गुस्साए परिजनों ने गुरबख्श का शव तक लेने से इनकार कर दिया। साथ ही उन्होंने पुलिस प्रशासन को गुरबख्श सिंह की मौत का जिम्मेदार बताया। इस दौरान एडीसी ने आश्वासन दिया कि इस मामले से जुड़े पुलिस कर्मियों को सस्पेंड किया जाएगा और उन पर एफआईआर भी होगी। लेकिन, प्रदर्शनकारियों ने ऐलान कर दिया कि जब तक उन्हें ऑर्डर नहीं दिखाए जाएंगे, तब तक जाम नहीं खोलेंगे। इसके बाद प्रदर्शनकारी रात दस बजे तक यानी करीब 13 घंटे तक रोड पर जमे रहे।
सुबह पुलिस प्रशासन शव लेकर ठसकाली मोड़ पर पहुंचा तो शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखदेव सिंह गोविंदगढ़ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस प्रशासन बिना परिवार की अनुमति के पोस्टमार्टम कराकर शव को लेकर कैसे आया है। इसी दौरान गुरबख्श सिंह का बेटा जुझार सिंह भी वहां पहुंचकर सड़क पर बैठ गया। साथ ही सिख समुदाय के कवंलजीत अजराना प्रदेशाध्यक्ष सिख परिवार, हरभजन मसाना, मुकम सिंह अध्यक्ष यूनाइटेड दल, बीबी करतार कौर, स्वर्णजीत सौथा, परमजीत सिंह जीजेआनी, सतनाम मनावां, वासन सिंह जफरवाल, ध्यान सिंह मैड आदि सिख नेता भी मौके पर पहुंच गए। सिख समुदाय के भड़के और सड़क पर बैठने की जानकारी मिलते ही एसडीएम शाहबाद मारकंडा सतवीर कुंडु, डीएसपी पिहोवा धीरज कुमार, डीएसपी शाहबाद जगदीश राय, डीएसपी कुरुक्षेत्र गुरमेल सिंह, डीएसपी जितेंद्र, ड्यूटी मजिस्ट्रेट बीडीपीओ राजवीर सिंह सहित पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गए। सभी अधिकारियों ने सिख समुदाय और मृतक के परिजनों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी सड़क से हटने के लिए तैयार नहीं हुआ। मामला बिगड़ते देख पुलिस ने ठोल-शाहबाद मार्ग सहित आसपास के सभी रास्ते सील कर दिए। इस दौरान यातायात को वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया।
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‘बिना कमेटी के क्यों कराया पोस्टमार्टम’
गुस्साए परिजनों और सिख नेताओं का कहना था कि प्रशासन ने रात में गुरबख्श सिंह की मौत के बाद पांच सदस्यीय कमेटी गठित की थी। इसमें प्रशासन की ओर से एसडीएम शाहबाद मारकंडा सतवीर कुंडु, डीएसपी हेडक्वार्टर राज सिंह, बीडीपीओ पिहोवा प्रेम सिंह और सिख नेताओं की ओर सुखदेव सिंह, हरभजन सिंह को शामिल किया गया था। सिख संगत का आरोप था कि इस कमेटी और परिजनों को बुलाए बिना शव का पोस्टमार्टम कराना और उसे गांव ले आना गलत है। मृतक के पुत्र जुझार और पिता अजीत सिंह आदि ने कहा कि प्रशासन की वजह से ही गुरुबख्श सिंह की मौत हुई है। अब बिना किसी सुपुर्दगी के उनके शव को लेकर आना, उनके शव का अपमान है। घंटों बाद भी परिजन और सिख समुदाय के लोग जाम खोलने के लिए राजी नहीं हुए तो फिर से एक छह सदस्य कमेटी का गठन किया गया। इसमें मृतक के पुत्र जुझार सिंह, सुखदेव सिंह, दिलबाग सिंह गोराया, परमजीत सिंह जीजेआनी, हरभजन सिंह, जितेंद्र सिंह को शामिल किया गया। गठित कमेटी और एडीसी धर्मवीर सिंह आदि अधिकारियों की बैठक करीब दो घंटे चली। इसमें कमेटी ने मांग की कि घटना के दौरान मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों पर नाम सहित हत्या का मुकदमा दर्ज कराया जाए और संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाए। प्रशासन ने नाम सहित केस दर्ज करने पर असहमति जताते हुए बिना नाम के मामला दर्ज करने और संबंधित अधिकारियों को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा। इस पर देर शाम दोनों पक्षों में सहमति बन गई। इसके बाद प्रशासन ने शव मंगवाया तो सभी मौके पर ही एफआईआर की कॉपी और निलंबन के आदेश करने पर अड़ गए। इसके बाद मामला फिर गरमा गया। मामला बिगड़ते देख तीन सदस्यीय कमेटी फिर बनाई गई। इसमें कंवलजीत सिंह अजराना, सुखदेव सिंह, जसवीर खंडूर शामिल रहे। कमेटी के ये सदस्य मामला दर्ज कराने के लिए थाने गए। समाचार लिखे जाने तक देर रात तक शव का संस्कार नहीं किया गया था।
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मेरे पिता कर रहे थे शांतिपूर्ण अनशन : जुझार सिंह
मृतक के पुत्र जुझार सिंह ने कहा कि उसके पिता गुरबख्श सिंह पहले भी दो बार अनशन पर बैठ चुके थे। इस पर भी वे शांतिपूर्ण ढंग से अनशन पर बैठे थे। पुलिस प्रशासन की जल्दबाजी और लापरवाही के चलते उनके पिता की जान गई है। पुलिस दबाव के कारण ही उनके पिता ने ऐसा कदम उठाया है। वह सुबह अपने आप ही टंकी से उतरने की बात कह रहे थे।
गुरबख्श सिंह था तमाम सिख नेताओं के संपर्क में
सिख नेता कंवलजीत सिंह, सतनाम सिंह मनावां, सुखदेव सिंह गोबिंदगढ़, मुकम सिंह, परमजीत सिंह, बीबी करतार कौर, हरभजन सिंह, शरणजीत सौथा आदि सिख नेताओं ने कहा कि गुरबख्श सिंह तमाम सिख नेताओं के संपर्क में थे। टंकी से कूदने से पहले पुलिस प्रशासन उन पर दबाव बना रहा था। पुलिस सुबह तक इंतजार न कर टंकी का ताला तोड़ कर अंदर घुस गई। इससे क्षुब्ध होकर गुरबख्श सिंह ने टंकी से कूद कर जान दे दी।
डीसी और एसपी ने ठोल में डाला डेरा
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी कुरुक्षेत्र एसएस फुलिया और एसपी कुरुक्षेत्र अभिषेक गर्ग ने भी गांव ठोल के सरकारी स्कूल में डेरा डाले रखा। पहले डीसी और एसपी कुरुक्षेत्र मौके पर पहुंचने के लिए ठसकाली के निकट पहुंच रहे थे। बीच में ही उन्हें सूचना मिली कि एडीसी के साथ कमेटी की बात चल रही है। इस पर वह वापस चल दिए और गांव ठोल के सरकारी स्कूल में बैठकर मामले पर नजर रखे रहे।