{"_id":"5b6f35df4f1c1be5258b471d","slug":"171534014943-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेक बाऊंस होने पर आरोपी को कोर्ट ने सुनाई दो साल की सजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चेक बाऊंस होने पर आरोपी को कोर्ट ने सुनाई दो साल की सजा
Updated Sun, 12 Aug 2018 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चेक बाउंस होने पर आरोपी को कोर्ट ने सुनाई दो साल की सजा
- आरोपी को चेक की राशी 12 लाख रुपए दोगुनी देने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
लाडवा। चेक बाउंस होने के एक मामले में न्यायालय ने संबंधित व्यक्ति को दो साल की कैद और चेक राशि 12 लाख रुपए के दोगुनी रकम देने के आदेश दिए है। कंपनसेशन की राशि का भुगतान न होने पर आरोपी को छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। गांव बपदी निवासी चंद्रपाल ने बताया कि उसके भाई राज सिंह की लाडवा अनाजमंडी में आढ़त की दुकान है, जिसपर गांव बपदी का ही निवासी राजेश कुमार मुनीम का काम करता था। राजेश कुमार और उसके पिता सूरता सिंह ने उससे 31 दिसंबर 2015 को मकान बनाने के लिए 12 लाख रुपए 2 प्रतिशत प्रतिमाह के ब्याज पर लिए थे। राजेश कुमार व सूरता सिंह ने 31 मार्च 2016 तक ब्याज की राशि तो उसे दी, लेकिन राजेश ने उसके भाई की दुकान पर मुनीम की नौकरी छोड़ दी और रुपए देने से मना कर दिया। इसके बाद उसने गांव में पचांयत की, जिसके बाद राजेश कुमार ने उसे 26 दिसंबर 2016 को 12 लाख रुपए का एक चेक दिया, जोकि यूनियन बैंक का था। यह चेक अगले दिन बैंक में लगाने पर खाते में पर्याप्त पैसे न होने की वजह से बाउंस हो गया। चंद्रपाल ने बताया कि इसके बाद राजेश कुमार को लीगल नोटिस भेजा गया और न्यायालय में राजेश और उसके पिता सूरता सिंह के खिलाफ केस डाल दिया। इस केस में न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को चेक बाउंस के मामले में दोषी माना तथा दो साल कारावास की सजा सुनाई और चेक की राशी 12 लाख रुपए की दोगुनी राशि मुआवजे के तौर पर याचिकाकर्ता को देने के निर्देश दिए। छह माह तक मुआवजे की राशि न देने की सूरत में आरोपी को छह माह की अतिरिक्त सजा काटने होगी।
विज्ञापन
- आरोपी को चेक की राशी 12 लाख रुपए दोगुनी देने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
लाडवा। चेक बाउंस होने के एक मामले में न्यायालय ने संबंधित व्यक्ति को दो साल की कैद और चेक राशि 12 लाख रुपए के दोगुनी रकम देने के आदेश दिए है। कंपनसेशन की राशि का भुगतान न होने पर आरोपी को छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। गांव बपदी निवासी चंद्रपाल ने बताया कि उसके भाई राज सिंह की लाडवा अनाजमंडी में आढ़त की दुकान है, जिसपर गांव बपदी का ही निवासी राजेश कुमार मुनीम का काम करता था। राजेश कुमार और उसके पिता सूरता सिंह ने उससे 31 दिसंबर 2015 को मकान बनाने के लिए 12 लाख रुपए 2 प्रतिशत प्रतिमाह के ब्याज पर लिए थे। राजेश कुमार व सूरता सिंह ने 31 मार्च 2016 तक ब्याज की राशि तो उसे दी, लेकिन राजेश ने उसके भाई की दुकान पर मुनीम की नौकरी छोड़ दी और रुपए देने से मना कर दिया। इसके बाद उसने गांव में पचांयत की, जिसके बाद राजेश कुमार ने उसे 26 दिसंबर 2016 को 12 लाख रुपए का एक चेक दिया, जोकि यूनियन बैंक का था। यह चेक अगले दिन बैंक में लगाने पर खाते में पर्याप्त पैसे न होने की वजह से बाउंस हो गया। चंद्रपाल ने बताया कि इसके बाद राजेश कुमार को लीगल नोटिस भेजा गया और न्यायालय में राजेश और उसके पिता सूरता सिंह के खिलाफ केस डाल दिया। इस केस में न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को चेक बाउंस के मामले में दोषी माना तथा दो साल कारावास की सजा सुनाई और चेक की राशी 12 लाख रुपए की दोगुनी राशि मुआवजे के तौर पर याचिकाकर्ता को देने के निर्देश दिए। छह माह तक मुआवजे की राशि न देने की सूरत में आरोपी को छह माह की अतिरिक्त सजा काटने होगी।