{"_id":"5b6602b44f1c1b572f8b844e","slug":"141533412020-kurukshetra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जाट धर्मशाला एवं सभा की चौधर का विवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जाट धर्मशाला एवं सभा की चौधर का विवाद
Updated Sat, 18 Aug 2018 12:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो 31 से 39
जाट धर्मशाला एवं सभा की चौधर का विवाद
- तनावपूर्ण माहौल में पांच घंटे तक आमने-सामने रहे दोनों गुट
- प्रशासन के समक्ष ही कई बार हुए आपसी झड़प के हालात
- प्रशासक व अन्य अधिकारियों पर नहीं संभला मामला तो डीसी व एसपी ने हालात को किया काबू
- अंग्रेज सिंह गुट को किया धर्मशाला से बाहर तो कर्मवीर गुट के युवाओं को भी निकाला
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाला एवं सभा की चौधर के विवाद के चलते शुक्रवार को धर्मशाला में करीब सात घंटे तक माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा। कई घंटे दोनों गुट आमने-सामने रहे। आपसी झड़प के हालात भी बनते रहे। प्रशासक से लेेकर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की सांसें फूली रहीं और जब हालात काबू नहीं आए तो डीसी डॉ. एसएस फुलिया व एसपी सुरेंद्र पाल सिंह को मोर्चा संभालना पड़ा। दोनों गुटों के साथ बातचीत के बाद धर्मशाला पूरी तरह से खाली कराने पर सहमति बनी। इसके बाद अंग्रेज सिंह गुट के साथ कर्मवीर गुट के युवाओं को भी बाहर कर दिया गया। अंग्रेज गुट की मांग के बावजूद प्रशासन देर रात तक धरना नहीं हटवा सका।
पूर्व प्रधान अंग्रेज सिंह की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार धर्मशाला में प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई इस बैठक में सैकड़ों लोग पहुंचे, जिनके समक्ष अंग्रेज सिंह ने अपने करीब तीन माह के कार्यकाल का ब्योरा रखा। वहीं कर्मवीर घराड़सी के नेतृत्व में बनाई गई कमेटी पर गंभीर आरोप लगाते कहा कि ये लोग धर्मशाला का माहौल खराब करने पर तुले हैं, जिन्हें बाहर किया जाना जरूरी है। एक घंट तक चली बैठक के बाद सभी लोग मुख्य गेट के समीप ही बने कार्यालय पर पहुंच गए, जिसके चलते दोनों गुट आमने-सामने हो गए और हालात तनावपूर्ण बन गए। मौके पर तैनात पुलिस बल ने बचाव किया तो अंग्रेज गुट ने कार्यालय के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तो कर्मवीर गुट को बाहर करने की मांग की तो वहीं कर्मवीर गुट बाहर न जाने पर अड़ गया। उन्हें प्रशासक एवं एसडीएम अनिल यादव, शाहाबाद एसडीएम सतबीर कुंडू, डीएसपी गुरमेल सिंह ने समझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन दोनों गुट अपनी-अपनी मांग पर अड़े रहे। इसी बीच आपसी मारपीट जैसे हालात तभी बने और युवा बिंडे व रॉड लहराने लगे तो दोपहर बाद करीब तीन बजे डीसी व एसपी मौके पर पहुंचे। इसके बाद दोनों पक्षों से बातचीत की गई तो धर्मशाला खाली कराए जाने पर सहमति बनी। इस पर अंग्रेज सिंह गुट को बाहर किया गया तो कर्मवीर गुट के युवाओं को भी धर्मशाला से निकाल दिया गया।
तीन घंटे तक डीसी व एसपी रहे तैनात तो कमरे भी खंगाले
मामले को लेकर डीसी व एसपी दोपहर बाद तीन बजे से लेकर शाम करीब छह बजे तक भारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे। वहीं दोनों गुटों से धर्मशाला को खाली कराने के चलते सर्च अभियान भी चलाया। अनेकों कमरों में भारी संख्या में युवा मिले, जिन्हें बाहर कर दिया गया। करीब दो घंटे कार्रवाई चली। डीसी व एसपी भी धर्मशाला के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र का दौरा करते रहे।
विज्ञापन
हाथों में बिंडे लहराते रहे युवा, प्रशासन खड़ा देखता रहा
धर्मशाला खाली कराए जाने के दौरान चलाए सर्च अभियान में पुलिस को भारी मात्रा में डंडे, बिंडे व ईंटें मिलीं। दर्जनों युवा हाथों में ये बिंडे, रॉड व डंडे लहराते रहे, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।
शनिवार को डीसी के साथ होगी दोनों गुटों की बैठक
शनिवार को दोनों गुटों की बैठक डीसी डॉ. एसएस फुलिया के साथ होगी। दोनों गुटों के साथ बातचीत के बाद इसके लिए सहमति बनी। इस बैठक में दोनों गुटों से 11-11 सदस्य शामिल होंगे। बैठक में मामले को निपटाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
शांति व सहमति बनाए जाने के किए गए प्रयास : डीसी
डीसी डॉ. एसएस फुलिया व एसपी सुरेंद्र पाल सिंह का कहना है कि प्रशासन ने प्रयास किए है कि हालात शांतिपूर्ण बने रहें और आपसी विवाद को सहमति से निपटाया जा सके, इसके लिए जो कार्रवाई की जानी चाहिए थी, प्रशासन ने वही की है।
चुनाव के लिए सूची जारी होने तक धरना रहेगा जारी, 19 को बैठक भी होगी : कर्मवीर
नई कार्यकारिणी के प्रधान कर्मवीर घराड़सी का कहना है कि उनकी मांग चुनाव के लिए मतदाता सूची जारी किए जाने की है। जब तक यह मांग पूरी नहीं होती तब तक धरना जारी रहेगा। इससे पहले धरना नहीं हटाया जाएगा। 19 अगस्त को समाज की प्रदेश स्तरीय बैठक होगी। इस बैठक में पूरे मामले पर चर्चा की जाएगी और बड़ा निर्णय लिया जाएगा।
27 दिनों से बने प्रशासक, कुछ नहीं कर सके : कर्मवीर गुट
डीसी व एसपी धर्मशाला पहुंचे तो उनके समक्ष दोनों ही गुटों ने प्रशासक पर जमकर गुस्सा जाहिर किया। दोनों ही गुटों ने आरोप लगाए कि 27 दिनों से एसडीएम अनिल यादव को प्रशासक बनाया हुआ है, लेकिन आज तक वे कोई भी कार्रवाई नहीं कर सके। जो हालात आज बने हैं, उसके जिम्मेदार प्रशासक ही हैं। वे न तो माहौल बेहतर बना पाए और न ही चुनाव प्रक्रिया ही शुरू करवा सके हैं।
पहले हालात समान्य मानते रहे फिर अधिकारियों की फूल गईं सांसें
20 जुलाई से शुरू हुए विवाद के बावजूद एक गुट द्वारा धर्मशाला में प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया जबकि दूसरा गुट भी पहले से ही जमा था। ऐसे हालात के बावजूद पुलिस व सामान्य प्रशासन हालात को सामान्य लेता रहा। हालांकि पुलिस बल तैनात किया गया, लेकिन चौकसी दिखाई नहीं दी और न ही पुख्ता प्रबंध थे। जब कई बार आपसी झड़प तक होने की स्थिति बनी तो अधिकारियों की सांसें फूल गईं। प्रशासक डीसी व एसपी को हालात की जानकारी देते रहे, जिसके बाद करीब तीन बजे एसपी व डीसी पहुंचे तो बिगड़ते हालात पर काबू पाने के लिए पुख्ता प्रबंध भी किए गए। इसके बाद ही स्थिति संभल पाई।
कर्मवीर गुट का नहीं हटा धरना तो अंग्रेज गुट ने बाहर शुरू किया धरना
प्रशासन कर्मवीर गुट का 20 जुलाई से चल रहा धरना प्रशासन नहीं हटा सका, जिसके विरोध में अंग्रेज गुट ने भी देर शाम धर्मशाला के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। उन्होंने जमकर नारेबाजी की तो शनिवार को प्रशासन द्वारा बुलाई गई बैठक का भी बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया। अंग्रेज सिंह ने कहा कि जब तक प्रशासन दूसरे गुट को धर्मशाला से बाहर नहीं निकालेगा, धरना जारी रहेगा।
विज्ञापन
जाट धर्मशाला एवं सभा की चौधर का विवाद
- तनावपूर्ण माहौल में पांच घंटे तक आमने-सामने रहे दोनों गुट
- प्रशासन के समक्ष ही कई बार हुए आपसी झड़प के हालात
- प्रशासक व अन्य अधिकारियों पर नहीं संभला मामला तो डीसी व एसपी ने हालात को किया काबू
- अंग्रेज सिंह गुट को किया धर्मशाला से बाहर तो कर्मवीर गुट के युवाओं को भी निकाला
अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाला एवं सभा की चौधर के विवाद के चलते शुक्रवार को धर्मशाला में करीब सात घंटे तक माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा। कई घंटे दोनों गुट आमने-सामने रहे। आपसी झड़प के हालात भी बनते रहे। प्रशासक से लेेकर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की सांसें फूली रहीं और जब हालात काबू नहीं आए तो डीसी डॉ. एसएस फुलिया व एसपी सुरेंद्र पाल सिंह को मोर्चा संभालना पड़ा। दोनों गुटों के साथ बातचीत के बाद धर्मशाला पूरी तरह से खाली कराने पर सहमति बनी। इसके बाद अंग्रेज सिंह गुट के साथ कर्मवीर गुट के युवाओं को भी बाहर कर दिया गया। अंग्रेज गुट की मांग के बावजूद प्रशासन देर रात तक धरना नहीं हटवा सका।
पूर्व प्रधान अंग्रेज सिंह की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार धर्मशाला में प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। सुबह करीब 10 बजे शुरू हुई इस बैठक में सैकड़ों लोग पहुंचे, जिनके समक्ष अंग्रेज सिंह ने अपने करीब तीन माह के कार्यकाल का ब्योरा रखा। वहीं कर्मवीर घराड़सी के नेतृत्व में बनाई गई कमेटी पर गंभीर आरोप लगाते कहा कि ये लोग धर्मशाला का माहौल खराब करने पर तुले हैं, जिन्हें बाहर किया जाना जरूरी है। एक घंट तक चली बैठक के बाद सभी लोग मुख्य गेट के समीप ही बने कार्यालय पर पहुंच गए, जिसके चलते दोनों गुट आमने-सामने हो गए और हालात तनावपूर्ण बन गए। मौके पर तैनात पुलिस बल ने बचाव किया तो अंग्रेज गुट ने कार्यालय के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तो कर्मवीर गुट को बाहर करने की मांग की तो वहीं कर्मवीर गुट बाहर न जाने पर अड़ गया। उन्हें प्रशासक एवं एसडीएम अनिल यादव, शाहाबाद एसडीएम सतबीर कुंडू, डीएसपी गुरमेल सिंह ने समझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन दोनों गुट अपनी-अपनी मांग पर अड़े रहे। इसी बीच आपसी मारपीट जैसे हालात तभी बने और युवा बिंडे व रॉड लहराने लगे तो दोपहर बाद करीब तीन बजे डीसी व एसपी मौके पर पहुंचे। इसके बाद दोनों पक्षों से बातचीत की गई तो धर्मशाला खाली कराए जाने पर सहमति बनी। इस पर अंग्रेज सिंह गुट को बाहर किया गया तो कर्मवीर गुट के युवाओं को भी धर्मशाला से निकाल दिया गया।
विज्ञापन
तीन घंटे तक डीसी व एसपी रहे तैनात तो कमरे भी खंगाले
मामले को लेकर डीसी व एसपी दोपहर बाद तीन बजे से लेकर शाम करीब छह बजे तक भारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे। वहीं दोनों गुटों से धर्मशाला को खाली कराने के चलते सर्च अभियान भी चलाया। अनेकों कमरों में भारी संख्या में युवा मिले, जिन्हें बाहर कर दिया गया। करीब दो घंटे कार्रवाई चली। डीसी व एसपी भी धर्मशाला के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र का दौरा करते रहे।
विज्ञापन
हाथों में बिंडे लहराते रहे युवा, प्रशासन खड़ा देखता रहा
धर्मशाला खाली कराए जाने के दौरान चलाए सर्च अभियान में पुलिस को भारी मात्रा में डंडे, बिंडे व ईंटें मिलीं। दर्जनों युवा हाथों में ये बिंडे, रॉड व डंडे लहराते रहे, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।
शनिवार को डीसी के साथ होगी दोनों गुटों की बैठक
शनिवार को दोनों गुटों की बैठक डीसी डॉ. एसएस फुलिया के साथ होगी। दोनों गुटों के साथ बातचीत के बाद इसके लिए सहमति बनी। इस बैठक में दोनों गुटों से 11-11 सदस्य शामिल होंगे। बैठक में मामले को निपटाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
शांति व सहमति बनाए जाने के किए गए प्रयास : डीसी
डीसी डॉ. एसएस फुलिया व एसपी सुरेंद्र पाल सिंह का कहना है कि प्रशासन ने प्रयास किए है कि हालात शांतिपूर्ण बने रहें और आपसी विवाद को सहमति से निपटाया जा सके, इसके लिए जो कार्रवाई की जानी चाहिए थी, प्रशासन ने वही की है।
चुनाव के लिए सूची जारी होने तक धरना रहेगा जारी, 19 को बैठक भी होगी : कर्मवीर
नई कार्यकारिणी के प्रधान कर्मवीर घराड़सी का कहना है कि उनकी मांग चुनाव के लिए मतदाता सूची जारी किए जाने की है। जब तक यह मांग पूरी नहीं होती तब तक धरना जारी रहेगा। इससे पहले धरना नहीं हटाया जाएगा। 19 अगस्त को समाज की प्रदेश स्तरीय बैठक होगी। इस बैठक में पूरे मामले पर चर्चा की जाएगी और बड़ा निर्णय लिया जाएगा।
27 दिनों से बने प्रशासक, कुछ नहीं कर सके : कर्मवीर गुट
डीसी व एसपी धर्मशाला पहुंचे तो उनके समक्ष दोनों ही गुटों ने प्रशासक पर जमकर गुस्सा जाहिर किया। दोनों ही गुटों ने आरोप लगाए कि 27 दिनों से एसडीएम अनिल यादव को प्रशासक बनाया हुआ है, लेकिन आज तक वे कोई भी कार्रवाई नहीं कर सके। जो हालात आज बने हैं, उसके जिम्मेदार प्रशासक ही हैं। वे न तो माहौल बेहतर बना पाए और न ही चुनाव प्रक्रिया ही शुरू करवा सके हैं।
पहले हालात समान्य मानते रहे फिर अधिकारियों की फूल गईं सांसें
20 जुलाई से शुरू हुए विवाद के बावजूद एक गुट द्वारा धर्मशाला में प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया जबकि दूसरा गुट भी पहले से ही जमा था। ऐसे हालात के बावजूद पुलिस व सामान्य प्रशासन हालात को सामान्य लेता रहा। हालांकि पुलिस बल तैनात किया गया, लेकिन चौकसी दिखाई नहीं दी और न ही पुख्ता प्रबंध थे। जब कई बार आपसी झड़प तक होने की स्थिति बनी तो अधिकारियों की सांसें फूल गईं। प्रशासक डीसी व एसपी को हालात की जानकारी देते रहे, जिसके बाद करीब तीन बजे एसपी व डीसी पहुंचे तो बिगड़ते हालात पर काबू पाने के लिए पुख्ता प्रबंध भी किए गए। इसके बाद ही स्थिति संभल पाई।
कर्मवीर गुट का नहीं हटा धरना तो अंग्रेज गुट ने बाहर शुरू किया धरना
प्रशासन कर्मवीर गुट का 20 जुलाई से चल रहा धरना प्रशासन नहीं हटा सका, जिसके विरोध में अंग्रेज गुट ने भी देर शाम धर्मशाला के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। उन्होंने जमकर नारेबाजी की तो शनिवार को प्रशासन द्वारा बुलाई गई बैठक का भी बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया। अंग्रेज सिंह ने कहा कि जब तक प्रशासन दूसरे गुट को धर्मशाला से बाहर नहीं निकालेगा, धरना जारी रहेगा।