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ऑनलाइन काम देकर पूरा न होने का झांसा देकर 187676 लाख की ठगी का आरोपी काबू
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छह महीने पहले एक युवती को कांट्रेक्ट बेस पर ऑनलाइन काम देकर काम पूरा न होने पर डरा धमका कर लाख 87 हजार 676 की ठगने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी शुभम खिडबाड़े वासी ठाकुरद्वारा पालनपुर थाना जकात नाका जिला सूरत (गुजरात) के कब्जे से एक लैपटॉप, एक पेन ड्राइव और 10 हजार रुपये बरामद करके सात दिन के रिमांड पर लिया है।
डीएसपी सुभाष चंद्र ने बताया कि 21 जनवरी को नवनीत वासी लोटस ग्रीन सिटी सेक्टर-9 ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी बेटी 10 नवंबर 2020 को एक महिला का फोन आया था, जिसने उसकी बेटी को ऑनलाइन काम करने का ऑफर दिया था। ऑफर के अनुसार उसे जॉब वर्क के लिए 420 फार्म भरने थे, उसमें 378 फार्म ठीक भरने पर करीब 12 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया था। उसने यह भी बताया कि उसे जॉब वर्क के लिए किसी प्रकार की रजिस्ट्रेशन फीस नहीं देनी होगी। इसके लिए कंपनी की ओर से उसकी बेटी को मेल पर भेज कर एक कांट्रेक्ट फार्म भरवाया था। उसी दिन कंपनी से रजिस्ट्रेशन के लिए एक मेल आ गया था। कांट्रेक्ट के अनुसार पहला जॉब वर्क अगले दिन 11 नवंबर को शुरू करना था तथा 14 नवंबर तक पूरा करके देना था। उसकी बेटी ने निर्धारित समय चार दिन में सभी फार्म कंप्लीट करके कंपनी को भेज दिए थे। 15 नवंबर को कंपनी ने उसकी बेटी को बताया गया कि उसके भेजे गए काम में 320 फार्म का काम ठीक है, इसलिए वह अपने जॉब वर्क को पूरा करने में असफल रही है। उसके बाद उसकी बेटी के पास एक मेल आई जिसमें उस पर कांट्रेक्ट तोड़ने का आरोप लगाकर 97 हजार 899 रुपये की मांग की गई थी। राशि न देने की सूरत में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए औरंगाबाद बुलाने की धमकी दी थी।
दिनांक 30 नवंबर को उसकी बेटी के पास दूसरी ईमेल आई। उसके बाद राजीव कुमार व हर्ष झा नाम के व्यक्तियों ने अलग-अलग नंबरों से फोन करके उसकी बेटी को झूठे कोर्ट केस में फंसाने के बहाने, केस को कैंसल कराने और अदालत के केस के पेपर रिलीज कराने के नाम पर एक लाख 87 हजार 676 की राशि ठग ली थी। आरोपी उसके बाद भी पैसों की मांग कर रहे थे। घटना से उसकी बेटी काफी डरी हुई थी। उसकी बेटी ने उसे पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत पर थाना शहर थानेसर में मामला दर्ज करके जांच साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट को सौंपी थी। जांच करते हुए टीम ने 05 जुलाई शुभम खिडबाड़े को गिरफ्तार करके उसके कब्जे से एक लैपटॉप, एक पेन ड्राइव व 10 हजार रुपये नकदी बरामद करके सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
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डीएसपी सुभाष चंद्र ने बताया कि 21 जनवरी को नवनीत वासी लोटस ग्रीन सिटी सेक्टर-9 ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी बेटी 10 नवंबर 2020 को एक महिला का फोन आया था, जिसने उसकी बेटी को ऑनलाइन काम करने का ऑफर दिया था। ऑफर के अनुसार उसे जॉब वर्क के लिए 420 फार्म भरने थे, उसमें 378 फार्म ठीक भरने पर करीब 12 हजार रुपये देने का आश्वासन दिया था। उसने यह भी बताया कि उसे जॉब वर्क के लिए किसी प्रकार की रजिस्ट्रेशन फीस नहीं देनी होगी। इसके लिए कंपनी की ओर से उसकी बेटी को मेल पर भेज कर एक कांट्रेक्ट फार्म भरवाया था। उसी दिन कंपनी से रजिस्ट्रेशन के लिए एक मेल आ गया था। कांट्रेक्ट के अनुसार पहला जॉब वर्क अगले दिन 11 नवंबर को शुरू करना था तथा 14 नवंबर तक पूरा करके देना था। उसकी बेटी ने निर्धारित समय चार दिन में सभी फार्म कंप्लीट करके कंपनी को भेज दिए थे। 15 नवंबर को कंपनी ने उसकी बेटी को बताया गया कि उसके भेजे गए काम में 320 फार्म का काम ठीक है, इसलिए वह अपने जॉब वर्क को पूरा करने में असफल रही है। उसके बाद उसकी बेटी के पास एक मेल आई जिसमें उस पर कांट्रेक्ट तोड़ने का आरोप लगाकर 97 हजार 899 रुपये की मांग की गई थी। राशि न देने की सूरत में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए औरंगाबाद बुलाने की धमकी दी थी।
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दिनांक 30 नवंबर को उसकी बेटी के पास दूसरी ईमेल आई। उसके बाद राजीव कुमार व हर्ष झा नाम के व्यक्तियों ने अलग-अलग नंबरों से फोन करके उसकी बेटी को झूठे कोर्ट केस में फंसाने के बहाने, केस को कैंसल कराने और अदालत के केस के पेपर रिलीज कराने के नाम पर एक लाख 87 हजार 676 की राशि ठग ली थी। आरोपी उसके बाद भी पैसों की मांग कर रहे थे। घटना से उसकी बेटी काफी डरी हुई थी। उसकी बेटी ने उसे पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत पर थाना शहर थानेसर में मामला दर्ज करके जांच साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट को सौंपी थी। जांच करते हुए टीम ने 05 जुलाई शुभम खिडबाड़े को गिरफ्तार करके उसके कब्जे से एक लैपटॉप, एक पेन ड्राइव व 10 हजार रुपये नकदी बरामद करके सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
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