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Kurukshetra News: एनआईटी में बैन हुए क्रेडिट कार्ड, प्रशासन ने कंपनियों को लिखा पत्र

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Apr 2026 02:14 AM IST
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Credit cards banned in NIT, administration writes to companies
कुरुक्षेत्र। एनआईटी में बीते दो महीने में चार छात्रों में आत्महत्या के बाद अब एनआईटी प्रशासन सख्ती की भी तैयारी में है। संस्थान में क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करवाने वाली कंपनियों को बैन कर दिया गया है। कंपनियों को पत्र लिखा गया हैं कि वे संस्थान में क्रेडिट कार्ड नहीं दे सकते हैं।
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एनआईटी में क्रेडिट कार्ड बनाने वाली कई कंपनियां सक्रिय थीं, जिसमें सबसे ज्यादा आईसीआईसी बैंक के क्रेडिट कार्ड छात्रों के पास उपलब्ध थे। ये कंपनिया छात्रों को उनके संस्थान के आईडी कार्ड पर और कम सिबिल स्कोर पर भी क्रेडिट कार्ड उपलब्ध करवा देती थीं। जिसके बाद कई छात्र उस पैसे से गेमिंग जैसी ऐप या अन्य नाजायज खर्चों पर इस्तेमाल करते थे। जिसको लेकर छात्रों पर अतिरिक्त पैसे का बोझ बढ़ जाता था, जिससे वे समय पर पूरा न करने पर स्ट्रेस में आ जाते है। वहीं अभिभावकों पर भी इसका अतिरिक्त बोझ बढ़ता हैं।
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एनआईटी परिसर में हुई हर आत्महत्या के बाद कोई न कोई कारण सामने आया है, जिसमें 31 मार्च को हुई नूंह के रहने वाले पवन की आत्महत्या में क्रेडिट कार्ड से पेमेंट, गेमिंग का मामला सामने आया था। पवन के पिता ने भी मीडिया में बयान दिया था कि उन्होंने जनवरी माह में करीब 75 हजार देकर क्रेडिट कार्ड की लिमिट भरी थी। उससे पहले भी वह अपने बेटे को क्रेडिट कार्ड की लिमिट भरने को लेकर पैसे दे चुके थे। ऐसे ही कई मामले थे जो क्रेडिट कार्ड को लेकर सामने आए थे। इन कंपनियों में कई बैंक भी शामिल हैं, जिनको एनआईटी निदेशक के द्वारा आदेश दिया गया है। यह गेमिंग, छात्रों को जल्दी उपलब्ध होने वाले पैसे आदि पर कड़ा प्रहार माना जा रहा है।
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छात्रों को लेकर पूरी तरह से संजीदा : निदेशक

निदेशक का कार्यभार संभाल रहे प्रो ब्रह्मजीत ने जानकारी देते हुए बताया कि हम छात्रों की सुरक्षा को लेकर संजीदा हैं। इसको लेकर हम हर संभव प्रयास कर रहे है। इसके लिए संस्थान ने जो पिछले साल योग का जो कोर्स शुरू किया था, उसमें इस साल ज्यादा से ज्यादा छात्रों को शामिल करेंगे। वहीं इस वर्ष भी छात्रों का गीता पढ़ाने की तरफ भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा, ताकि वे अध्यात्म की तरफ जाकर अपने आप को शांत रख सकें।
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