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तीन साल में मिला इंसाफ: नाबालिग से किया था दुष्कर्म, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई ये सजा
Wed, 20 Aug 2025 09:54 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Wed, 20 Aug 2025 09:54 PM IST
सार
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग लड़की को घर से बहलाकर ले जाने व उससे दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी ठहराया है और उसे सजा दी है। 30 अगस्त 2022 की यह घटना है।
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arrested, arrest demo
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग लड़की को घर से बहलाकर ले जाने व उससे दुष्कर्म करने के आरोपी को दोषी ठहराया है। दोषी को कोर्ट ने 20 साल के कठोर कारावास व 45 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी वीरेंद्र उर्फ भीरू यूपी के बरेली जिला का रहने वाला है।
कोर्ट ने यह फैसला 30 अगस्त 2022 को थाना सदर पिहोवा में दर्ज एक मामले में सुनाया है, जिसमें शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि उनका परिवार सदर थाना क्षेत्र के एक गांव में ईंट भट्टे पर काम करता है। उसी भट्टे पर वीरेंद्र उर्फ भीरू भी काम करता है। उनकी आपस में जान पहचान है। 29 अगस्त को उनकी नाबालिग लड़की, जो 15 वर्ष की थी, उसे भीरू घर से बहला -फुसला कर अपने साथ ले गया।
शिकायत पर थाना सदर पिहोवा में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करके जांच अमल में लाई गई। जांच के दौरान गुमशुदा लड़की को दस्तयाब किया गया और मेडिकल करवाया गया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के आदेश से कारागार भेज दिया गया था। अब कोर्ट ने भीरू को दोषी करार देते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 4 (2) के तहत 20 साल कठोर कारावास व 45 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। इसके साथ आईपीसी की कई अन्य धाराओं के तहत भी कठोर कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ ही चलेगी।
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कोर्ट ने यह फैसला 30 अगस्त 2022 को थाना सदर पिहोवा में दर्ज एक मामले में सुनाया है, जिसमें शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि उनका परिवार सदर थाना क्षेत्र के एक गांव में ईंट भट्टे पर काम करता है। उसी भट्टे पर वीरेंद्र उर्फ भीरू भी काम करता है। उनकी आपस में जान पहचान है। 29 अगस्त को उनकी नाबालिग लड़की, जो 15 वर्ष की थी, उसे भीरू घर से बहला -फुसला कर अपने साथ ले गया।
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शिकायत पर थाना सदर पिहोवा में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करके जांच अमल में लाई गई। जांच के दौरान गुमशुदा लड़की को दस्तयाब किया गया और मेडिकल करवाया गया, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के आदेश से कारागार भेज दिया गया था। अब कोर्ट ने भीरू को दोषी करार देते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 4 (2) के तहत 20 साल कठोर कारावास व 45 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। इसके साथ आईपीसी की कई अन्य धाराओं के तहत भी कठोर कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ ही चलेगी।
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