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पाबंदी के कारण बाजारों से गायब हुई होली की रंगत
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कोरोना के कारण होली के सार्वजनिक स्थानों पर होली की पाबंदी के कारण बाजारों से भी रंगत गायब हो गई है। रविवार को दिन में होलिका पूजन के बाद रात को कुछ जगह होलिका दहन किया गया। दिन में महिलाओं ने अपने पुत्रों की लंबी आयु की कामना के लिए व्रत रख मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना की गई। उसके पश्चात बच्चों के लिए फलों, डाई फ्रूट व अन्य खाद्य सामग्री से बनी मालाएं बनाई तथा बच्चों को पहना कर उनकी लंबी आयु की कामना भी की गई। होली के पर्व पर लोगों ने ब्राह्मणों व बुजुर्गों को दान भी किया। पिहोवा रोड स्थित दुर्गा मंदिर के पुजारी रविंद्र ने बताया कि दिन के समय महिलाओं ने होलिका की पूजा अर्चना की वहीं रात के समय कोविड-19 गाइडलाइन की पालना करते हुए होलिका दहन किया गया। शहर में शांति नगर, दिदार नगर, गोशाला बाजार, शास्त्री मार्केट, पटेल नगर, साधू मंडी सहित कई जगह होलिका जलाई गई। वहीं शहरवासियों का कहना है कि कोरोना का ग्रहण अभी भी बना हुआ है। त्योहार से पूर्व न तो ग्रामीण क्षेत्रों से लोग बाजार पहुंचे और न ही शहर के लोगों ने कोई रुचि दिखाई।
सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह ने कहा कि सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा प्रभारियों को होली के दौरान इमरजेंसी उपचार के विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। 24 घंटे डॉक्टर व पारा मेडिकल स्टाफ मुस्तैद रहेंगे। सामान्यत: आंखों आदि में रंग पड़ने के मामले ज्यादा पहुंचते हैं। उसके उपचार की व्यवस्था भी रखने को कहा गया है। रेफर करने की स्थिति में रोगियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस रहेगी।
एलएनजेपी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र ममगाईं ने कहा कि रंगों का त्योहार होली में भी केमिकल की मिलावट हो चुकी है। इस समय बाजार में जो रंग बिक रहे हैं, उनमें अधिकतर केमिकल के इस्तेमाल से बने हैं, जिनसे आंखों की रोशनी जाने के अलावा त्वचा कैंसर तक हो सकता है। कुछ सालों से बाजार में ऐसे भी रंग बिक रहे हैं, जिनमें कांच का चूरा तक पाया जाता है। ऐसे में जरूरी है कि होली के रंग खरीदते समय व इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां बरती जानी चाहिए।
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सीएमओ डॉ. सुखबीर सिंह ने कहा कि सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा प्रभारियों को होली के दौरान इमरजेंसी उपचार के विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। 24 घंटे डॉक्टर व पारा मेडिकल स्टाफ मुस्तैद रहेंगे। सामान्यत: आंखों आदि में रंग पड़ने के मामले ज्यादा पहुंचते हैं। उसके उपचार की व्यवस्था भी रखने को कहा गया है। रेफर करने की स्थिति में रोगियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस रहेगी।
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एलएनजेपी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र ममगाईं ने कहा कि रंगों का त्योहार होली में भी केमिकल की मिलावट हो चुकी है। इस समय बाजार में जो रंग बिक रहे हैं, उनमें अधिकतर केमिकल के इस्तेमाल से बने हैं, जिनसे आंखों की रोशनी जाने के अलावा त्वचा कैंसर तक हो सकता है। कुछ सालों से बाजार में ऐसे भी रंग बिक रहे हैं, जिनमें कांच का चूरा तक पाया जाता है। ऐसे में जरूरी है कि होली के रंग खरीदते समय व इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां बरती जानी चाहिए।
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