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नई शिक्षा नीति को क्रियान्वयन करने में दिया जाएगा सहयोग : प्रो. वशिष्ठ
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कुरुक्षेत्र।प्रो. अनिल वशिष्ठ।
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कुरुक्षेत्र। केयू की ओर से संबंधित सभी कॉलेजों व संस्थानों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन करने के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा। उक्त विचार केयू डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. अनिल वशिष्ठ ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि कॉलेजों में एनईपी के क्रियान्वयन के लिए करिकुलम फ्रेमवर्क, पोर्टल पर दाखिला, सीटों के आवंटन, विषय के ग्रुप संबंधी विस्तृत जानकारी, कॉलेजों में दाखिला, विषय आबंटन, समय सारिणी, कार्यभार का प्रबंधन, मूल्यांकन और परीक्षा के बारे में किसी भी विषय पर शंका हो इसके लिए केयू की ओर से हर संभव सहयोग रहेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2025 तक नई शिक्षा नीति को पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया, जबकि केयू ने प्रदेश में सबसे पहले इसे लागू किया और अब संबंधित कॉलेजों व संस्थानों में नई शिक्षा नीति को लागू किया गया है।
शैक्षणिक संस्थानों को बुलंदियों पर ले जाने में कर्मचारियों का सहयोग जरूरी : प्रो. संजीव
कुरुक्षेत्र। तकनीकी युग में अप-टू-डेट रहने के लिए नया सीखना बहुत जरूरी है। कर्मचारियों को नया सीखने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए क्योंकि यह किसी भी शैक्षणिक संस्थान को बुलंदियों पर ले जाने के लिए बहुत आवश्यक है। उक्त विचार केयू कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा ने शनिवार को फैकल्टी लॉज में केयू के कर्मचारियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कहे।
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कुलसचिव ने कहा कि विश्वविद्यालय हित के लिए तीन स्तम्भ विद्यार्थी, कर्मचारी और शिक्षक को मिलकर काम करने की जरूरत है। केयू हरियाणा में सबसे अग्रणी एवं प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शामिल है, वहीं देश के पहले 10 सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में भी केयू का नाम है। कर्मचारी को विश्वविद्यालय में आने वाले विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान सकारात्मकता एवं शीघ्रता से करना चाहिए। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में जो नया सीखा है उसे विश्वविद्यालय हित में कार्यालय में प्रयोग में लाए। आईयूएमएस कोऑर्डिनेटर प्रो. प्रदीप कुमार ने बताया कि साप्ताहिक रिफ्रेशर कोर्स में कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए बाहर से विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें उन्होंने अपने तकनीकी ज्ञान को प्रतिभागियों के साथ साझा किया। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने कहा कि सीखना अनवर्त चलने वाली प्रक्रिया है और कर्मचारी जितना सीखते हैं उतना ही उनमें कार्य करने के लिए आत्मविश्वास जागृत होता है। इसके पश्चात कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा ने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इस मौके पर प्रो. राकेश कुमार, डॉ. सचिन लालर, मनदीप शर्मा, सुरेश कुमार, सुनील सहित अन्य मौजूद रहे।
खानपान में बदलाव और योग से होगा थायराइड नियंत्रित : डॉ. अनेजा
कुरुक्षेत्र। केयू के हेल्थ सेंटर के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष अनेजा की ओर से लोगों को थायराइड के प्रति जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि थायराइड कोई रोग नहीं होता है बल्कि यह एक तितली के आकार की ग्रंथि है। यह गर्दन के अंदर और कॉलरबोन के ठीक ऊपर स्थित होती है, जिसके कारण ये बीमारी होती है, अर्थात यह गर्दन के निचले हिस्से में पाई जाने वाली एक इंडोक्राइन ग्रंथि है, जिसकी वजह से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इसके कारण से शरीर में बहुत सी समस्याएं देखने को मिलती हैं।
थायराइड के सामान्य लक्षणों में थकान, शरीर सुस्त रहना, थोड़ा काम करते ही एनर्जी का खत्म हो जाना, किसी काम में मन न लगना, टेंशन में रहना, याददाश्त का कमजोर हो जाना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना शामिल है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग इन लक्षणों की ओर ध्यान नहीं देते और बाद में गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता है और यदि परिवार का कोई सदस्य थायराइड से ग्रसित होता है तो घर के अन्य सदस्यों को भी इस बीमारी के होने का खतरा रहता है। थायराइड से पूरी तरह से छुटकारा मिलना इतना आसान नहीं है, फिर भी खानपान में बदलाव करके और नियमित स्वास्थ्य जांच, धूम्रपान छोड़कर और योग की मदद से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कॉलेजों में एनईपी के क्रियान्वयन के लिए करिकुलम फ्रेमवर्क, पोर्टल पर दाखिला, सीटों के आवंटन, विषय के ग्रुप संबंधी विस्तृत जानकारी, कॉलेजों में दाखिला, विषय आबंटन, समय सारिणी, कार्यभार का प्रबंधन, मूल्यांकन और परीक्षा के बारे में किसी भी विषय पर शंका हो इसके लिए केयू की ओर से हर संभव सहयोग रहेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 2025 तक नई शिक्षा नीति को पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया, जबकि केयू ने प्रदेश में सबसे पहले इसे लागू किया और अब संबंधित कॉलेजों व संस्थानों में नई शिक्षा नीति को लागू किया गया है।
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शैक्षणिक संस्थानों को बुलंदियों पर ले जाने में कर्मचारियों का सहयोग जरूरी : प्रो. संजीव
कुरुक्षेत्र। तकनीकी युग में अप-टू-डेट रहने के लिए नया सीखना बहुत जरूरी है। कर्मचारियों को नया सीखने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए क्योंकि यह किसी भी शैक्षणिक संस्थान को बुलंदियों पर ले जाने के लिए बहुत आवश्यक है। उक्त विचार केयू कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा ने शनिवार को फैकल्टी लॉज में केयू के कर्मचारियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कहे।
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कुलसचिव ने कहा कि विश्वविद्यालय हित के लिए तीन स्तम्भ विद्यार्थी, कर्मचारी और शिक्षक को मिलकर काम करने की जरूरत है। केयू हरियाणा में सबसे अग्रणी एवं प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में शामिल है, वहीं देश के पहले 10 सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में भी केयू का नाम है। कर्मचारी को विश्वविद्यालय में आने वाले विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान सकारात्मकता एवं शीघ्रता से करना चाहिए। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में जो नया सीखा है उसे विश्वविद्यालय हित में कार्यालय में प्रयोग में लाए। आईयूएमएस कोऑर्डिनेटर प्रो. प्रदीप कुमार ने बताया कि साप्ताहिक रिफ्रेशर कोर्स में कर्मचारियों के प्रशिक्षण के लिए बाहर से विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया था, जिसमें उन्होंने अपने तकनीकी ज्ञान को प्रतिभागियों के साथ साझा किया। परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने कहा कि सीखना अनवर्त चलने वाली प्रक्रिया है और कर्मचारी जितना सीखते हैं उतना ही उनमें कार्य करने के लिए आत्मविश्वास जागृत होता है। इसके पश्चात कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा ने सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इस मौके पर प्रो. राकेश कुमार, डॉ. सचिन लालर, मनदीप शर्मा, सुरेश कुमार, सुनील सहित अन्य मौजूद रहे।
खानपान में बदलाव और योग से होगा थायराइड नियंत्रित : डॉ. अनेजा
कुरुक्षेत्र। केयू के हेल्थ सेंटर के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष अनेजा की ओर से लोगों को थायराइड के प्रति जागरूक किया गया। उन्होंने बताया कि थायराइड कोई रोग नहीं होता है बल्कि यह एक तितली के आकार की ग्रंथि है। यह गर्दन के अंदर और कॉलरबोन के ठीक ऊपर स्थित होती है, जिसके कारण ये बीमारी होती है, अर्थात यह गर्दन के निचले हिस्से में पाई जाने वाली एक इंडोक्राइन ग्रंथि है, जिसकी वजह से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इसके कारण से शरीर में बहुत सी समस्याएं देखने को मिलती हैं।
थायराइड के सामान्य लक्षणों में थकान, शरीर सुस्त रहना, थोड़ा काम करते ही एनर्जी का खत्म हो जाना, किसी काम में मन न लगना, टेंशन में रहना, याददाश्त का कमजोर हो जाना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना शामिल है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग इन लक्षणों की ओर ध्यान नहीं देते और बाद में गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता है और यदि परिवार का कोई सदस्य थायराइड से ग्रसित होता है तो घर के अन्य सदस्यों को भी इस बीमारी के होने का खतरा रहता है। थायराइड से पूरी तरह से छुटकारा मिलना इतना आसान नहीं है, फिर भी खानपान में बदलाव करके और नियमित स्वास्थ्य जांच, धूम्रपान छोड़कर और योग की मदद से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।

कुरुक्षेत्र।प्रो. अनिल वशिष्ठ।

कुरुक्षेत्र।प्रो. अनिल वशिष्ठ।