फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   controvercy shiv tample in kurukshetra

आखिरकार केडीबी जागा,सावन के पहले सोमवार कब्जा मुक्त हुआ प्राचीन मंदिर का शिव दरबार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2020 11:00 PM IST
विज्ञापन
controvercy shiv tample in kurukshetra
अवैध कब्जे की जद में आए भोले बाबा के दरबार को आखिरकार कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने सावन के पहले सोमवार को मुक्त कराया है। सोमवार दुपहर कार्रवाई के लिये बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, संपदा अधिकारी राजीव शर्मा, कनिष्ठ अभियंता अमन कुमार सहित स्टाफ के अन्य सदस्य मौजूद रहे। इसी के साथ कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने दावा किया है कि जल्द इस मंदिर का सुंदरीकरण और अन्य व्यवस्थाएं और नियमित पूजा अर्चना के लिये पुजारी नियुक्ति होगी।
विज्ञापन

बता दें कि इस प्राचीन मंदिर की दीवार तोड़ कर कब्जा करने और जिस जगह पर शिवलिंग विराजमान हैं, वहां भोले बाबा के दरबार में दुकान का सामान रखकर शिवकृपा नाम से कैंटीन चलाने का मामला 5 और 6 जून को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। ये हालात तब नजर आए जब इस मंदिर के जीर्णोद्धार की आधारशिला भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के संस्थापक चेयरमैन स्वर्गीय गुलजारी लाल नंदाजी के हाथों रखी गई थी। आज भी इस मंदिर की दीवार पर उनके नाम का शिलालेख लगा हुआ है। मगर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधिकारियों की लापरवाही के चलते मंदिर को उपेक्षित कर कब्जाधारियों के लिये छोड़ दिया गया था। गत 4 जुलाई को जब कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा नंदाजी जयंती मनाई रही थी, उसी रोज केडीबी अधिकारियों के संज्ञान में उक्त मामला भी लाया गया था, मगर त्वरित कार्रवाई करने की बजाये 6 जून तक इस मंदिर के दरबार हाल में कैंटीन चलती रही, लेकिन दुपहर बाद केडीबी अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर प्राचीन मंदिर के दरबार हाल से कैंटीन का सामान बाहर सड़क पर रखवाया और चेतावनी दी कि यहां किसी प्रकार का शेड और भीतर सामान रखने पर कानूनी कार्रवाई कई जाएगी। केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने बताया कि बोर्ड की टीम ने मौके जायजा लिया था और शिव दरबार में अवैध रूप से चलाई जा रही गतिविधियां करने वाले व्यक्ति को कड़ी चेतावनी देते हुए उसका फ्रीज, चूल्हा, सिलिंडर, तख्त दुकान, कुर्सियां, पंखे, स्टाक तथा अन्य सामान उठवा बाहर कराया गया है। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता कृष्ण बजाज ने अमर उजाला ने यह मुद्दा उठाया गया, जिसके केडीबी जागा और प्राचीन मंदिर से कब्जा हटाया गया।
विज्ञापन

केडीबी कर रही है धर्मस्थलों की उपेक्षा और इवेंट पर खर्चा
पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक अरोड़ा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड पिछले वर्षों में सिर्फ इवेंट और इनके नाम पर पैसा पानी की तरह बहाने की वजह से ही चर्चा में रही है, जबकि वास्तविकता ये है कि नंदाजी के प्रयासों से कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की स्था पना जिस उद्देश्य से हुई थी, उस पर काम न के बराबर हुआ है। उन्होंने कहा कि हद तो यह है कि जो मंदिर केडीबी दफ्तर से चंद कदम की दूरी पर मौजूद है, उस पर भी कब्जा हो गया। केडीबी जवाब दे कि इस मामले में किसके खिलाफ लिखित कार्रवाई कराई जा रही है ? उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ कब्जे का नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाएं आहत करने का भी है, क्योंकि शिव दरबार की मर्यादा और पवित्रता को भंग किया गया है। अरोड़ा ने केडीबी से सवाल किया कि जिस प्राचीन मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य केडीबी के संस्थापक चेयरमैन नंदाजी के हाथों से हुआ हो और जिस धर्मस्थल की प्रतिष्ठा को बनाये रखने के लिये प्रदेश के तत्कालीन डिप्टी सीएम डॉ. मंगलसेन जैसे कद्दावर नेता आगे आये थे, अगर ऐसे धर्मस्थल भी उपेक्षित पड़े हैं तो समझ जाना चाहिये कि केडीबी अपने महापुरुषों और दिग्गजों के साथ धर्मस्थलों के प्रति जरा भी गंभीर नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बिजली कनेक्शन की जानकारी मुझे नहीं है : सीईओ
केडीबी के सीईओ गगनदीप सिंह ने कहा केयूके थाने द्वारा अपने मीटर से किसी को बिजली सप्लाई देने वाली बात का उन्हें कोई जानकारी नहीं है। जब तक पुलिस विभाग का अपना भवन नहीं बनता तब तक उन्हें यह जगह केयू पुलिस थाना के लिये किराये पर दी हुई है।
ना कोई रख सकता न रखवा सकता दुकान का सामान : छाबड़ा
केडीबी के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा ने कहा कि इस प्रकार से कोई भी व्यक्ति मंदिर परिसर में अपना सामान नहीं रख सकता है। केडीबी की जगह पर यदि कोई सामान रखता है तो ऐसी स्थिति में समय-समय पर ड्राइव चलाकर वह जगह खाली कराई जाती हैं और कार्रवाई की जाती है। इसी प्रकार केडीबी द्वारा किराये पर दी हुई जगह पर लगे हुए बिजली के मीटर से भी किसी दूसरे को बिजली नहीं दी जा सकती, क्योंकि यह कानून अपराध है। उन्होंने कहा कि अगर उनका कोई किरायेदार नियमों की अनदेखी करता है तो ऐसे मामले में बिजली निगम द्वारा कार्रवाई की जा सकती है।

मीटर में से कनेक्शन देने पर होगी कार्रवाई : एसडीओ
बिजली निगम के एसडीओ विकासदीप ने कहा कि बिजली के एक मीटर में से कॉमर्शियल वर्क के लिए कनेक्शन नहीं दिया जा सकता। यदि केयूके थाने से इस प्रकार कनेक्शन दिया है, तो वह गैर कानूनी। इस मामले में जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed