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सीएम से लगाई गुहार, साहब डीईओ से मजदूरी दिलवा दो
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
Updated Wed, 28 Sep 2016 11:58 PM IST
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कोठी में रिश्वत के जरिये टाइल्स लगवाने के मामले को लेकर चर्चा में आई जिला शिक्षा अधिकारी एक बार फिर इसी कोठी को लेकर चर्चा में आ गई है। इस बार आरोप है कि जिस मजदूर से कोठी का रंगरोगन कराया उसका भुगतान ही नहीं किया गया। अब मजदूर ने सीएम विंडो पर शिकायत देकर सीएम से गुहार लगाई है कि डीईओ से उसकी मजदूर के 30 हजार रुपये दिलाएं।
गांव झिवरेहड़ी निवासी बलविंद्र सिंह ने सीएम विंडो पर शिकायत दी है। बलविंद्र ने आरोप लगाया है कि पिछले दिनों वह सेक्टर 3 में स्थित डीएवी स्कूल में पेंट करने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान वहां निरीक्षण के लिए डीईओ परमजीत कौर आई और उसे अपनी अंबाला स्थित कोठी में पेंट करने की पेशकश की। इस पर उसने हां कर दी और उनकी कोठी में इसी वर्ष अप्रैल माह में पेंट कार्य पूरा कर दिया गया। इसके लिए 30 हजार रुपये की मजदूरी तय की गई थी, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद भी उसे मजदूरी नहीं दी गई। इस मजदूरी के भुगतान के लिए वह लगातार चक्कर लगाता रहा।
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही उक्त अधिकारी उस समय एकाएक ही चर्चा में आ गई थी जब एक निजी स्कूल संचालक ने मान्यता के बदले कोठी में टाइल्स लगवाने के लिए कहने का आरोप डीईओ पर लगाया था। इस मामले में उनके खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था तो विभाग ने उन्हें अगस्त माह में सस्पेंड कर दिया था।
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गांव झिवरेहड़ी निवासी बलविंद्र सिंह ने सीएम विंडो पर शिकायत दी है। बलविंद्र ने आरोप लगाया है कि पिछले दिनों वह सेक्टर 3 में स्थित डीएवी स्कूल में पेंट करने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान वहां निरीक्षण के लिए डीईओ परमजीत कौर आई और उसे अपनी अंबाला स्थित कोठी में पेंट करने की पेशकश की। इस पर उसने हां कर दी और उनकी कोठी में इसी वर्ष अप्रैल माह में पेंट कार्य पूरा कर दिया गया। इसके लिए 30 हजार रुपये की मजदूरी तय की गई थी, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद भी उसे मजदूरी नहीं दी गई। इस मजदूरी के भुगतान के लिए वह लगातार चक्कर लगाता रहा।
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गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही उक्त अधिकारी उस समय एकाएक ही चर्चा में आ गई थी जब एक निजी स्कूल संचालक ने मान्यता के बदले कोठी में टाइल्स लगवाने के लिए कहने का आरोप डीईओ पर लगाया था। इस मामले में उनके खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था तो विभाग ने उन्हें अगस्त माह में सस्पेंड कर दिया था।
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