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Kurukshetra News: खोदाई पर सीएम की लगी मुहर, सवा तीन सौ एकड़ भूमि पर बनेगा जलाशय
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यमुनानगर। आदि बद्री बांध परियोजना के अंतर्गत वैदिक कालीन सरस्वती नदी की धरा को पुन: प्रवाहित करने के इस प्रोजेक्ट को चंडीगढ़ में सरस्वती हेरिटेज डेवलपमेंट बोर्ड की मीटिंग में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यहां बनने वाले जलाशय की खोदाई शुरू करने के लिए अपनी मुहर लगा दी है।
ऐसे में ठंडे बस्ते में जा रही इस परियोजना को फिर से रफ्तार मिल गई। वहीं अब खंड बिलासपुर के रामपुर कोंबियान, रामपुर होड़ियान और छलौर तीन गांवों की कुल लगभग सवा तीन सौ एकड़ पंचायत भूमि में सरस्वती रिजर्व वायर (जलाशय) का निर्माण किया जाएगा। इतना ही नहीं खोदाई के दौरान निकलने वाली मिट्टी की बिक्री भी होगी। जिसका टेंडर जनवरी 2025 के पहले सप्ताह में लग जाएगा।
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रेवाड़ी के मसानी बैराज जमीन भी हुई फाइनल
उधर, आदि बद्री में हरियाणा-हिमाचल की सीमा पर बनने वाले बांध के बदले हिमाचल को पौधे लगाए जाने के लिए रेवाड़ी के मसानी बैराज की लैंड में से 31.72 हेक्टेयर भूमि (80 एकड़) जमीन भी फाइनल हो गई है। जबकि इससे पहले फतेहाबाद व सिरसा में इतनी ही जमीन को देखा गया था। जो वन विभाग के मापदंडों पर खरी उतरती है। इसी तरह बनने वाले बांध से ढाई किमी. नीचे सोम सरस्वती नदी पर गांव काठगढ़ में बैराज भी बनाया जाएगा तथा साढ़े सात किमी. तक लंबी कनेक्टिंग अंडर पाइपलाइन रानीपुर, सुल्तानपुर, काठगढ़, रूल्लाहेड़ी सहित सात गांवों से होकर गुजरेगी। बता दें पूरी परियोजना के अभी तक करीब 388 करोड़ रुपये सरकार से मंजूर हो चुके हैं।
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198 किमी. तक होगा प्रवाह
आदि बद्री बांध बनने के बाद सरस्वती नदी का जल हरियाणा में 198 किलोमीटर तक निरंतर प्रवाहित होगा। जल यमुनानगर, कुरुक्षेत्र व कैथल के एरिया से प्रवाहित होकर पंजाब के पटियाला के सतड़ाना के पास घग्गर नदी में मिलेगा। उल्लेखनीय है आदि बद्री बांध परियोजना को लेकर चंडीगढ़ में 21 जनवरी 2022 में हरियाणा-हिमाचल के बीच में समझौता (एमओयू) हुआ था। परियोजना के अनुसार आदि बद्री बांध हिमाचल की 31.66 हेक्टेयर भूमि पर बनाया जाएगा। इस बांध की पानी स्टोरेज की क्षमता 224.58 हेक्टेयर मीटर होगी।
आदि बद्री बांध परियोजना के तहत बनने वाले जलाशय की खोदाई की सीएम ने मंजूरी दे दी है। इससे निकलने वाली सरप्लस मिट्टी की बिक्री भी की जाएगी। अगले सप्ताह तक निर्माण के लिए इसका टेंडर लग जाएगा। रामपुर कोंबियान, रामपुर होड़ियान और छलौर गांवों की कुल लगभग सवा तीन सौ एकड़ पंचायत भूमि में सरस्वती रिजर्व वायर (जलाशय) का निर्माण किया जाएगा।
-धूमन सिंह किरमिच, उपाध्यक्ष, हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड।