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23 दिसंबर तक होगा स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2021 का आयोजन, एजेंसी ग्रामीण क्षेत्रों से लेगी फीडबैक
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कुरुक्षेत्र। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय की ओर से स्वच्छता मापदंडों के गुणात्मक एवं मात्रात्मक आधार पर स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2021 किया जा रहा है। यह सर्वेक्षण 23 दिसंबर तक किया जाएगा। सर्वेक्षण में एजेंसी द्वारा गांव के सार्वजनिक स्थानों, घरेलू एवं गांव स्तर पर स्वच्छता के लिए किए गए प्रबंधों का सर्वे किया जाएगा और गांव के नागरिकों से फीडबैक लिया जाएगा। इसी संदर्भ में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतबीर कुंडू ने पंचायत भवन के सभागार में अधिकारियों की बैठक ली।
उन्होंने बताया कि आईपीएसओएस रिसर्च एजेंसी की ओर से 23 दिसंबर तक यह सर्वेक्षण किया जाएगा। उक्त एजेंसी मंत्रालय से चयनित गांव में 10 परिवार, 10 नागरिक, पांच सार्वजनिक स्थल एवं पांच मुख्य सूचना प्रदाता का साक्षात्कार करेगी। गांव में सार्वजनिक स्थलों पर सफाई व्यवस्था का आकलन कर अंक दिए जाएंगे, जिसके आधार पर जिले की रैंकिंग निर्धारित की जाएगी। जिले के सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों और ग्राम सचिवों को अंकों के बारे में जानकारी दी गई। निर्देश दिए गए कि जिले में निर्मित सभी ठोस कचरा प्रबंधन यूनिटों को सुचारु रूप से चलाया जाए। कहा कि गांव में शौचालयों के लिए निर्मित सेप्टिक टैंकों के मल का सुरक्षित निस्तारण करने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के साथ तालमेल किया गया है, जिसमें निजी टैंकरों को मल का निस्तारण इधर-उधर फेकने की बजाए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त महिलाओं के मासिक धर्म से संबंधित कचरे के निपटान के लिए महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है और आंगनबाड़ी केंद्रों में कचरे को एकत्रित करने के लिए एक डस्टबिन रखवाया गया है। इस मौके पर बीडीपीओ राजेश कुमार, साहब सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
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उन्होंने बताया कि आईपीएसओएस रिसर्च एजेंसी की ओर से 23 दिसंबर तक यह सर्वेक्षण किया जाएगा। उक्त एजेंसी मंत्रालय से चयनित गांव में 10 परिवार, 10 नागरिक, पांच सार्वजनिक स्थल एवं पांच मुख्य सूचना प्रदाता का साक्षात्कार करेगी। गांव में सार्वजनिक स्थलों पर सफाई व्यवस्था का आकलन कर अंक दिए जाएंगे, जिसके आधार पर जिले की रैंकिंग निर्धारित की जाएगी। जिले के सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों और ग्राम सचिवों को अंकों के बारे में जानकारी दी गई। निर्देश दिए गए कि जिले में निर्मित सभी ठोस कचरा प्रबंधन यूनिटों को सुचारु रूप से चलाया जाए। कहा कि गांव में शौचालयों के लिए निर्मित सेप्टिक टैंकों के मल का सुरक्षित निस्तारण करने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के साथ तालमेल किया गया है, जिसमें निजी टैंकरों को मल का निस्तारण इधर-उधर फेकने की बजाए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त महिलाओं के मासिक धर्म से संबंधित कचरे के निपटान के लिए महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है और आंगनबाड़ी केंद्रों में कचरे को एकत्रित करने के लिए एक डस्टबिन रखवाया गया है। इस मौके पर बीडीपीओ राजेश कुमार, साहब सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।
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