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Kurukshetra News: डेंगू और मलेरिया से निपटने का दावा, मगर अस्पताल में फॉगिंग तक नहीं
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कुरुक्षेत्र। एलएनजेपी अस्पताल में मच्छरों से निपटने के लिए कोई तैयारी नहीं की गई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग जिले में डेंगू और मलेरिया से निपटने के लिए अभियान चला रहा है। इस अभियान के तहत विभाग की टीम घर-घर जाकर डेंगू का लारवा, संदिग्ध मरीज की जांच व स्लाइड्स बना रही है, मगर अस्पताल में फॉगिंग तक नहीं हुई है। वहीं गर्मी के कारण मच्छरों की तादाद बढ़ने लगी है, मगर अस्पताल में मच्छरों के साथ-साथ कॉकरोच भी खूब पनप रहे हैं।
उधर, अस्पताल प्रबंधन की मच्छर, मक्खी और कॉकरोच से निटपने की कोई दिलचस्पी नहीं है। इसका नजारा अस्पताल को फ्यूमिगेटस करते हुए देखने को मिला। शुक्रवार को निजी कंपनी की ओर से आए एक कर्मी ने पूरे अस्पताल को फ्यूमिगेट (दवा का छिड़काव) किया। जैसे ही दवा का छिड़काव हुआ आपातकालीन विभाग के पट्टी कक्ष के कोने-कोने में पनप रहे मच्छर बाहर निकल भिनभिनाने लगे, मगर दवा के प्रभाव से उनकी मौत हो गई।
यह सैंड फ्लाई और माउस मॉस्किटो थे। सैंड फ्लाई के काटने पर उस जगह पर खुजली के साथ दाफड़ हो जाते हैं। साथ ही उस जगह पर शरीर की एंटीबॉडी भी निष्क्रिय हो जाती है। इस दौरान कर्मी के साथ मौजूद अस्पताल के एक कर्मी ने इसकी फोटो भी ली। इसके अलावा कर्मी ने अस्पताल की दूसरी मंजिल पर रखे वाटर कूलर के पास भी दवा का छिड़काव किया। यहां पर कॉकरोच की भरमार थी। दवा के छिड़काव से कॉकरोच भी बाहर निकल आए और उनकी भी मौत हो गई। हालांकि यह कार्रवाई अस्पताल प्रबंधन की ओर से नहीं की गई बल्कि सरकारी अस्पतालों को फ्यूमिगेटस करने का टेंडर लेने वाली कंपनी द्वारा की गई।
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पीएमओ से की जाएगी बातचीत : सीएमओ
सीएमओ सुखबीर सैनी का कहना है कि फिलहाल डेंगू का कोई मामला नहीं है। अस्पताल परिसर से भी ऐसा मामला सामने नहीं आया है। समय-समय पर दवा का छिड़काव किया जाता है। इस बार छिड़काव देर से हुआ या कोई अन्य कारण रहा, इस बारे पीएमओ से बातचीत की जाएगी।
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उधर, अस्पताल प्रबंधन की मच्छर, मक्खी और कॉकरोच से निटपने की कोई दिलचस्पी नहीं है। इसका नजारा अस्पताल को फ्यूमिगेटस करते हुए देखने को मिला। शुक्रवार को निजी कंपनी की ओर से आए एक कर्मी ने पूरे अस्पताल को फ्यूमिगेट (दवा का छिड़काव) किया। जैसे ही दवा का छिड़काव हुआ आपातकालीन विभाग के पट्टी कक्ष के कोने-कोने में पनप रहे मच्छर बाहर निकल भिनभिनाने लगे, मगर दवा के प्रभाव से उनकी मौत हो गई।
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यह सैंड फ्लाई और माउस मॉस्किटो थे। सैंड फ्लाई के काटने पर उस जगह पर खुजली के साथ दाफड़ हो जाते हैं। साथ ही उस जगह पर शरीर की एंटीबॉडी भी निष्क्रिय हो जाती है। इस दौरान कर्मी के साथ मौजूद अस्पताल के एक कर्मी ने इसकी फोटो भी ली। इसके अलावा कर्मी ने अस्पताल की दूसरी मंजिल पर रखे वाटर कूलर के पास भी दवा का छिड़काव किया। यहां पर कॉकरोच की भरमार थी। दवा के छिड़काव से कॉकरोच भी बाहर निकल आए और उनकी भी मौत हो गई। हालांकि यह कार्रवाई अस्पताल प्रबंधन की ओर से नहीं की गई बल्कि सरकारी अस्पतालों को फ्यूमिगेटस करने का टेंडर लेने वाली कंपनी द्वारा की गई।
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पीएमओ से की जाएगी बातचीत : सीएमओ
सीएमओ सुखबीर सैनी का कहना है कि फिलहाल डेंगू का कोई मामला नहीं है। अस्पताल परिसर से भी ऐसा मामला सामने नहीं आया है। समय-समय पर दवा का छिड़काव किया जाता है। इस बार छिड़काव देर से हुआ या कोई अन्य कारण रहा, इस बारे पीएमओ से बातचीत की जाएगी।