शहर की आबोहवा दिन-प्रतिदिन प्रदूषित होती जा रही है। सांस, दमा और आंखों की एलर्जी से परेशान मरीजों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मरीजों की अस्पतालों में ओपीडी बढ़ने लगी है। खासकर शाम के वक्त सांस और दमा से पीड़ित मरीजों को एक-एक सांस लेने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। वहीं आंखों में एलर्जी की दिक्कत ज्यादा बढ़ गई है। जिन मरीजों ने अभी हाल ही में आंखों के ऑपरेशन कराए थे, उनकी आंखों में संक्रमण होने का खतरा मंडराने लगा है। चिकित्सक बार-बार दवा का इस्तेमाल करने और सावधानी बरतने की हिदायत दे रही हैं। वीरवार सुबह 11 बजे कुरुक्षेत्र का एक्यूआई 214 दर्ज किया गया, लेकिन रात 9 बजे तक यही बढ़कर 267 तक पहुंच गया। इन दिनों लगातार बढ़ते प्रदूषण स्तर के कारण निजी और सरकारी अस्पतालों में सांस, दमा और नेत्र रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में 20 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। बता दें कि सर्दी बढ़ने के साथ ही वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगा है। सुबह-शाम आसमान में स्मॉग छाया रहता है, लेकिन दिन में हवा और धूप के चलते मौसम थोड़ा साफ हो जाता है, लेकिन शाम ढलते ही सांस लेने में तकलीफ ज्यादा बढ़ जाती है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. अरविंद चहल ने बताया कि प्रदूषण के कारण मरीजों को एलर्जी और सांस की दिक्कत ज्यादा हो रही है। ज्यादातर मरीज वायरल के साथ-साथ सांस, दमा और एलर्जी के सामने आ रहे हैं। ऐसे में मरीजों को काफी संभलने की जरूरत है। वहीं जिला अस्पताल की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन मेहता ने बताया कि अस्पताल में आंखों में एलर्जी के मरीजों की भी संख्या बढ़ी है। आंखों में पानी आना, आंखें लाल होनी और जलन की दिक्कत ज्यादा है। सबसे बड़ी दिक्कत उन मरीजों को है, जिन्होंने हाल में आंखों का ऑपरेशन कराया है। उन मरीजों की आंखों में संक्रमण होने का खतरा बना रहता है। सामान्य एलर्जी वाले मरीज साफ पानी से आंखों को धोए और जिन मरीजों की आंखों का ऑपरेशन हुए हैं, वे मरीज चिकित्सक से जांच कराकर आंखों में नियमित दवा डालें।