{"_id":"617af06209e03b44d132c5f9","slug":"civic-kurukshetra-news-knl88010674","type":"story","status":"publish","title_hn":"वार्ड-4 व 5 से गुजर रहा नाला 10 हजार की आबाद के लिए बना नासूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वार्ड-4 व 5 से गुजर रहा नाला 10 हजार की आबाद के लिए बना नासूर
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शहर के वार्ड-4 व 5 से होकर गुजरने वाला 150 मीटर लंबा नाला दोनों वार्ड की 10 हजार से ज्यादा आबादी के लिए नासूर बन चुका है। इस नाले से निकली गंदगी न केवल सड़क पर पसर रही है बल्कि उससे बीमारियां फैलने का भय भी बना हुआ है। गांव बिशनगढ़ व भिवानी खेड़ा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर यह नाला गंदगी से लबालब है। जहां हर सप्ताह इस नाले की सफाई होनी चाहिए वहीं सात महीने से नाले की सफाई नहीं हुई है। यहां तक कि मानसून से पूर्व जब सब नालों की सफाई का अभियान चला तब भी इस नाले की सफाई नहीं हुई। अब वार्ड वासी सहित निवर्तमान पार्षद नाले की सफाई व निर्माण को लेकर नगर परिषद के खिलाफ मुखर हो गए है। वार्ड वासियों का सीधा आरोप है कि सात महीने से नाले की सफाई नहीं हुई है और नाला गंदगी से भरा हुआ है। गंदगी सड़क पर फैल रही है, जिससे बीमारियां व बदबू फैल रही है। आरोप लगाया कि पहले जब नाले की सफाई हुई तो उसमें लापरवाही बरती गई। नप को बार-बार शिकायत करने के बाद सफाई तो हुई, मगर कर्मियों ने गंदगी को सड़क पर ही डाल दिया। उसके बाद कर्मियों ने उस गंदगी को उठाने की जहमत नहीं उठाई और गंदगी वहीं जम गई। अब हालात बदतर होते जा रहे है, क्योंकि नाला ओवरफ्लो हो चुका है और इससे निकली गंदगी सड़क पर फैल रही है। पूरे शहर का गंदा पानी इसी नाले में आता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी सफाई नहीं हो रही है। अगर जल्द ही उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह प्रदर्शन करने का मजबूर होंगे।
वार्ड वासी बलवंत कुमार ने बताया कि इस नाले की हर सप्ताह सफाई होनी चाहिए, मगर यहां तो सात-आठ महीने बीत चुके है। नप कर्मवारी सफाई करना तो दूर उल्टा नाले के पास ही वार्ड की गंदगी को डाल रहे है। शिकायत के बाद भी अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते है।
बलविंद्र सिंह ने बताया कि यह नाला कच्चा है। इस नाले को पक्का कराया जाए, क्योंकि पूरे शहर का गंदा पानी इसी नाले से होकर निकलता है। बारिश के दिनों में नाले के साथ लगती सड़क पर हालात बदतर हो जाते है। पानी जमा होने के कारण सड़क व नाले का फर्क नजर नहीं आता और कई लोग नाले में गिर जाते है।
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राजेश कुमार ने बताया कि यह नाला दोनों वार्डों के लिए नासूर बन चुका है। न तो नाले की सफाई हुई और न ही नाले का निर्माण कराया गया। दोनों वार्डों के साथ-साथ राहगीर भी परेशान हो रहे है। आरोप लगाया कि जब अधिकारियों समक्ष सफाई की शिकायत करें तो उनका एक ही जवाब होता है कि उनके पास सफाई कर्मियों की कमी है।
सुनील कुमार ने बताया कि सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारी कतई गंभीर नहीं है। शिकायत करो चाहे गुहार लगाओ अधिकारी सुनते ही नहीं है। इस नाले में पूरे शहर का गंदा पानी गिरता है। जब इस नाले की ही सफाई नहीं हो रही तो दूसरे नालों की सफाई कैसे होती होगी, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
वार्ड-4 की निवर्तमान पार्षद राजरानी ने बताया कि इस नाले का निर्माण अधिकारियों की लापरवाही के कारण नहीं हुुआ। उनके वार्ड में विकास कार्य को लेकर 25 लाख रुपये का एक टेंडर लगा था। उस विकास कार्य में 5-7 लाख रुपये बच गए थे। वह उस रकम से इस नाले का निर्माण कराना चाहती थी, मगर अधिकारियों ने पहले ही बिल पास कर दिया और नाले का निर्माण नहीं हो सका। उसके बाद भी उन्होंने कई बार नाले की सफाई व निर्माण की शिकायत रखी, लेकिन उस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
नगर परिषद के ईओ बलबीर रोहिल्ला ने बताया कि नप में शिकायत के लिए हेल्प डेस्क बनाई गई, अगर कोई भी शिकायत मिलती है तो उस पर तुरंत संज्ञान लिया जाता है। आज शुक्रवार सुबह को नाले की सफाई करा दी जाएगी। किसी को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
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वार्ड वासी बलवंत कुमार ने बताया कि इस नाले की हर सप्ताह सफाई होनी चाहिए, मगर यहां तो सात-आठ महीने बीत चुके है। नप कर्मवारी सफाई करना तो दूर उल्टा नाले के पास ही वार्ड की गंदगी को डाल रहे है। शिकायत के बाद भी अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते है।
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बलविंद्र सिंह ने बताया कि यह नाला कच्चा है। इस नाले को पक्का कराया जाए, क्योंकि पूरे शहर का गंदा पानी इसी नाले से होकर निकलता है। बारिश के दिनों में नाले के साथ लगती सड़क पर हालात बदतर हो जाते है। पानी जमा होने के कारण सड़क व नाले का फर्क नजर नहीं आता और कई लोग नाले में गिर जाते है।
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राजेश कुमार ने बताया कि यह नाला दोनों वार्डों के लिए नासूर बन चुका है। न तो नाले की सफाई हुई और न ही नाले का निर्माण कराया गया। दोनों वार्डों के साथ-साथ राहगीर भी परेशान हो रहे है। आरोप लगाया कि जब अधिकारियों समक्ष सफाई की शिकायत करें तो उनका एक ही जवाब होता है कि उनके पास सफाई कर्मियों की कमी है।
सुनील कुमार ने बताया कि सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारी कतई गंभीर नहीं है। शिकायत करो चाहे गुहार लगाओ अधिकारी सुनते ही नहीं है। इस नाले में पूरे शहर का गंदा पानी गिरता है। जब इस नाले की ही सफाई नहीं हो रही तो दूसरे नालों की सफाई कैसे होती होगी, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
वार्ड-4 की निवर्तमान पार्षद राजरानी ने बताया कि इस नाले का निर्माण अधिकारियों की लापरवाही के कारण नहीं हुुआ। उनके वार्ड में विकास कार्य को लेकर 25 लाख रुपये का एक टेंडर लगा था। उस विकास कार्य में 5-7 लाख रुपये बच गए थे। वह उस रकम से इस नाले का निर्माण कराना चाहती थी, मगर अधिकारियों ने पहले ही बिल पास कर दिया और नाले का निर्माण नहीं हो सका। उसके बाद भी उन्होंने कई बार नाले की सफाई व निर्माण की शिकायत रखी, लेकिन उस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
नगर परिषद के ईओ बलबीर रोहिल्ला ने बताया कि नप में शिकायत के लिए हेल्प डेस्क बनाई गई, अगर कोई भी शिकायत मिलती है तो उस पर तुरंत संज्ञान लिया जाता है। आज शुक्रवार सुबह को नाले की सफाई करा दी जाएगी। किसी को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।