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कुत्ते के काटने से बच्चे की मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिहोवा। नंद कॉलोनी में लावारिस कुत्ते के काटने से 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। दरअसल बच्चे ने कुत्ते के काटने की बात परिजनों को नहीं बताई। समय पर इलाज न होने से बच्चे में रेबीज फैल गया। गत दिवस बच्चे की पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो गई। बच्चे की मौत से लोग सहमे हुए हैं और लावारिस कुत्तों के बधियाकरण की मांग कर रहे हैं।
वार्ड नंबर सात नंद कॉलोनी के रहने वाले प्रवीण सैनी ने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले उसका बच्चा नोनी पास में ही बच्चों के साथ खेलने के लिए गया था। इस दौरान उसे एक कुत्ते ने उसे काट लिया, जिससे उसकी एक टांग पर हल्का सा निशान पड़ गया। यह बात बच्चे ने भी घर आकर उनको नहीं बताई थी। इस घटना के बाद कुछ दिन पहले बच्चा अचानक बीमार हो गया। उसका बुखार नहीं टूट रहा था और वह अजीब हरकतें कर रहा था।
बच्चा हवा और पानी से डर रहा था। इस पर वह अपने बच्चे को लेकर विशेषज्ञ के पास पहुंचे। चिकित्सक से उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ भेज दिया। पीजीआई में चिकित्सकों ने उसे रेबीज का वायरस बता दिया। गत दिवस उसके बेटे की मौत हो गई। उल्लेखनीय है कि बीती 27 जून को चनारथल में कुत्तों के एक झुंड ने खेत में पेड़ के नीचे सो रहे 10 वर्षीय बच्चे अमन पर हमला कर दिया था। कुत्तों ने बच्चे के गले और सिर को नोच लिया, जिससे बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई थी।
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शहर के लोग हो रहे भयभीत
बच्चे की मौत के बाद से लोगों में कुत्तों को लेकर भय का माहौल है। लोगों मांग है कि लावारिस कुत्तों को शहर से दूर जंगल में छोड़ा जाए। वहीं उनकी बधियाकरण भी किया जाए।
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पिहोवा। नंद कॉलोनी में लावारिस कुत्ते के काटने से 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। दरअसल बच्चे ने कुत्ते के काटने की बात परिजनों को नहीं बताई। समय पर इलाज न होने से बच्चे में रेबीज फैल गया। गत दिवस बच्चे की पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो गई। बच्चे की मौत से लोग सहमे हुए हैं और लावारिस कुत्तों के बधियाकरण की मांग कर रहे हैं।
वार्ड नंबर सात नंद कॉलोनी के रहने वाले प्रवीण सैनी ने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले उसका बच्चा नोनी पास में ही बच्चों के साथ खेलने के लिए गया था। इस दौरान उसे एक कुत्ते ने उसे काट लिया, जिससे उसकी एक टांग पर हल्का सा निशान पड़ गया। यह बात बच्चे ने भी घर आकर उनको नहीं बताई थी। इस घटना के बाद कुछ दिन पहले बच्चा अचानक बीमार हो गया। उसका बुखार नहीं टूट रहा था और वह अजीब हरकतें कर रहा था।
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बच्चा हवा और पानी से डर रहा था। इस पर वह अपने बच्चे को लेकर विशेषज्ञ के पास पहुंचे। चिकित्सक से उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ भेज दिया। पीजीआई में चिकित्सकों ने उसे रेबीज का वायरस बता दिया। गत दिवस उसके बेटे की मौत हो गई। उल्लेखनीय है कि बीती 27 जून को चनारथल में कुत्तों के एक झुंड ने खेत में पेड़ के नीचे सो रहे 10 वर्षीय बच्चे अमन पर हमला कर दिया था। कुत्तों ने बच्चे के गले और सिर को नोच लिया, जिससे बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई थी।
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शहर के लोग हो रहे भयभीत
बच्चे की मौत के बाद से लोगों में कुत्तों को लेकर भय का माहौल है। लोगों मांग है कि लावारिस कुत्तों को शहर से दूर जंगल में छोड़ा जाए। वहीं उनकी बधियाकरण भी किया जाए।