फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   chief secretary, video conferrencing, pndt act, kurukshetra

बेटियों के साथ उत्पीड़न करने वालों को सजा दिलवाना जरूरी : डा. गुप्ता

Sat, 28 Jan 2017 12:34 AM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला Updated Sat, 28 Jan 2017 12:34 AM IST
विज्ञापन

मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि आज भी प्रदेश में बेटियां सुरक्षित नहीं है, जो अधिकारी, कर्मचारी व आम आदमी बेटियों के साथ उत्पीड़न करते हैं या उन्हें गर्भ में मारने जैसे अपराध में शामिल होते हैं। ऐसे लोगों को हर हाल में सजा दिलवाना जरूरी है। वे शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पीएनडीटी व एमटीपी एक्ट पर जिलों में की जा रही कार्रवाई की समीक्षा कर रहे थे।

विज्ञापन


उन्होंने जिले के अधिकारियों को निर्देश दिए कि हमें किसी भी हाल में बेटियों को बचाना है। डॉ. गुप्ता ने प्रदेश के सभी उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक व सीएमओ से संक्षेप में जिले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। उन्होंने उन जिलों के अधिकारियों को बधाई भी दी जो बेहतर कार्य कर रहे हैं तथा उन्होंने ऐसे जिलों के अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए जहां पर लिंगानुपात काफी कम है। जिन जिलों मे लिंगानुपात कम है उन्होंने वहां के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपस में तालमेल से काम करें, लिंगानुपात बढ़ाने के लिए डंडे की जरूरत है।
विज्ञापन


अवैध नशा केंद्रों पर किया जा रहा लोगों को पीड़ित
डा. गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में कुछ ऐसे अवैध नशा मुक्ति केंद्र चल रहे है जहां पर शराब छुड़वाने के बहाने लोगों को पीड़ित किया जाता है तथा भारी रकम वसूल की जाती है ऐसे नशा मुक्ति केंद्रों को बंद करवाया जाएं तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में केवल 53 नशा मुक्ति केंद्र रजिस्टर्ड हैं। इन केन्द्रों पर नशा छुड़वाने के लिए सभी सुविधाएं दी जाती है तथा समय-समय पर डाक्टरी जांच भी की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्वास्थ्य केंद्रों में खोले जाएं पीड़ित महिला सहायता केंद्र
वीडियो कांफ्रेंसिंग में निर्देश दिए गए कि प्रत्येक जिले में पीड़ित महिला सहायता केंद्र खोला जाएं ताकि इन केंद्रों में जाकर पीड़ित महिला काउंसलर को अपनी पूरी बात की जानकारी दे सके। उन्होंने निर्देश दिए कि ये सभी केंद्र स्वास्थ्य केंद्रों में खोले जाएं ताकि पीड़ित को मौके पर ही दवाई आदि दी जा सके। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत किए जा रहे प्रयासों में अधिक से अधिक सहयोग करें। एक्ट के तहत जो भी एफआईआर आती है उसे तुरंत दर्ज करवाकर कार्रवाई करें ताकि अपराधियों पर अंकुश लगाया जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed