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हजकां नब्बे सीटों पर भी चुनाव लड़ सकती है : चंद्रमोहन
कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 02 Jun 2014 12:25 AM IST
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पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं हजकां नेता चंद्रमोहन ने कहा कि भाजपा चाहे तो गठबंधन तोड़ दे। हरियाणा में विधानसभा चुनाव 45-45 सीटों पर ही लड़ा जाएगा। अभी तक पार्टी की यही रणनीति है। यदि भाजपा ऐसा नहीं चाहती, तो फिर वे गठबंधन तोड़ सकती है। वे रविवार पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में हजकां कार्यकर्ता ने हजकां-भाजपा को मजबूत बनाने के लिए कड़ा परिश्रम किया।
इसी का परिणाम है कि भाजपा की प्रदेश में सात सीटों विजय हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लहर के साथ हजकां कार्यकर्ताओं की मेहनत भी रंग लाई है। यदि भाजपा केवल इसे नरेंद्र मोदी की लहर ही मानती है, तो वह उसकी छोटी मानसिकता का परिचय है। गठबंधन तोड़ने की बात पर चंद्रमोहन ने कहा कि जरूरत पड़ने पर पार्टी 90 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि हजकां कमजोर नहीं है, कार्यकर्ताओं ने अपने दम का परिचय लोकसभा चुनाव में दे दिया है।
उन्होंने कहा कि कुलदीप बिश्नोई को भी मंत्री पद मिलना चाहिए था, क्योंकि वे मोदी सरकार के साथी हैं। बिश्नोई ने एनडीए का पूरा साथ दिया है, इस लिहाज से कुलदीप को पद दिया जाना चाहिए। एक अन्य प्रश्न का जवाब देते हुए चंद्रमोहन ने कहा कि कांग्रेस में जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। वे कांग्रेस छोड़ चुके हैं, अब वापस उस पार्टी में नहीं जाएंगे। इससे पहले कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चंद्रमोहन ने कहा कि बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करना होगा, तभी जाकर विधानसभा चुनाव में विजय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से श्रीराम की अगुवाई में उनकी सेना ने सेतु बनाया था, उसी प्रकार कार्यकर्ताओं को कर्मठता से काम करना चाहिए।
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इसी का परिणाम है कि भाजपा की प्रदेश में सात सीटों विजय हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लहर के साथ हजकां कार्यकर्ताओं की मेहनत भी रंग लाई है। यदि भाजपा केवल इसे नरेंद्र मोदी की लहर ही मानती है, तो वह उसकी छोटी मानसिकता का परिचय है। गठबंधन तोड़ने की बात पर चंद्रमोहन ने कहा कि जरूरत पड़ने पर पार्टी 90 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि हजकां कमजोर नहीं है, कार्यकर्ताओं ने अपने दम का परिचय लोकसभा चुनाव में दे दिया है।
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उन्होंने कहा कि कुलदीप बिश्नोई को भी मंत्री पद मिलना चाहिए था, क्योंकि वे मोदी सरकार के साथी हैं। बिश्नोई ने एनडीए का पूरा साथ दिया है, इस लिहाज से कुलदीप को पद दिया जाना चाहिए। एक अन्य प्रश्न का जवाब देते हुए चंद्रमोहन ने कहा कि कांग्रेस में जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। वे कांग्रेस छोड़ चुके हैं, अब वापस उस पार्टी में नहीं जाएंगे। इससे पहले कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चंद्रमोहन ने कहा कि बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करना होगा, तभी जाकर विधानसभा चुनाव में विजय प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से श्रीराम की अगुवाई में उनकी सेना ने सेतु बनाया था, उसी प्रकार कार्यकर्ताओं को कर्मठता से काम करना चाहिए।
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