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केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ने शक्तिपीठ में अर्पित किये चांदी के घोड़े
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केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री देवाश्री चौधरी ने 52 शक्तिपीठों में से एक हरियाणा के एकमात्र शक्तिपीठ श्रीदेवीकूप भद्रकाली मंदिर में चांदी के घोड़े अर्पित कर सदियों पुरानी परंपरा को निभाया। इस मौके पर उनके साथ भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता भास्कर घोष, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, थानेसर के एसडीएम एवं केडीबी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कपिल शर्मा एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री के श्रीदेवीकूप भद्रकाली मंदिर पहुंचने पर पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा, स्नेहिल शर्मा, दीवांशु शर्मा एवं शक्तिपीठ के सदस्यों ने स्वागत किया। इस मौके पर प्राचीन कूप पर पीठाध्यक्ष ने शक्तिपीठ का पौराणिक एवं एतिहासिक महत्व के बारे में बताया। इसके उपरांत केंद्रीय मंत्री ने पूजा अर्चना के बाद प्राचीन कूप की परिक्रमा कर मां भगवती के चरणों में चांदी के घोड़े अर्पित किये। पीठाध्यक्ष ने बताया कि यदुवंशियों की कुलदेवी मां भद्रकाली शक्तिपीठ में दाऊ बलराम और भगवान श्रीकृष्ण का मुंडन संस्कार हुआ था। इसके पश्चात महाभारत युद्ध में विजयश्री मिलने के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों सहित यहां मां के चरणों में घोड़े अर्पित किये थे। शक्तिपीठ में इसके पश्चात केंद्रीय मंत्री देवाश्री ने मां भद्रकाली के दरबार में हाजिरी लगाई। यहां पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने पूजा अर्चना कराई और उन्हें मां भगवती की चुनरी, नारियल एवं स्मृति चिह्न भेंट किया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पहला अवसर है जब उन्हें धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में आकर मां भद्रकाली शक्तिपीठ के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। शक्तिपीठ आकर उन्हें परम आनंद की अनुभूति हुई है। मां भगवती उन्हें जब भी बुलाएगी वह यहां दर्शनों के लिये अवश्य पहुंचेंगी। शक्तिपीठ में पूजा के बाद केंद्रीय मंत्री ने केडीबी की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली और यहां गैलरी के जरिये कुरुक्षेत्र के 48 कोस के बारे में जाना। इस मौके पर उन्होंने ब्रह्मसरोवर का अवलोकन किया और इससे पहले ब्रह्मसरोवर के जल का आचमन भी किया। केडीबी कार्यालय में मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा और सीईओ कपिल शर्मा एवं लेखाधिकारी लक्ष्मीनाथ ने उन्हें चक्रधारी भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति एवं कुरुक्षेत्र के इतिहास की जानकारी देने वाली कॉफी टेबल बुक भेंट की।
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केंद्रीय मंत्री के श्रीदेवीकूप भद्रकाली मंदिर पहुंचने पर पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा, स्नेहिल शर्मा, दीवांशु शर्मा एवं शक्तिपीठ के सदस्यों ने स्वागत किया। इस मौके पर प्राचीन कूप पर पीठाध्यक्ष ने शक्तिपीठ का पौराणिक एवं एतिहासिक महत्व के बारे में बताया। इसके उपरांत केंद्रीय मंत्री ने पूजा अर्चना के बाद प्राचीन कूप की परिक्रमा कर मां भगवती के चरणों में चांदी के घोड़े अर्पित किये। पीठाध्यक्ष ने बताया कि यदुवंशियों की कुलदेवी मां भद्रकाली शक्तिपीठ में दाऊ बलराम और भगवान श्रीकृष्ण का मुंडन संस्कार हुआ था। इसके पश्चात महाभारत युद्ध में विजयश्री मिलने के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों सहित यहां मां के चरणों में घोड़े अर्पित किये थे। शक्तिपीठ में इसके पश्चात केंद्रीय मंत्री देवाश्री ने मां भद्रकाली के दरबार में हाजिरी लगाई। यहां पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा ने पूजा अर्चना कराई और उन्हें मां भगवती की चुनरी, नारियल एवं स्मृति चिह्न भेंट किया।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पहला अवसर है जब उन्हें धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में आकर मां भद्रकाली शक्तिपीठ के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। शक्तिपीठ आकर उन्हें परम आनंद की अनुभूति हुई है। मां भगवती उन्हें जब भी बुलाएगी वह यहां दर्शनों के लिये अवश्य पहुंचेंगी। शक्तिपीठ में पूजा के बाद केंद्रीय मंत्री ने केडीबी की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली और यहां गैलरी के जरिये कुरुक्षेत्र के 48 कोस के बारे में जाना। इस मौके पर उन्होंने ब्रह्मसरोवर का अवलोकन किया और इससे पहले ब्रह्मसरोवर के जल का आचमन भी किया। केडीबी कार्यालय में मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा और सीईओ कपिल शर्मा एवं लेखाधिकारी लक्ष्मीनाथ ने उन्हें चक्रधारी भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति एवं कुरुक्षेत्र के इतिहास की जानकारी देने वाली कॉफी टेबल बुक भेंट की।
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