पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार को नौ दिसंबर का इंतजार किये बिना ही किसानों की मांगों को पूरा करने के लिए कदम उठाना चाहिए। हुड्डा ने कहा कि राजधानी में किसान आंदोलन लंबा छिड़ चुका है। इससे देश की आर्थिक व्यवस्था के साथ जनमानस पर खासा प्रभाव पड़ रहा है। भूपेंद्र सिंह हुड्डा रविवार को झांसा रोड स्थित श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर के पीठाध्यक्ष पंडित सतपाल शर्मा के दिल्ली में न्यायाधीश पुत्र स्नेहिल शर्मा के विवाह समारोह में शिरकत करने कुरुक्षेत्र पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार औद्योगिक घरानों की कठपुतली बनकर कार्य करने की बजाए देश के किसानों के बारे में सोचे तो बेहतर होगा। उन्होंने बताया कि अभी तक के आंदोलन में विभिन्न घटनाक्रमों के कारण कई किसानों की जान जा चुकी है और अब तक की स्थिति को देखकर लगता है कि केंद्र सरकार अन्नदाता की चिंता को छोड़ धन दाताओं की इच्छा के अनुसार काम कर रही है। हुड्डा ने कहा कि किसानों की मांगों को मानने में जितनी देरी होगी, उतनी ही सरकार के लिए दुविधा बढ़ेगी और साथ ही जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा, हरमोहिंदर सिंह चट्ठा, लाडवा से विधायक मेवा सिंह, कांग्रेस के प्रदेश महासचिव पवन गर्ग, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन जलेश शर्मा भी उपस्थित रहे।