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सावधान! बदलता मौसम और बढ़ता प्रदूषण बिगाड़ रहा आपकी सेहत
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सावधान! मौसम परिवर्तन के साथ बढ़ता प्रदूषण का स्तर आपकी सेहत को बिगाड़ रहा है। मौसम में हुए बदलाव के कारण 60-70 प्रतिशत लोगों को सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार और सांस संबंधित शिकायतें होनी शुरू हो गई है, लेकिन इन दिनों सावधान होने के साथ-साथ जागरूक होने की भी जरूरत हैं, क्योंकि वारयल के लक्षण होने पर मरीज स्वयं को कोरोना संक्रमित समझ लेता हैं, जिसकी वजह से वह मानसिक परेशानी का सामना करने लगता है।
दिन के समय गर्मी और रात को हल्की सर्दी होनें से वायरल होना आम हो गया है। ऐसे मौसम में चिकित्सक भी लोगों को सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं। प्रतिदिन वायरल के चलते 60 से 70 प्रतिशत मरीज एलएनजेपी अस्पताल, केयू के हेल्थ सेंटर सहित सरकारी एवं निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकतर बुखार, जुकाम और खांसी, एलर्जी से पीड़ित हैं। विशेषज्ञों की माने तो सर्दियां और गर्मियां शुरू होने के बीच के मौसम में बचाव करना बेहद जरूरी है।
डॉक्टरों का कहना है कि जब मौसम परिवर्तन होता है तो मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इस बदलते मौसम में थोड़ी सी सावधानी बरतकर हम बीमार होने से बच सकते हैं। केयू हेल्थ सेंटर के फिजीशियन डॉ. आशीष अनेजा ने बताया कि मौसम परिवर्तन से इंफेक्शन से जुड़ी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। पिछले कुछ दिनों से मरीजों में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे मौसम में शरीर में विटामिन सी और बी-कॉप्लेक्स का स्तर भी काफी कम हो जाता है, जिस कारण सर्दी, खांसी, बुखार, सिर दर्द सहित अन्य समस्या तेजी से बढ़ती हैं। यह जरूरी नहीं की सभी मरीजों को कोरोना के लक्षण ही है, लेकिन समय रहते चेकअप कराने और जांच कराने पर बेहतर उपचार दिया जा सकता है। ठंडे मौसम में खान-पान, पहनावा एवं साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। अगर किसी प्रकार के संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लें और नियमित उपचार कराएं।
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एलएनजेपी अस्पताल की ओपीडी में हुई बढ़ौतरी, मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत : डॉ. ममगाईं
एलएनजेपी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली का कहना है कि मौसम परिवर्तन ने कारण लोगों को बीमारियों ने चपेट में लेना शुरू कर दिया है। एलएनजेपी अस्पताल की आम दिनों में ओपीडी700 के करीब होती थी, लेकिन इन दिनों ओपीडी बढ़कर एक हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने हिदायतें दी है कि ऐसे मौसम में सुबह की सैर धूप निकलने के बाद ही करना चाहिए। बुजुर्ग को अल सुबह सैर पर नहीं जाना चाहिए। कोरोना संक्रमण को देखते हुए जुकाम, खांसी, बुखार और सांस केमरीज मुंह पर कपड़ा या मास्क लगाकर रखें। थूकने से बचें और दिन में कई बार गुनगुने पानी से गरारे करें और अपने नजदीक लगते स्वास्थ्य केंद्र में कोविड-19 की जांच कराए।
उजाला सिग्नस सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल कुरुक्षेत्र के फिजीशियन डॉ. पंकज का कहना है कि बदलते मौसम और प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण अस्पतालों में सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, सांस और दमा के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। वैसे कोरोना संक्रमण के चलते भी लोग अस्पतालों में पहुंच रहे हैं, लेकिन इन दिनों जितना वायरल फैल रहा है, उतना कोरोना संक्रमण नहीं। कहा कि बदलते मौसम में लोगों को बीमारी से बचने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर किसी ज्यादा दिक्कत होती है तो चिकित्सक से परामर्श लें।
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दिन के समय गर्मी और रात को हल्की सर्दी होनें से वायरल होना आम हो गया है। ऐसे मौसम में चिकित्सक भी लोगों को सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं। प्रतिदिन वायरल के चलते 60 से 70 प्रतिशत मरीज एलएनजेपी अस्पताल, केयू के हेल्थ सेंटर सहित सरकारी एवं निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकतर बुखार, जुकाम और खांसी, एलर्जी से पीड़ित हैं। विशेषज्ञों की माने तो सर्दियां और गर्मियां शुरू होने के बीच के मौसम में बचाव करना बेहद जरूरी है।
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डॉक्टरों का कहना है कि जब मौसम परिवर्तन होता है तो मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इस बदलते मौसम में थोड़ी सी सावधानी बरतकर हम बीमार होने से बच सकते हैं। केयू हेल्थ सेंटर के फिजीशियन डॉ. आशीष अनेजा ने बताया कि मौसम परिवर्तन से इंफेक्शन से जुड़ी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। पिछले कुछ दिनों से मरीजों में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे मौसम में शरीर में विटामिन सी और बी-कॉप्लेक्स का स्तर भी काफी कम हो जाता है, जिस कारण सर्दी, खांसी, बुखार, सिर दर्द सहित अन्य समस्या तेजी से बढ़ती हैं। यह जरूरी नहीं की सभी मरीजों को कोरोना के लक्षण ही है, लेकिन समय रहते चेकअप कराने और जांच कराने पर बेहतर उपचार दिया जा सकता है। ठंडे मौसम में खान-पान, पहनावा एवं साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। अगर किसी प्रकार के संक्रमण जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत चिकित्सक से सलाह लें और नियमित उपचार कराएं।
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एलएनजेपी अस्पताल की ओपीडी में हुई बढ़ौतरी, मरीजों को सतर्क रहने की जरूरत : डॉ. ममगाईं
एलएनजेपी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली का कहना है कि मौसम परिवर्तन ने कारण लोगों को बीमारियों ने चपेट में लेना शुरू कर दिया है। एलएनजेपी अस्पताल की आम दिनों में ओपीडी700 के करीब होती थी, लेकिन इन दिनों ओपीडी बढ़कर एक हजार से अधिक हो गई है। उन्होंने हिदायतें दी है कि ऐसे मौसम में सुबह की सैर धूप निकलने के बाद ही करना चाहिए। बुजुर्ग को अल सुबह सैर पर नहीं जाना चाहिए। कोरोना संक्रमण को देखते हुए जुकाम, खांसी, बुखार और सांस केमरीज मुंह पर कपड़ा या मास्क लगाकर रखें। थूकने से बचें और दिन में कई बार गुनगुने पानी से गरारे करें और अपने नजदीक लगते स्वास्थ्य केंद्र में कोविड-19 की जांच कराए।
उजाला सिग्नस सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल कुरुक्षेत्र के फिजीशियन डॉ. पंकज का कहना है कि बदलते मौसम और प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण अस्पतालों में सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, सांस और दमा के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। वैसे कोरोना संक्रमण के चलते भी लोग अस्पतालों में पहुंच रहे हैं, लेकिन इन दिनों जितना वायरल फैल रहा है, उतना कोरोना संक्रमण नहीं। कहा कि बदलते मौसम में लोगों को बीमारी से बचने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर किसी ज्यादा दिक्कत होती है तो चिकित्सक से परामर्श लें।