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Kurukshetra News: बाजार में चला बुलडोजर दुकानों के आगे बने रैंप तोड़े
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कुरुक्षेत्र। छोटा बाजार में रेंप तोड़े जाने के बाद नाले की सफाई करते श्रमिक। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। बारिश के दौरान शहर के बाजार में होने वाले जलभराव से छुटकारा मिलने की उम्मीद जगी है। इसके लिए नगर प्रशासन न केवल हरकत में आया है बल्कि बुलडोजर लेकर बाजार में उतरा है।
सबसे पहले करीब 30 साल से बंद पड़े छोटे बाजार के नाले की सुध ली है, जिसके लिए सैकड़ों दुकानों के आगे बने रैंप तोड़े गए। हालांकि इसका दुकानदारों के कारोबार पर आंशिक असर माना जा रहा है लेकिन भविष्य में बेहतर परिणाम को देख इसमें सहयोग के लिए हर दुकानदार भी आगे आया है।
यह अलग बात है कि यह कार्य बारिश का सीजन शुरू होने से पहले पूरा हो पाएगा या नहीं। यह चिंता दुकानदारों को भी सता रही है।
शहर के मुख्य बाजार से लेकर छोटा बाजार, पालिका बाजार में बारिश के चलते जलभराव सामान्य बात है। इससे न केवल दुकानों में पानी घुस जाता है बल्कि नुकसान की भी आशंका हो जाती है। यहां तक कि ग्राहकों और राहगीरों का निकलना भी दूभर हो जाता है। जलभराव के पीछे नालों की सफाई न हो पाना व इन पर रैंप बनाकर ढक देने व कचरा जमा होने से जाम होना माना जाता रहा। ऐसे में दुकानों के आगे बने रैंप, सीढि़यां तोड़ना नप प्रशासन के लिए बड़ा फैसला था। यहां तक कि यह मुद्दा कई बार नप हाउस की बैठकों में तो 19 मई को हुई जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी यह मुद्दा खूब उठा था।
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कमेटी चेयरमैन व खाद्य एवं पूर्ति मंत्री राजेश नागर के समक्ष इस मुद्दे पर विधायक अशोक अरोड़ा ने भी दुकानों के आगे बने रैंप तोड़कर नालों की सफाई करने की पैरवी की थी। इसके चलते नगर प्रशासन ने बाजार को जलभराव से मुक्त करने की योजना तैयार की, जिसके अनुसार सबसे पहले छोटा बाजार में बुलडोजर उतारा गया।
मानसून से पहले किए जा रहे कार्यों के निरीक्षण के लिए उतरे डीएमसी, मांगी रिपोर्ट : डीएमसी सतेंद्र सिवाच ने दावा किया है कि नगर परिषद मानसून व जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैै। पानी की निकासी सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। क्षेत्र अनुसार टीमों को बांटकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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कुरुक्षेत्र। बारिश के दौरान शहर के बाजार में होने वाले जलभराव से छुटकारा मिलने की उम्मीद जगी है। इसके लिए नगर प्रशासन न केवल हरकत में आया है बल्कि बुलडोजर लेकर बाजार में उतरा है।
सबसे पहले करीब 30 साल से बंद पड़े छोटे बाजार के नाले की सुध ली है, जिसके लिए सैकड़ों दुकानों के आगे बने रैंप तोड़े गए। हालांकि इसका दुकानदारों के कारोबार पर आंशिक असर माना जा रहा है लेकिन भविष्य में बेहतर परिणाम को देख इसमें सहयोग के लिए हर दुकानदार भी आगे आया है।
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यह अलग बात है कि यह कार्य बारिश का सीजन शुरू होने से पहले पूरा हो पाएगा या नहीं। यह चिंता दुकानदारों को भी सता रही है।
शहर के मुख्य बाजार से लेकर छोटा बाजार, पालिका बाजार में बारिश के चलते जलभराव सामान्य बात है। इससे न केवल दुकानों में पानी घुस जाता है बल्कि नुकसान की भी आशंका हो जाती है। यहां तक कि ग्राहकों और राहगीरों का निकलना भी दूभर हो जाता है। जलभराव के पीछे नालों की सफाई न हो पाना व इन पर रैंप बनाकर ढक देने व कचरा जमा होने से जाम होना माना जाता रहा। ऐसे में दुकानों के आगे बने रैंप, सीढि़यां तोड़ना नप प्रशासन के लिए बड़ा फैसला था। यहां तक कि यह मुद्दा कई बार नप हाउस की बैठकों में तो 19 मई को हुई जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी यह मुद्दा खूब उठा था।
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कमेटी चेयरमैन व खाद्य एवं पूर्ति मंत्री राजेश नागर के समक्ष इस मुद्दे पर विधायक अशोक अरोड़ा ने भी दुकानों के आगे बने रैंप तोड़कर नालों की सफाई करने की पैरवी की थी। इसके चलते नगर प्रशासन ने बाजार को जलभराव से मुक्त करने की योजना तैयार की, जिसके अनुसार सबसे पहले छोटा बाजार में बुलडोजर उतारा गया।
मानसून से पहले किए जा रहे कार्यों के निरीक्षण के लिए उतरे डीएमसी, मांगी रिपोर्ट : डीएमसी सतेंद्र सिवाच ने दावा किया है कि नगर परिषद मानसून व जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैै। पानी की निकासी सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। क्षेत्र अनुसार टीमों को बांटकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

कुरुक्षेत्र। छोटा बाजार में रेंप तोड़े जाने के बाद नाले की सफाई करते श्रमिक। संवाद

कुरुक्षेत्र। छोटा बाजार में रेंप तोड़े जाने के बाद नाले की सफाई करते श्रमिक। संवाद

कुरुक्षेत्र। छोटा बाजार में रेंप तोड़े जाने के बाद नाले की सफाई करते श्रमिक। संवाद