{"_id":"692a04be3a0162e064078a65","slug":"brahma-sarovar-painted-in-rainbow-colours-international-gita-mahotsav-becomes-a-grand-confluence-of-culture-and-crafts-kurukshetra-news-c-45-1-kur1001-146119-2025-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: इंद्रधनुषी रंगों में रंगा ब्रह्मसरोवर, अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव बना संस्कृति और शिल्प का भव्य संगम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: इंद्रधनुषी रंगों में रंगा ब्रह्मसरोवर, अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव बना संस्कृति और शिल्प का भव्य संगम
Sat, 29 Nov 2025 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sat, 29 Nov 2025 01:53 AM IST
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। लोक नृत्य की प्रस्तुति देती मध्यप्रदेश की कलाकार। आयोजक
कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव इस बार संस्कृति, कला और रंगों का इंद्रधनुष बनकर उभरा है। तटों पर दूर-दूर से आए कलाकारों और शिल्पकारों ने अपनी अनोखी प्रतिभा से ऐसा रंग बिखेरा कि पूरा परिसर जीवंत हो उठा। इंद्रधनुष के सातों रंगों की तरह यहां भी हर कदम पर अलग-अलग रंग, रूप और संस्कृति की झलक दिखाई दे रही है जिसकी छटा देश-विदेशों तक पहुंच रही है।
महोत्सव में विभिन्न प्रदेशों से पहुंचे लोक कलाकारों ने अपनी पारंपरिक नृत्य शैलियों और लोकगीतों के माध्यम से अपने-अपने राज्यों की संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दी। ढोल, नगाड़ों और तालवाद्यों की ऊर्जावान धुनों पर पर्यटक भी थिरकने से खुद को रोक नहीं पाए। सहभागी राज्य मध्य प्रदेश सहित एनजेडसीसी के कलाकारों ने अपने विशिष्ट नृत्य व वेशभूषा से महोत्सव की शोभा को और बढ़ाया। रंग-बिरंगे परिधानों, अलग-अलग भाषा-संस्कृति और उत्साह से भरे कलाकारों ने ऐसा माहौल बनाया कि ब्रह्मसरोवर का हर कोना उत्सव के रंग में डूबा नजर आया।
दूसरी ओर शिल्पकारों की कलात्मक कृतियों ने भी लोगों का दिल जीत लिया। लकड़ी, मिट्टी, धातु और वस्त्रों पर उकेरी गई अनोखी हस्तशिल्प कला देखकर पर्यटक मंत्रमुग्ध हो उठे। इन शिल्पकारों ने अपनी रचनात्मकता और हुनर से ऐसा प्रभाव छोड़ा कि पर्यटक न केवल उनकी कला की सराहना कर रहे हैं बल्कि स्मृति चिह्न के रूप में उनकी वस्तुओं को उत्साह से खरीद भी रहे हैं। महोत्सव इन कलाकारों के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच बनकर उभरा है, जहां उनकी कला को विश्व स्तर पर पहचान मिल रही है।
विज्ञापन
ब्रह्मसरोवर तट पर दिनभर रहने वाली रौनक, कैमरों में कैद होते यादगार पल, रोशनी में नहाए सांस्कृतिक मंच और कला की खुशबू से महकता वातावरण महोत्सव को अद्भुत अनुभव में बदल रहे हैं। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और जिला प्रशासन ने पर्यटकों, कलाकारों और शिल्पकारों के लिए सुदृढ़ व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर इस आयोजन को और अधिक सुगम बनाया है। गीता महोत्सव इस बार कला, संस्कृति और परंपराओं के अनोखे संगम के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ रहा है, जिसे देखने और जीने वाले हर व्यक्ति के मन में यह अनुभव लंबे समय तक संजोया रहेगा।
विज्ञापन
महोत्सव में विभिन्न प्रदेशों से पहुंचे लोक कलाकारों ने अपनी पारंपरिक नृत्य शैलियों और लोकगीतों के माध्यम से अपने-अपने राज्यों की संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दी। ढोल, नगाड़ों और तालवाद्यों की ऊर्जावान धुनों पर पर्यटक भी थिरकने से खुद को रोक नहीं पाए। सहभागी राज्य मध्य प्रदेश सहित एनजेडसीसी के कलाकारों ने अपने विशिष्ट नृत्य व वेशभूषा से महोत्सव की शोभा को और बढ़ाया। रंग-बिरंगे परिधानों, अलग-अलग भाषा-संस्कृति और उत्साह से भरे कलाकारों ने ऐसा माहौल बनाया कि ब्रह्मसरोवर का हर कोना उत्सव के रंग में डूबा नजर आया।
विज्ञापन
दूसरी ओर शिल्पकारों की कलात्मक कृतियों ने भी लोगों का दिल जीत लिया। लकड़ी, मिट्टी, धातु और वस्त्रों पर उकेरी गई अनोखी हस्तशिल्प कला देखकर पर्यटक मंत्रमुग्ध हो उठे। इन शिल्पकारों ने अपनी रचनात्मकता और हुनर से ऐसा प्रभाव छोड़ा कि पर्यटक न केवल उनकी कला की सराहना कर रहे हैं बल्कि स्मृति चिह्न के रूप में उनकी वस्तुओं को उत्साह से खरीद भी रहे हैं। महोत्सव इन कलाकारों के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच बनकर उभरा है, जहां उनकी कला को विश्व स्तर पर पहचान मिल रही है।
विज्ञापन
ब्रह्मसरोवर तट पर दिनभर रहने वाली रौनक, कैमरों में कैद होते यादगार पल, रोशनी में नहाए सांस्कृतिक मंच और कला की खुशबू से महकता वातावरण महोत्सव को अद्भुत अनुभव में बदल रहे हैं। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और जिला प्रशासन ने पर्यटकों, कलाकारों और शिल्पकारों के लिए सुदृढ़ व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर इस आयोजन को और अधिक सुगम बनाया है। गीता महोत्सव इस बार कला, संस्कृति और परंपराओं के अनोखे संगम के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ रहा है, जिसे देखने और जीने वाले हर व्यक्ति के मन में यह अनुभव लंबे समय तक संजोया रहेगा।

कुरुक्षेत्र। लोक नृत्य की प्रस्तुति देती मध्यप्रदेश की कलाकार। आयोजक

कुरुक्षेत्र। लोक नृत्य की प्रस्तुति देती मध्यप्रदेश की कलाकार। आयोजक