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Kurukshetra News: भाकियू ने छह घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल
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कुरुक्षेत्र। शंभू और खनौरी बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन का असर धर्मनगरी में दिखने लगा है। शुक्रवार को आंदोलन के समर्थन में भाकियू चढूनी ने लघु सचिवालय पर छह घंटे तक सांकेतिक भूख हड़ताल की साथ ही नए मंडी एक्ट के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम नगराधीश डाॅ. रमन गुप्ता को ज्ञापन दिया।
इससे पहले गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में किसान सुबह करीब 10 बजे लघु सचिवालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। रोष प्रदर्शन के बाद गुरनाम सिंह चढूनी और भाकियू के कार्यकारी अध्यक्ष कर्म सिंह मथाना समेत 11 किसानों ने शाम चार बजे तक अनशन किया। भाकियू ने हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे ओम प्रकाश चौटाला के निधन की सूचना पर दो मिनट का मौन धारण कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की।
वहीं, शहीद भगत सिंह किसान यूनियन की ओर से शनिवार को पिहोवा के गुरुद्वारा बाउली साहिब में प्रस्तावित बैठक के लिए विभिन्न गांवों में जिला इकाई ने न्योता दिया। उधर, प्रशासन ने जिले से सटी पंजाब की सीमा अधोया और इस्माईलाबाद के कुम्हार माजरा गांव के बॉर्डर पर पहरा लगा रखा है।
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इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर शाहाबाद के मारकंडा पुल पर शाहाबाद पुलिस निगरानी कर रही है, मगर जिले में पंजाब से सटे बॉर्डर पर कहीं भी पंजाब के किसानों की कोई हलचल और गतिविधि नहीं है, हालांकि पुलिस का खुफिया तंत्र धर्मनगरी में आंदोलन के समर्थन में किसानों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।
सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप ःगुरनाम सिंह चढूनी ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। बातचीत में कहा कि किसान आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार ने एमएसपी पर फसल खरीद करने का आश्वासन दिया था। सरकार पर भरोसा करके किसानों ने आंदोलन वापस ले लिया था, मगर सरकार ने उनके साथ वादाखिलाफी की है।
इसी के विरोध में पंजाब बॉर्डर पर किसान फरवरी से आंदोलन कर रहे हैं, मगर सरकार उनकी नहीं सुन रही है। अब सरकार नया मंडी एक्ट लागू करने जा रही है। यह तीन कृषि कानून का ही एक हिस्सा है। इससे न सिर्फ किसानों को बल्कि आढ़ती और मजदूरों को भी नुकसान होगा। इसी के विरोध में भाकियू ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया है।
बैठक में होंगे निर्णय ः एसबीएसकेयू के जिला महासचिव दिलबाग सिंह ने बताया कि शनिवार को पिहोवा के गुरुद्वारा बाउली साहिब में किसानों की बड़ी बैठक होगी। इसके लिए गांव-गांव जाकर किसानों को न्योता दिया जा रहा है। इस बैठक में जिला कैथल की इकाई भी शामिल होगी। बैठक में किसान आंदोलन के संबंध में फैसला लिया जाएगा, जिसमें आंदोलन के समर्थन में विभिन्न गतिविधियां की जाएगी।
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इससे पहले गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में किसान सुबह करीब 10 बजे लघु सचिवालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। रोष प्रदर्शन के बाद गुरनाम सिंह चढूनी और भाकियू के कार्यकारी अध्यक्ष कर्म सिंह मथाना समेत 11 किसानों ने शाम चार बजे तक अनशन किया। भाकियू ने हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे ओम प्रकाश चौटाला के निधन की सूचना पर दो मिनट का मौन धारण कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की।
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वहीं, शहीद भगत सिंह किसान यूनियन की ओर से शनिवार को पिहोवा के गुरुद्वारा बाउली साहिब में प्रस्तावित बैठक के लिए विभिन्न गांवों में जिला इकाई ने न्योता दिया। उधर, प्रशासन ने जिले से सटी पंजाब की सीमा अधोया और इस्माईलाबाद के कुम्हार माजरा गांव के बॉर्डर पर पहरा लगा रखा है।
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इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर शाहाबाद के मारकंडा पुल पर शाहाबाद पुलिस निगरानी कर रही है, मगर जिले में पंजाब से सटे बॉर्डर पर कहीं भी पंजाब के किसानों की कोई हलचल और गतिविधि नहीं है, हालांकि पुलिस का खुफिया तंत्र धर्मनगरी में आंदोलन के समर्थन में किसानों की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।
सरकार पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप ःगुरनाम सिंह चढूनी ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। बातचीत में कहा कि किसान आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार ने एमएसपी पर फसल खरीद करने का आश्वासन दिया था। सरकार पर भरोसा करके किसानों ने आंदोलन वापस ले लिया था, मगर सरकार ने उनके साथ वादाखिलाफी की है।
इसी के विरोध में पंजाब बॉर्डर पर किसान फरवरी से आंदोलन कर रहे हैं, मगर सरकार उनकी नहीं सुन रही है। अब सरकार नया मंडी एक्ट लागू करने जा रही है। यह तीन कृषि कानून का ही एक हिस्सा है। इससे न सिर्फ किसानों को बल्कि आढ़ती और मजदूरों को भी नुकसान होगा। इसी के विरोध में भाकियू ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया है।
बैठक में होंगे निर्णय ः एसबीएसकेयू के जिला महासचिव दिलबाग सिंह ने बताया कि शनिवार को पिहोवा के गुरुद्वारा बाउली साहिब में किसानों की बड़ी बैठक होगी। इसके लिए गांव-गांव जाकर किसानों को न्योता दिया जा रहा है। इस बैठक में जिला कैथल की इकाई भी शामिल होगी। बैठक में किसान आंदोलन के संबंध में फैसला लिया जाएगा, जिसमें आंदोलन के समर्थन में विभिन्न गतिविधियां की जाएगी।