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संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से घट रही जैव संपदा : डॉ. दीपक
Tue, 29 Jul 2025 03:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 29 Jul 2025 03:21 AM IST
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कुरुक्षेत्र। पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र में सोमवार को विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय जीव विज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. दीपक राय ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने बताया की प्रकृति संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से भारत में जैव संपदा दिन-प्रतिदिन घट रही है और उनके संरक्षण के लिए प्रभावी उपायों को अपनाने की आवश्यकता हैं।
उन्होंने जनमानस व पौधों को संयोजित करना, वन्यजीव सरंक्षण में डिजिटल नवाचार की खोज विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से भारत में वन्यजीव संसाधनों की वर्तमान स्थिति तथा उनसे जुडी चिंताओं पर चर्चा की। केंद्र में पेड़ पोधों को पहचानने और भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। जिसमें सैनी पब्लिक स्कूल की अंकिता को प्रथम, सैनी पब्लिक स्कूल की अदिति को द्वितीय औ गुरुनानक अकादमी की करीना को तृतीय पुरस्कार दिया गया।
डॉ दीपक राय ने एक कार्यशाला भी बच्चों के लिए आयोजित की, जिसमें उन्होंने पक्षियों को पहचानने एवं इस कार्य के लिए उपयोग में लिए जाने वाले डिजिटल उपकरणों की भी जानकारी दी। केंद्र के परियोजना समन्वयक सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि प्रकृति संरक्षण हम सभी की जिम्मेवारी है।
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उन्होंने प्रकृति संरक्षण संबंधी विभिन्न समस्याएं जैसे प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों का घटता क्षेत्रफल तथा मानव की बदली हुई जीवन शैली का प्राकृतिक संसाधनों एवं पर्यावरण पर प्रभाव इत्यादि के बारे में बच्चों का ज्ञानवर्धन किया। संवाद
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उन्होंने जनमानस व पौधों को संयोजित करना, वन्यजीव सरंक्षण में डिजिटल नवाचार की खोज विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से भारत में वन्यजीव संसाधनों की वर्तमान स्थिति तथा उनसे जुडी चिंताओं पर चर्चा की। केंद्र में पेड़ पोधों को पहचानने और भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। जिसमें सैनी पब्लिक स्कूल की अंकिता को प्रथम, सैनी पब्लिक स्कूल की अदिति को द्वितीय औ गुरुनानक अकादमी की करीना को तृतीय पुरस्कार दिया गया।
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डॉ दीपक राय ने एक कार्यशाला भी बच्चों के लिए आयोजित की, जिसमें उन्होंने पक्षियों को पहचानने एवं इस कार्य के लिए उपयोग में लिए जाने वाले डिजिटल उपकरणों की भी जानकारी दी। केंद्र के परियोजना समन्वयक सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि प्रकृति संरक्षण हम सभी की जिम्मेवारी है।
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उन्होंने प्रकृति संरक्षण संबंधी विभिन्न समस्याएं जैसे प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों का घटता क्षेत्रफल तथा मानव की बदली हुई जीवन शैली का प्राकृतिक संसाधनों एवं पर्यावरण पर प्रभाव इत्यादि के बारे में बच्चों का ज्ञानवर्धन किया। संवाद