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कथा में सुनाया भक्त ध्रुव प्रसंग
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श्रीमद्भागवत कथा में आरती करते विधायक सुभाष सुधा। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। दुखभंजन महादेव मंदिर में कार्तिक मास और सूर्यग्रहण के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास शुकदेव आचार्य ने कुरु वंश, भक्त ध्रुव प्रसंग और भगवान कपिल अवतार का उल्लेख किया। कथा के यजमानों सहित विधायक सुभाष सुधा ने सर्वदेव एवं भागवत पूजन किया। अनुष्ठान में सुबह 51 ब्राह्मणों द्वारा सवा लाख गायत्री मंत्र जाप भी चल रहा है।
प्रवचनों में शुकदेवाचार्य ने कहा कि सतयुग के दौरान अवधपुरी में राजा उत्तानपाद राज किया करते थे। उनकी बड़ी रानी का नाम सुनीति था और उनके कोई संतान नहीं थी। देवर्षि नारद रानी को बताते हैं कि यदि तुम दूसरी शादी करवाओगी तो संतान प्राप्त होगी। रानी अपनी छोटी बहन सुरुचि की शादी राजा से करवा देती है और समय आने पर उससे एक संतान की उत्पत्ति होती है। उसी समय कुछ दिनों के बाद बड़ी रानी भी एक बालक को जन्म देती है।
पांच वर्ष बाद जब राजा अपने बेटे का जन्म दिन मना रहे थे तो बालक ध्रुव भी बच्चों संग खेलता हुआ उनकी गोद में बैठ गया, जिस पर बड़ी रानी उसको लात मारकर उठा देती है और उसे कहती है कि यदि अपने पिता की गोद में बैठना है तो अगले जन्म तक इंतजार कर। बालक ध्रुव यह बात चुभ जाती है और वह वन में जाकर कठिन तपस्या करने लगते हैं। उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु उन्हें दर्शन देते हैं और उन्हें मनचाहा वरदान देने का वचन देते हैं।
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इस प्रसंग से यह शिक्षा मिलती है कि किसी में भेदभाव नहीं करना चाहिए और प्रभु की भक्ति में कोई विघ्न नहीं डालना चाहिए। भागवत आरती में आचार्य नरेश कौशिक, मां शाकम्भरी देवी सेवक मंडल के अध्यक्ष अशोक शर्मा बाली, मस्त फक्कड़नाथ शिव शक्ति आश्रम ट्रस्ट कुरूक्षेत्र के प्रधान जितेंद्र बंसल, हरियाणा ड्राईक्लीनर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष कृष्ण लाल मेहता,एडवोकेट मनमोहन शर्मा, डॉक्टर शालिनी शर्मा, जय कुमार शर्मा, मोहन भारद्वाज, रोजी शर्मा, हेमराज, सुनील अंगीरस, राकेश कंसल, ललित चावला, श्याम जुनेजा, अरुण गौड़,प् रवीण शर्मा, डॉ.अनिल शर्मा, देवेंद्र कुमार, दीपक शर्मा आदि भाग लिया।
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कुरुक्षेत्र। दुखभंजन महादेव मंदिर में कार्तिक मास और सूर्यग्रहण के उपलक्ष्य में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यास शुकदेव आचार्य ने कुरु वंश, भक्त ध्रुव प्रसंग और भगवान कपिल अवतार का उल्लेख किया। कथा के यजमानों सहित विधायक सुभाष सुधा ने सर्वदेव एवं भागवत पूजन किया। अनुष्ठान में सुबह 51 ब्राह्मणों द्वारा सवा लाख गायत्री मंत्र जाप भी चल रहा है।
प्रवचनों में शुकदेवाचार्य ने कहा कि सतयुग के दौरान अवधपुरी में राजा उत्तानपाद राज किया करते थे। उनकी बड़ी रानी का नाम सुनीति था और उनके कोई संतान नहीं थी। देवर्षि नारद रानी को बताते हैं कि यदि तुम दूसरी शादी करवाओगी तो संतान प्राप्त होगी। रानी अपनी छोटी बहन सुरुचि की शादी राजा से करवा देती है और समय आने पर उससे एक संतान की उत्पत्ति होती है। उसी समय कुछ दिनों के बाद बड़ी रानी भी एक बालक को जन्म देती है।
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पांच वर्ष बाद जब राजा अपने बेटे का जन्म दिन मना रहे थे तो बालक ध्रुव भी बच्चों संग खेलता हुआ उनकी गोद में बैठ गया, जिस पर बड़ी रानी उसको लात मारकर उठा देती है और उसे कहती है कि यदि अपने पिता की गोद में बैठना है तो अगले जन्म तक इंतजार कर। बालक ध्रुव यह बात चुभ जाती है और वह वन में जाकर कठिन तपस्या करने लगते हैं। उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु उन्हें दर्शन देते हैं और उन्हें मनचाहा वरदान देने का वचन देते हैं।
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इस प्रसंग से यह शिक्षा मिलती है कि किसी में भेदभाव नहीं करना चाहिए और प्रभु की भक्ति में कोई विघ्न नहीं डालना चाहिए। भागवत आरती में आचार्य नरेश कौशिक, मां शाकम्भरी देवी सेवक मंडल के अध्यक्ष अशोक शर्मा बाली, मस्त फक्कड़नाथ शिव शक्ति आश्रम ट्रस्ट कुरूक्षेत्र के प्रधान जितेंद्र बंसल, हरियाणा ड्राईक्लीनर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष कृष्ण लाल मेहता,एडवोकेट मनमोहन शर्मा, डॉक्टर शालिनी शर्मा, जय कुमार शर्मा, मोहन भारद्वाज, रोजी शर्मा, हेमराज, सुनील अंगीरस, राकेश कंसल, ललित चावला, श्याम जुनेजा, अरुण गौड़,प् रवीण शर्मा, डॉ.अनिल शर्मा, देवेंद्र कुमार, दीपक शर्मा आदि भाग लिया।