कुरुक्षेत्र। मनोकामना सिद्ध शिव मंदिर में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन श्री राम प्रसंग सुनाया गया। कथा में राज्यमंत्री सुभाष सुधा बतौर मुख्य अतिथि रहे। कथा में सैकड़ों रामभक्तों ने हिस्सा लेकर भगवान श्रीराम प्रसंग सुना। कथावाचक तुलसी ने बताया कि प्रभु श्री राम कौशल नरेश महाराज दशरथ और रानी कौशल्या के सबसे बड़े पुत्र थे। हनुमान उनके परम भक्त है। पुराणों में राम जी की प्रतिष्ठा मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में है, क्योंकि उन्होंने मर्यादा के पालन के लिए राज्य, मित्र, माता-पिता तक का त्याग किया।
उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में राम नाम रूपी बैंक बैलेंस भी आवश्यक है। यही बैलेंस परलोक में उसके काम आएगा, जिस प्रकार हम बैंक में अपना धन जमा करवाते है, उसी प्रकार जीवन में राम के नाम रूपी धन का संग्रह करके हम अपना जीवन संवारते हैं। तीर्थों में मर्यादा के अनुकूल ही रहना चाहिए। इससे तीर्थराज प्रसन्न होकर अपने स्थान के निवासियों को प्रत्येक आपत्ति से बचाते है। उन्होंने कहा कि सत्य परेशान तो होता है, किंतु पराजित नहीं होता। सत्य और धर्म का पालन करने वाले मनुष्यों की कभी पराजय नहीं होती। इसलिए सत्य और धर्म का पालन करना चाहिए। इस मौके पर पंडित उमेश पाठक, बीएन शर्मा, सुनील सिंगला, एम के खन्ना, दर्शन पुरी, विनोद सिंगला, विशेष गर्ग, राहुल सिंगला, उमाशंकर, अश्वनी मित्तल सहित अन्य मौजूद रहे।