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Kurukshetra News: श्री कृष्ण अर्जुन मंदिर में बलराम पूर्णिमा महोत्सव मनाया
Sun, 10 Aug 2025 03:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 10 Aug 2025 03:15 AM IST
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कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण अर्जुन मंदिर में पूजा अर्चना करते साक्षी गोपालदास प्रभु व अन्य । विज्ञप
कुरुक्षेत्र। ज्योतिसर स्थित इस्कॉन के श्री कृष्ण अर्जुन मंदिर में 9 अगस्त को बलराम पूर्णिमा का पावन उत्सव अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। मंदिर परिसर में भक्ति, कीर्तन और उल्लास का अद्भुत वातावरण रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत श्री श्री कृष्ण बलराम के महाअभिषेक से हुई, जिसमें विभिन्न पवित्र द्रव्यों – दूध, दही, घी, शहद और पुष्पजल से सुंदर अभिषेक संपन्न हुआ। इसके पश्चात भक्तों ने मधुर कीर्तन और हृदयस्पर्शी कथा का रसपान किया। कथा में इस्कॉन कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष साक्षी गोपाल प्रभु एवं उपाध्यक्ष मोहन गौरचंद्र प्रभु ने बलराम के तत्त्व और लीलाओं का सुंदर वर्णन किया।
साक्षी गोपाल प्रभु ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण जी को प्राप्त करने के लिए जो बल चाहिए वो बल हमें श्री बलराम जी प्रदान करते हैं। हमें सभी बाधाओं से निकालने का जो बल मिलता है वो भगवान बलराम जी से है मिलता है। बलराम जी आदि गुरु है। इस अवसर पर 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए और सभी भक्तों को प्रसाद (भंडारा) वितरित किया गया।बलराम पूर्णिमा के पावन अवसर के तुरंत बाद मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। प्रतिदिन सायं छह बजे से आठ बजे तक कथा का आयोजन होगा।
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16 अगस्त को भव्य जन्माष्टमी महोत्सव
इस वर्ष की जन्माष्टमी इस्कॉन के लिए विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह न केवल भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य दिवस का उत्सव है, बल्कि इसके साथ ही मंदिर के गौरवपूर्ण 10 वर्षों की यात्रा का भी स्मरण होगा। इस दिन रात्रि में अलंकार, विशेष महाअभिषेक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कीर्तन, 108 प्रकार के भोग और मध्यरात्रि आरती का आयोजन होगा।
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कार्यक्रम की शुरुआत श्री श्री कृष्ण बलराम के महाअभिषेक से हुई, जिसमें विभिन्न पवित्र द्रव्यों – दूध, दही, घी, शहद और पुष्पजल से सुंदर अभिषेक संपन्न हुआ। इसके पश्चात भक्तों ने मधुर कीर्तन और हृदयस्पर्शी कथा का रसपान किया। कथा में इस्कॉन कुरुक्षेत्र के अध्यक्ष साक्षी गोपाल प्रभु एवं उपाध्यक्ष मोहन गौरचंद्र प्रभु ने बलराम के तत्त्व और लीलाओं का सुंदर वर्णन किया।
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साक्षी गोपाल प्रभु ने बताया कि भगवान श्री कृष्ण जी को प्राप्त करने के लिए जो बल चाहिए वो बल हमें श्री बलराम जी प्रदान करते हैं। हमें सभी बाधाओं से निकालने का जो बल मिलता है वो भगवान बलराम जी से है मिलता है। बलराम जी आदि गुरु है। इस अवसर पर 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए और सभी भक्तों को प्रसाद (भंडारा) वितरित किया गया।बलराम पूर्णिमा के पावन अवसर के तुरंत बाद मंदिर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। प्रतिदिन सायं छह बजे से आठ बजे तक कथा का आयोजन होगा।
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16 अगस्त को भव्य जन्माष्टमी महोत्सव
इस वर्ष की जन्माष्टमी इस्कॉन के लिए विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह न केवल भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य दिवस का उत्सव है, बल्कि इसके साथ ही मंदिर के गौरवपूर्ण 10 वर्षों की यात्रा का भी स्मरण होगा। इस दिन रात्रि में अलंकार, विशेष महाअभिषेक, सांस्कृतिक कार्यक्रम, कीर्तन, 108 प्रकार के भोग और मध्यरात्रि आरती का आयोजन होगा।