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Kurukshetra News: महादेव गोशाला में पांच दिन चलेगी बाल संस्कारशाला
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कुरुक्षेत्र। बच्चों में लुप्तप्रायः होते संस्कारों के कारण माता पिता को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। महादेव गोशाला समिति ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए श्रीमद्भागवतगीता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के सहयोग से पांच दिवसीय बाल संस्कारशाला का आयोजन करने का निर्णय किया है, जो 23 से 27 जून तक जारी रहेगी।
महादेव गोशाला के संरक्षक अशोक रोशा ने बताया हमारी संस्कृति राम, कृष्ण, महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी, विवेकानंद जैसे महापुरुषों की तपोभूमि रही है। प्रत्येक महापुरुष का आचरण संस्कारों से ओतप्रोत रहा है। इन सब के पीछे था उनका प्रेरणाप्रद बचपन। हम सब जानते हैं यह सभी संस्कार संयुक्त परिवारों में दादा, दादी, नाना, नानी की कहानियों सुनकर हमारे व्यक्तित्व का विकास हुआ भौतिक युग में एकल परिवार के कारण जीवन का महत्वपूर्ण अंग संस्कार तेजी से बदलते हुए परिवेश में कब हमसे छूट गया हमें पता ही नहीं चला। बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का होना महत्वपूर्ण है। संस्कारों के बिना शिक्षा अधूरी है। बदलते परिवेश में समय निकालकर बच्चों को संस्कारवान बनाना यज्ञ के समान है
बाल संस्कार शाला इसी महती आवश्यकता को पूर्ण करती है। महादेव गोशाला के प्रधान सुरेंद्र गोयल ने कहा नौनिहालों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास की इस योजना में उन्हें मानवीय मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया जाए। श्रीमद्भगवद् गीता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुलश्रेष्ठ ने कहा कि संस्कार बच्चे की महानता को देवतुल्य बना देते हैं। बाल संस्कारशाला के संयोजक कैलाश गोयल ने बताया कि श्रीमद्भागवत वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय द्वारा 23 से लेकर 27 जून तक प्रतिदिन शाम 5:30 बजे से लेकर 6:30 तक संस्कार शाला का आयोजन किया जाएगा।
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महादेव गोशाला के संरक्षक अशोक रोशा ने बताया हमारी संस्कृति राम, कृष्ण, महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी, विवेकानंद जैसे महापुरुषों की तपोभूमि रही है। प्रत्येक महापुरुष का आचरण संस्कारों से ओतप्रोत रहा है। इन सब के पीछे था उनका प्रेरणाप्रद बचपन। हम सब जानते हैं यह सभी संस्कार संयुक्त परिवारों में दादा, दादी, नाना, नानी की कहानियों सुनकर हमारे व्यक्तित्व का विकास हुआ भौतिक युग में एकल परिवार के कारण जीवन का महत्वपूर्ण अंग संस्कार तेजी से बदलते हुए परिवेश में कब हमसे छूट गया हमें पता ही नहीं चला। बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का होना महत्वपूर्ण है। संस्कारों के बिना शिक्षा अधूरी है। बदलते परिवेश में समय निकालकर बच्चों को संस्कारवान बनाना यज्ञ के समान है
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बाल संस्कार शाला इसी महती आवश्यकता को पूर्ण करती है। महादेव गोशाला के प्रधान सुरेंद्र गोयल ने कहा नौनिहालों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास की इस योजना में उन्हें मानवीय मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया जाए। श्रीमद्भगवद् गीता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुलश्रेष्ठ ने कहा कि संस्कार बच्चे की महानता को देवतुल्य बना देते हैं। बाल संस्कारशाला के संयोजक कैलाश गोयल ने बताया कि श्रीमद्भागवत वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय द्वारा 23 से लेकर 27 जून तक प्रतिदिन शाम 5:30 बजे से लेकर 6:30 तक संस्कार शाला का आयोजन किया जाएगा।
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