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बाबैन थाना परिसर के बाहर धरना
अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Mon, 12 May 2014 11:58 PM IST
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बाबैन। पिछले दिनों गांव अंटेहड़ी में बिजली चोरी पकड़ने को लेकर ग्रामीणों और बिजलीकर्मियों के बीच हुई मारपीट का मामला अब तूल पकड़ने लगा है।
भाकियू नेताओं ने अंटेहड़ी के लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और चोरी पकड़ने के नाम पर महिलाओं से अभद्र व्यवहार करने वाले बिजली कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर बाबैन थाना परिसर के बाहर सांकेतिक धरना दिया।
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में शाहाबाद के डीएसपी शीतल सिंह, थाना प्रभारी मनीष कुमार बिजली बोर्ड के एसडीओ सतिंद्र कुंडू और अन्य बिजली कर्मचारियों के बीच चली कई दौर की वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला और मामला बुधवार तक के लिए टाल दिया।
मामले का हल न होने से ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिजली कर्मचारियों की शिकायत पर गांव अंटेहड़ी के लोगों को गिरफ्तार किया तो ग्रामीण इसे कदापि सहन नहीं करेंगे।
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ज्ञात रहे कि बाबैन पुलिस ने गांव अंटेहड़ी में बिजली चोरी पकड़ने को लेकर गई टीम के साथ मारपीट करने के आरोप में बिजली बोर्ड के एसडीओ सतिंद्र कुंडू की शिकायत पर गांव के सत्ता लोहार और रिंकू के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इस मामले में हैरत भरी बात यह रही कि मामले में नामजद सत्ता लोहार की आठ वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है और रिंकू की एक बाजू कटी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली चोरी पकड़ने गई बिजली कर्मचारियों की टीम ने बिना दरवाजा खटखटाए ही घर में घुसकर महिला के साथ बदसलूकी की थी, जिससे वह घबरा गई और उसे चोट लग गई थी, लेकिन पुलिस ने उसकी शिकायत पर बिजली कर्मचारियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया है।
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंंह चढूनी ने आरोप लगाया कि जहां के लोग बिजली का बिल भी भरते हैं, इसके बावजूद बिजली कर्मचारी इसी जिला के लोगों को बिजली चोरी के नाम पर जानबूझ कर प्रताड़ित करते हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में लोगों के जिम्में मात्र 20 करोड़ रुपये बिजली के बिलों का बकाया है, जबकि मुख्यमंत्री के गृह जिला रोहतक में यह 700 करोड़ से अधिक है।
उन्होंने कहा कि उस क्षेत्र में बिजली की चोरी भी सर्वाधिक होती है, लेकिन इसके बावजूद बिजली के बिल भरने वाले लोगाें को ही बिजली चोरी के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसको भाकियू कदापि सहन नहीं करेगी। इस अवसर पर भाकियू मंडल अध्यक्ष बाबू राम गुंदियाना, करम चंद मथाना, सुखविंद्र सिंंह, कृष्ण कलाल माजरा, राकेश कुमार सरपंच खैरा, सुभाष अंटेहड़ी, सुरेश खैरी, मुकेश अंटेहड़ी, पूर्व सरपंच सुरेश कुमार मौजूद थे।
शाहाबाद के डीएसपी शीतल सिंह का कहना है कि मामले को शांतिपूर्वक ढंग से निपटाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों और बिजली कर्मचारियों के बीच हुई बैठक संतोषजनक रही है। उन्होंने कहा कि 14 मई बुधवार को दोबारा दोनों पक्षों की थाना बाबैन में बैठक बुलाई है।
गांव के सरपंच प्रेम सिंह ने कहा कि बिजली कर्मचारी भी उनके भाई जैसे हैं और ग्रामीण उनसे कोई टकराव नहीं चाहते है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे सभी बिजलीकर्मियों के साथ आदर पूर्वक व्यवहार करें और बिजली संबंधी कार्यों में उनका सहयोग करें।
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भाकियू नेताओं ने अंटेहड़ी के लोगों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और चोरी पकड़ने के नाम पर महिलाओं से अभद्र व्यवहार करने वाले बिजली कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर बाबैन थाना परिसर के बाहर सांकेतिक धरना दिया।
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में शाहाबाद के डीएसपी शीतल सिंह, थाना प्रभारी मनीष कुमार बिजली बोर्ड के एसडीओ सतिंद्र कुंडू और अन्य बिजली कर्मचारियों के बीच चली कई दौर की वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला और मामला बुधवार तक के लिए टाल दिया।
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मामले का हल न होने से ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बिजली कर्मचारियों की शिकायत पर गांव अंटेहड़ी के लोगों को गिरफ्तार किया तो ग्रामीण इसे कदापि सहन नहीं करेंगे।
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ज्ञात रहे कि बाबैन पुलिस ने गांव अंटेहड़ी में बिजली चोरी पकड़ने को लेकर गई टीम के साथ मारपीट करने के आरोप में बिजली बोर्ड के एसडीओ सतिंद्र कुंडू की शिकायत पर गांव के सत्ता लोहार और रिंकू के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इस मामले में हैरत भरी बात यह रही कि मामले में नामजद सत्ता लोहार की आठ वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है और रिंकू की एक बाजू कटी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली चोरी पकड़ने गई बिजली कर्मचारियों की टीम ने बिना दरवाजा खटखटाए ही घर में घुसकर महिला के साथ बदसलूकी की थी, जिससे वह घबरा गई और उसे चोट लग गई थी, लेकिन पुलिस ने उसकी शिकायत पर बिजली कर्मचारियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया है।
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंंह चढूनी ने आरोप लगाया कि जहां के लोग बिजली का बिल भी भरते हैं, इसके बावजूद बिजली कर्मचारी इसी जिला के लोगों को बिजली चोरी के नाम पर जानबूझ कर प्रताड़ित करते हैं। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में लोगों के जिम्में मात्र 20 करोड़ रुपये बिजली के बिलों का बकाया है, जबकि मुख्यमंत्री के गृह जिला रोहतक में यह 700 करोड़ से अधिक है।
उन्होंने कहा कि उस क्षेत्र में बिजली की चोरी भी सर्वाधिक होती है, लेकिन इसके बावजूद बिजली के बिल भरने वाले लोगाें को ही बिजली चोरी के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसको भाकियू कदापि सहन नहीं करेगी। इस अवसर पर भाकियू मंडल अध्यक्ष बाबू राम गुंदियाना, करम चंद मथाना, सुखविंद्र सिंंह, कृष्ण कलाल माजरा, राकेश कुमार सरपंच खैरा, सुभाष अंटेहड़ी, सुरेश खैरी, मुकेश अंटेहड़ी, पूर्व सरपंच सुरेश कुमार मौजूद थे।
शाहाबाद के डीएसपी शीतल सिंह का कहना है कि मामले को शांतिपूर्वक ढंग से निपटाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों और बिजली कर्मचारियों के बीच हुई बैठक संतोषजनक रही है। उन्होंने कहा कि 14 मई बुधवार को दोबारा दोनों पक्षों की थाना बाबैन में बैठक बुलाई है।
गांव के सरपंच प्रेम सिंह ने कहा कि बिजली कर्मचारी भी उनके भाई जैसे हैं और ग्रामीण उनसे कोई टकराव नहीं चाहते है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे सभी बिजलीकर्मियों के साथ आदर पूर्वक व्यवहार करें और बिजली संबंधी कार्यों में उनका सहयोग करें।