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Kurukshetra News: करंट के दर्द को आयुर्वेद की पंचकर्म विधि ने किया जड़ से खत्म

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Sep 2025 02:04 AM IST
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Ayurveda's Panchkarma method completely eradicates the pain of electric shock
कुरुक्षेत्र। डॉ. राजा सिंगला से परामर्श लेते हुए राजकुमार। विज्ञप्ति - फोटो : संगठन
कुरुक्षेत्र। करंट लगने के बाद होने वाले असहनीय दर्द में आयुर्वेद की पंचकर्म विधि कारगर साबित हो रही है। पंचकर्म विधि से उपचार के बाद इस तरह के दर्द से बिना किसी दर्द निवारक दवा लिए छुटकारा मिल रहा है। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में पंचकर्म चिकित्सा से कई लोगों को राहत मिली है।
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इसी विधि ने करंट लगने के बाद दर्द से कराह रहे सेवानिवृत्त बीएसएफ से उपनिरीक्षक की जिंदगी आयुर्वेद ने दोबारा पटरी पर ला दी। उपनिरीक्षक दर्द से निजात पाने के लिए कई अस्पतालों में भटक चुके थे लेकिन कहीं से भी राहत नहीं मिली। अंत में उन्होंने श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय का रुख किया, यहां पंचकर्म विभाग के प्रो. राजा सिंगला की देखरेख में उपचार हुआ। 30 दिन तक चले पंचकर्म उपचार ने उन्हें फिर से स्वस्थ कर दिया है।
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करनाल जिले के सिद्धपुर गांव निवासी 59 वर्षीय बीएसएफ से सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर राजकुमार 25 अप्रैल को करंट की चपेट में आ गए थे। करंट उनके दोनों पैरों से निकला जिसके बाद उनकी कमर और टांगों में भयंकर दर्द रहने लगा। कई अस्पतालों और चिकित्सकाें से उपचार कराने के बावजूद दर्द में कोई आराम नहीं आया। हालत ये हो गए कि राजकुमार सोते भी दर्द में थे और आंख भी दर्द में खुलती थीं। राजकुमार बताते हैं कि दर्द इतना असहनीय था कि मुझे दिन में दो-दो दर्द निवारक गोलियां खानी पड़ती थीं। इसके बावजूद भी राहत नहीं मिलती थी। धीरे-धीरे चलने-फिरने में भी मुश्किल होने लगी थी।
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इसके बाद एक जानकार ने उन्हें श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के पंचकर्म विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजा सिंगला से मिलने की सलाह दी। 4 अगस्त को राजकुमार विश्वविद्यालय पहुंचे और 30 दिन तक उन्हें अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया गया। डॉ. राजा सिंगला और उनकी टीम ने उन्हें कटी बस्ती, पत्र पोटली स्वेदन, मात्रा बस्ती समेत अन्य आयुर्वेदिक औषधियों से उपचार दिया। लगातार पंचकर्म और थेरेपी से राजकुमार की स्थिति में सुधार हुआ और अब वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। पिछले 15 दिनों से उन्होंने दवाइयां लेना भी बंद कर दिया है।

राजकुमार की डिस्क प्रोलेप्स हो चुकी थी, शरीर के अंगों में सूजन थी : डॉ. राजा
डॉ. राजा सिंगला ने बताया कि राजकुमार की एमआरआई रिपोर्ट में एल-टू से एल-फाइव तक डिस्क प्रोलेप्स हुई थी। एल-फाइव और एस-वन स्तर पर वर्टीबरी की समस्या और डी-10, डी-11 स्तर पर सूजन थी। पंचकर्म थेरेपी के जरिये उनका सफलतापूर्वक इलाज किया गया। अब राजकुमार पूरी तरह स्वस्थ हैं।
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