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आयुर्वेद से शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा प्रणाली को मिलती है मजबूती : सुधा
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कुरुक्षेत्र। गुर्जर धर्मशाला में आयुर्वेद दिवस पर आयोजित निशुल्क आयुष चिकित्सा शिविर का शुभारंभ
कुरुक्षेत्र। आयुष विभाग की ओर से 10वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर गुर्जर धर्मशाला के प्रांगण में नि:शुल्क आयुष चिकित्सा शिविर एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस दौरान पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि आयुर्वेद से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती मिलती है। इसके अलावा आयुर्वेद से वजन नियंत्रण, बेहतर पाचन और तनाव में कमी जैसे कई लाभ मिलते हैं। आयुर्वेद समग्र स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करता है और शरीर के अंदर संतुलन बहाल करने के लिए पोषण, जीवनशैली में बदलाव और प्राकृतिक उपचारों का उपयोग करता है। इसके उपचारों के कोई खास दुष्प्रभाव नहीं होते, क्योंकि यह प्रकृति और जड़ी-बूटियों पर आधारित होते हैं।
इससे पहले पूर्व गुर्जर धर्मशाला के प्रधान ऋषि पाल कसाना व जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद शब्द दो शब्दों का संयोजन है आयु + वेद। आयु का अर्थ है जीवन और वेद का अर्थ है विज्ञान। इस प्रकार आयुर्वेद जीवन का विज्ञान है, केवल रोगों का विज्ञान नहीं। आयुर्वेद का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य का प्रसार और रोगों का उपचार करना है। उन्होंने कहा कि यह एक समग्र प्रणाली है जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण पर केंद्रित है जिसमें भोजन, जड़ी-बूटियां, योग और ध्यान जैसे प्राकृतिक साधनों का उपयोग किया जाता है।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डाॅ. मंजू शर्मा ने कहा कि आयुष विभाग की ओर से प्रदेश सरकार के आदेशानुसार पूर्व में प्रतिवर्ष धनतेरस के दिन राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया जाता था लेकिन इस बार प्रतिवर्ष 23 सितंबर के दिन राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
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इससे पहले पूर्व गुर्जर धर्मशाला के प्रधान ऋषि पाल कसाना व जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद शब्द दो शब्दों का संयोजन है आयु + वेद। आयु का अर्थ है जीवन और वेद का अर्थ है विज्ञान। इस प्रकार आयुर्वेद जीवन का विज्ञान है, केवल रोगों का विज्ञान नहीं। आयुर्वेद का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य का प्रसार और रोगों का उपचार करना है। उन्होंने कहा कि यह एक समग्र प्रणाली है जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण पर केंद्रित है जिसमें भोजन, जड़ी-बूटियां, योग और ध्यान जैसे प्राकृतिक साधनों का उपयोग किया जाता है।
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जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डाॅ. मंजू शर्मा ने कहा कि आयुष विभाग की ओर से प्रदेश सरकार के आदेशानुसार पूर्व में प्रतिवर्ष धनतेरस के दिन राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया जाता था लेकिन इस बार प्रतिवर्ष 23 सितंबर के दिन राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

कुरुक्षेत्र। गुर्जर धर्मशाला में आयुर्वेद दिवस पर आयोजित निशुल्क आयुष चिकित्सा शिविर का शुभारंभ
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