कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर शोधार्थियों ने वीरवार को केयू के भू-विज्ञान विभाग का शैक्षणिक दौरा किया। यह दौरा आयुर्वेदिक दवाओं में प्रयुक्त खनिजों और धातुओं की सही पहचान के लिए था। शोधार्थियों ने उनके वैज्ञानिक विश्लेषण की जानकारी भी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने विभिन्न खनिजों, धातुओं और दुर्लभ शैलों का अध्ययन किया। उन्होंने इनकी पहचान की आधुनिक तकनीकों को समझा। भू-विज्ञान विभाग में शोधार्थियों को खनिजों के भौतिक और रासायनिक गुणों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि रंग, धार, विदलन और भंग जैसे मानकों के आधार पर खनिजों की पहचान होती है। सूक्ष्मदर्शी और अन्य वैज्ञानिक तकनीकों से उनकी आंतरिक संरचना का विश्लेषण भी समझाया गया।
दौरे के दौरान विद्यार्थियों ने विभाग के संग्रहालय में रखे नमूनों का अवलोकन किया। शोधार्थियों ने बताया कि आयुर्वेद में औषधियों के निर्माण में प्राकृतिक खनिजों का उपयोग होता है। इसलिए उनकी सही पहचान और गुणवत्ता की जानकारी आवश्यक है। शैक्षणिक भ्रमण के दौरान प्रो. ए आर चौधरी, डॉ. नरेश सागवाल और सरिता मान ने मार्गदर्शन किया। आयुष विश्वविद्यालय की ओर से डॉ. रविराज और डॉ. गिरि मल्ला पाटिल भी साथ रहे। कुलपति प्रो. (वैद्य) करतार सिंह धीमान ने ऐसे अंतर-विषयक कार्यक्रमों को व्यावहारिक ज्ञान मजबूत करने वाला बताया। उन्होंने भविष्य में दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शोध सहयोग को बढ़ावा देने की बात कही।