{"_id":"689e3fcc1834ba282606aba3","slug":"awareness-is-necessary-to-avoid-sexual-harassment-prof-manjula-kurukshetra-news-c-45-1-kur1008-140535-2025-08-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"यौन उत्पीड़न से बचने के लिए जागरूकता जरूरी : प्रो. मंजूला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यौन उत्पीड़न से बचने के लिए जागरूकता जरूरी : प्रो. मंजूला
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र।
यौन उत्पीड़न से बचने के लिए जागरूकता बहुत जरूरी है। अपने कार्यस्थल पर किसी का दबाव सहन न करें। दबाव देना, फब्तियां कसना, अश्लील इशारे करना यौन अपराध की श्रेणी में आता है। कार्यस्थल पर कार्य करते हुए मौखिक शब्दों पर ध्यान देना जरूरी है। यह विचार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र की निदेशक प्रो. मंजूला चौधरी ने साझा किए। वे वीरवार को बतौर मुख्यातिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रशिक्षण, योजना और निगरानी प्रकोष्ठ (टीपीएमसी) तथा आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में पहुंची थी। यह कार्यशाला महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 विषय पर डॉ. आरके सदन में आयोजित की गई।
प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भी यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) का उल्लेख किया गया है। आज के परिप्रेक्ष्य में हमें महिलाओं के प्रति अपनी सोच बदलने की जरूरत है। महिला सशक्तीकरण के लिए संस्कारों के साथ ही बेहतर शिक्षा और महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच का होना जरूरी है। कार्यस्थल व समाज में महिलाओं के व्यवहार में मिथक धारणाएं देखी जाती हैं। इन धारणाओं के कारण महिलाओं का शोषण निरंतर होता रहता है।
केयू आईसीसी की अध्यक्ष प्रो. सुनीता सिरोहा ने प्रतिभागियों को इंटरनल कंप्लेंट कमेटी की कार्य प्रणाली के बारे में बताया जो विश्वविद्यालय को लैंगिक शोषण मुक्त परिसर बनाने में सदा कार्यरत रही है। उन्होंने कर्मचारियों को स्पष्ट किया कि यदि कोई शिकायत किसी भी स्तर पर गलत या झूठी पाई जाती है जो शिकायतकर्ता के विरुद्ध भी कार्यवाही करने का प्रावधान है।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (केयूके) के प्रशिक्षण, योजना और निगरानी प्रकोष्ठ (टीपीएमसी) के नोडल आफिसर व परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने कहा कि हमें अपने व्यवहार को नियमित चेक करना आवश्यक है ताकि हमें पता चल सके कि हमें कब, कहां और किसे क्या कहना है। इस अवसर पर डीन प्रो. प्रीति जैन, डॉ. अनिल, मीनाक्षी, सुनील कुमार, राहुल सहित कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रतिभागी सहायक मौजूद रहे।
विज्ञापन
यौन उत्पीड़न से बचने के लिए जागरूकता बहुत जरूरी है। अपने कार्यस्थल पर किसी का दबाव सहन न करें। दबाव देना, फब्तियां कसना, अश्लील इशारे करना यौन अपराध की श्रेणी में आता है। कार्यस्थल पर कार्य करते हुए मौखिक शब्दों पर ध्यान देना जरूरी है। यह विचार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र की निदेशक प्रो. मंजूला चौधरी ने साझा किए। वे वीरवार को बतौर मुख्यातिथि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रशिक्षण, योजना और निगरानी प्रकोष्ठ (टीपीएमसी) तथा आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में पहुंची थी। यह कार्यशाला महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 विषय पर डॉ. आरके सदन में आयोजित की गई।
प्रो. मंजूला चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भी यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) का उल्लेख किया गया है। आज के परिप्रेक्ष्य में हमें महिलाओं के प्रति अपनी सोच बदलने की जरूरत है। महिला सशक्तीकरण के लिए संस्कारों के साथ ही बेहतर शिक्षा और महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच का होना जरूरी है। कार्यस्थल व समाज में महिलाओं के व्यवहार में मिथक धारणाएं देखी जाती हैं। इन धारणाओं के कारण महिलाओं का शोषण निरंतर होता रहता है।
विज्ञापन
केयू आईसीसी की अध्यक्ष प्रो. सुनीता सिरोहा ने प्रतिभागियों को इंटरनल कंप्लेंट कमेटी की कार्य प्रणाली के बारे में बताया जो विश्वविद्यालय को लैंगिक शोषण मुक्त परिसर बनाने में सदा कार्यरत रही है। उन्होंने कर्मचारियों को स्पष्ट किया कि यदि कोई शिकायत किसी भी स्तर पर गलत या झूठी पाई जाती है जो शिकायतकर्ता के विरुद्ध भी कार्यवाही करने का प्रावधान है।
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (केयूके) के प्रशिक्षण, योजना और निगरानी प्रकोष्ठ (टीपीएमसी) के नोडल आफिसर व परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने कहा कि हमें अपने व्यवहार को नियमित चेक करना आवश्यक है ताकि हमें पता चल सके कि हमें कब, कहां और किसे क्या कहना है। इस अवसर पर डीन प्रो. प्रीति जैन, डॉ. अनिल, मीनाक्षी, सुनील कुमार, राहुल सहित कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रतिभागी सहायक मौजूद रहे।