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‘पंचलाइट’ से अशिक्षा पर प्रहार
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नाटक में अभियन करते कलाकार। संवाद
- फोटो : Kurukshetra
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। हरियाणा कला परिषद व आदि मंच के संयुक्त सहयोग से अंबाला के रंगकर्मी मास्टर विनोद की स्मृति में दो दिवसीय नाट्य पर्व का शुभारंभ हास्य नाटक ‘पंचलाइट’ के मंचन किया गया। फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी पर आधारित नाटक का निर्देशन रंगकर्मी विकास शर्मा द्वारा किया गया। सनातन धर्म विद्या स्कूल के सभागार में न्यू उत्थान थियेटर ग्रुप के कलाकारों ने नाटक के माध्यम से अशिक्षा पर करारा प्रहार किया।
नाटक में बिहार के एक छोटे से गांव की कहानी को दिखाया गया। गांव में बिजली नहीं होने के कारण पंचायत पंचलाइट खरीद लेती है। जब शहर से पंचलाइट गांव में आती है तो खूब खुशियां मनाई जाती है। बाद में पता चलता है कि गांव के किसी भी व्यक्ति को पंचलाइट जलानी नहीं आती। गांव का एक आवारा लड़का गोधन पढ़ा-लिखा है, उसे ही पंचलाइट जलानी आती है, लेकिन गोधन को पंचायत कुछ दिन पहले गांव से बाहर निकाल चुकी होती है, क्योंकि गोधन गांव की ही लड़की मुनरी से प्यार करता है।
मुनरी से प्यार करने वाले कल्लू को ये अच्छा नहीं लगता और वह मुनरी की अम्मा को सब बता देता है। मुनरी की अम्मा पंचायत बुला लेती है, जिसमें फैसला होता है कि गोधन का हुक्का पानी बंद कर दिया जाए। इस प्रकार गोधन और मुनरी का मिलना-जुलना बंद हो जाता है और गोधन गांव से बाहर रहने लग जाता है।
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अब पंचलाइट आने पर मुनरी सबको बताती है कि गोधन को पंचलाइट जलानी आती है। सरपंच गोधन को बुलाकर पंचलाइट जलाने के लिए कहता है, लेकिन गोधन शर्त रखता है कि यदि मुनरी से उसकी शादी कराई जाए, तभी वह पंचलाइट जलाएगा। पंचायत उसकी बात मान लेती है और गोधन की मुनरी से शादी कराने का वादा करती है। गोधन पंचलाइट जला देता है और पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ पड़ती है।
नाटक में सूत्रधार और बिलवा के किरदार नाटक के निर्देशक विकास शर्मा, गोधन का किरदार राजीव कुमार, मुनरी का किरदार मनु महक माल्यान ने निभाया। अन्य कलाकारों में पारुल कौशिक, शिवकुमार किरमच, मनीष डोगरा, जैकी शर्मा, आकाशदीप, ज्योति बांकुरा, अनूप कुमार, चंचल शर्मा, निकेता शर्मा, पार्थ, चमन, गोविंदा, साहिल खान रजनीश शर्मा शामिल रहे। हरियाणा कला परिषद के निदेशक संजय भसीन ने कलाकारों को सम्मानित किया।
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा कला परिषद व आदि मंच के संयुक्त सहयोग से अंबाला के रंगकर्मी मास्टर विनोद की स्मृति में दो दिवसीय नाट्य पर्व का शुभारंभ हास्य नाटक ‘पंचलाइट’ के मंचन किया गया। फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी पर आधारित नाटक का निर्देशन रंगकर्मी विकास शर्मा द्वारा किया गया। सनातन धर्म विद्या स्कूल के सभागार में न्यू उत्थान थियेटर ग्रुप के कलाकारों ने नाटक के माध्यम से अशिक्षा पर करारा प्रहार किया।
नाटक में बिहार के एक छोटे से गांव की कहानी को दिखाया गया। गांव में बिजली नहीं होने के कारण पंचायत पंचलाइट खरीद लेती है। जब शहर से पंचलाइट गांव में आती है तो खूब खुशियां मनाई जाती है। बाद में पता चलता है कि गांव के किसी भी व्यक्ति को पंचलाइट जलानी नहीं आती। गांव का एक आवारा लड़का गोधन पढ़ा-लिखा है, उसे ही पंचलाइट जलानी आती है, लेकिन गोधन को पंचायत कुछ दिन पहले गांव से बाहर निकाल चुकी होती है, क्योंकि गोधन गांव की ही लड़की मुनरी से प्यार करता है।
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मुनरी से प्यार करने वाले कल्लू को ये अच्छा नहीं लगता और वह मुनरी की अम्मा को सब बता देता है। मुनरी की अम्मा पंचायत बुला लेती है, जिसमें फैसला होता है कि गोधन का हुक्का पानी बंद कर दिया जाए। इस प्रकार गोधन और मुनरी का मिलना-जुलना बंद हो जाता है और गोधन गांव से बाहर रहने लग जाता है।
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अब पंचलाइट आने पर मुनरी सबको बताती है कि गोधन को पंचलाइट जलानी आती है। सरपंच गोधन को बुलाकर पंचलाइट जलाने के लिए कहता है, लेकिन गोधन शर्त रखता है कि यदि मुनरी से उसकी शादी कराई जाए, तभी वह पंचलाइट जलाएगा। पंचायत उसकी बात मान लेती है और गोधन की मुनरी से शादी कराने का वादा करती है। गोधन पंचलाइट जला देता है और पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ पड़ती है।
नाटक में सूत्रधार और बिलवा के किरदार नाटक के निर्देशक विकास शर्मा, गोधन का किरदार राजीव कुमार, मुनरी का किरदार मनु महक माल्यान ने निभाया। अन्य कलाकारों में पारुल कौशिक, शिवकुमार किरमच, मनीष डोगरा, जैकी शर्मा, आकाशदीप, ज्योति बांकुरा, अनूप कुमार, चंचल शर्मा, निकेता शर्मा, पार्थ, चमन, गोविंदा, साहिल खान रजनीश शर्मा शामिल रहे। हरियाणा कला परिषद के निदेशक संजय भसीन ने कलाकारों को सम्मानित किया।

कलाकृति भवन में ÒपंचलाइटÓ नाटक का मंचन करते कलाकार। संवाद- फोटो : Kurukshetra