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Kurukshetra News: तापमान बढ़ने लगा तो उल्टी व दस्त के मरीजों की भी बढ़ने लगी अस्पताल में भीड़

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Apr 2025 01:11 AM IST
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As the temperature started rising, the number of vomiting and diarrhea patients also started increasing in the hospital
कुरुक्षेत्र। पिछले सप्ताह भर से बढ़ने लगे तापमान के बीच बीमारी भी बढ़ने लगी है। उल्टी व दस्त के मरीजों की लाइनें अस्पतालों में लंबी होने लगी है। जिला नागरिक अस्पताल में ही सामान्य दिनों की अपेक्षा 200 से ज्यादा ओपीडी बढ़ चुकी है और इनमें उल्टी व दस्त के ही मरीज अधिक आ रहे हैं।
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सुबह ही मरीज इलाज करवाने के लिए अस्पताल पहुंचने लगते हैं तो वहीं दो घंटे बाद ही यहां मरीजों की भारी भीड़ उमड़ने लगती है। हर रोज 1200 से ज्यादा ओपीडी होने लगी है जबकि सामान्य तौर पर यह एक हजार तक ही रहती है। चिकित्सक कक्ष के बाहर भी मरीजों की भीड़ आम होने लगी है।
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अस्पताल में कार्यरत हृदय एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ शैलेंद्र कुमार शैली का कहना है कि बढ़ते तापमान के चलते मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। ऐसे में जहां लोगों को अत्याधिक गर्मी से बचाव के उपाय करने चाहिए वहीं स्वास्थ्य गडबड़ होते ही चिकित्सक की सलाह लें।
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लू और गर्मी से बचाएंगे आयुर्वेदिक पेय : सत्तू शरबत और नारियल पानी : डॉ. सिंगला
श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के योग विभाग की चेयरपर्सन प्रो़ वैद्य शीतल सिंगला ने भीषण गर्मी और हीटवेव से बचाव के लिए आयुर्वेद में कई प्रभावी उपाय और पारंपरिक पेय सुझाए हैं। उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखने और ऊर्जावान बने रहने के लिए प्राकृतिक और संतुलित उपायों को अपनाना चाहिए।

डॉ. शीतल ने कहा कि गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है। पानी के अलावा छाछ, नारियल पानी और ताजे फलों के रस का सेवन तरलता बनाए रखने और गर्मी से राहत दिलाने में मददगार होता है। नींबू पानी भी शरीर की गर्मी को कम करता है। यही नहीं, गर्मी के मौसम में भारी और तैलीय भोजन से परहेज करें। इसकी बजाय हल्का,जल्दी पचने वाला भोजन लेना शरीर को अतिरिक्त गर्मी से बचाता है।


आयुर्वेद के अनुसार, निंबूक फल पानक (नींबू रस, चीनी पानी और काली मिर्च से बना पेय), आम्र पानक (कच्चे आम से बना शरबत),चिंचा पानक (इमली आधारित पेय) जैसे पारंपरिक पेय गर्मी से बचने में बेहद प्रभावी हैं।
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