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कलाकारों ने अपने प्रदेशों की संस्कृत से रूबरू कराया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jul 2022 01:21 AM IST
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Artists introduced to the Sanskrit of their regions, Kurukshetra
कलाकृति भवन में चल रहे तीज मेल के दौरान हरियाणी डांस की प्रस्तुति देतीं कलाकार। संवाद - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। कलाकृति भवन में चल रहे तीन दिवसीय तीज मेला के दूसरे दिन शुक्रवार की देर शाम हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कलाकारों ने प्रस्तुतियों से माध्यम से अपने-अपने प्रदेश की संस्कृति से रूबरू कराते हुए अनूठी छाप छोड़ी। यह कार्यक्रम हरियाणा कला परिषद, कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग और उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया है।
दूसरे दिन मुख्यातिथि भाजपा हरियाणा के प्रदेश महामंत्री डॉ. पवन सैनी, आरएसएस के जिला प्रचारक कुलदीप और सांस्कृतिक केंद्र के प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव अजय गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पहली प्रस्तुति मथुरा से आई कलाकार डॉ. सीमा मोरवाल की रही। सीमा ने बृज वंदना करते हुए भगवान कृष्ण और राधा के प्रेम को दिखाया। सीमा के गायन और बृज के कलाकारों के नृत्य ने दर्शकों की तालियां बटोरी। वहीं राजस्थान के चकरी नृत्य में शिव नारायण और साथी कलाकारों ने घूम-घूमकर किए जा रहे नृत्य से सभी को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया।
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हरियाणा की कलाकार गीता ने सौ-सौ पड़ै मुसीबत बेटा उमर जवान पै, भगत सिंह कदै जी घबराजै तेरा बंद मकान मैं गाकर देशभक्ति का प्रवाह किया। वहीं बनारस से आई आश्रया द्विवेदी ने सावन गीत और कजरी गीत सुनाकर श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। एक के बाद एक प्रस्तुति का दर्शकों ने खूब आनंद लिया। दीपक कुमार के निर्देशन में हरियाणवी कलाकारों ने नृत्य ने अपनी-अलग छाप छोड़ी। राजस्थानी नृत्य घूमर ने जहां सभी को झूमाने का काम किया। चरी नृत्य में हैरतअंगेज करतब करते हुए राजस्थान की महिला कलाकारों ने सभी को हैरान कर दिया।
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वहीं तीज मेले में बारिश के बाद भी लोगों में उत्साह रहा। एक ओर जहां विभिन्न शिल्पकारों के शिल्प लोगों को अपनी ओर खींच रहे हैं, वहीं हरियाणवी वाद्य यंत्रों पर लोक धुने सुना रहे बीन वादक, घोड़ी नृत्य, डेरु वादक औरा पारंपरिक लोकगीत गाते लोक कलाकार भी सांस्कृतिक दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं। तीज मेले में आने वाले पर्यटक लोक वाद्य यंत्रों की धुनों पर थिरकते नजर आए। वहीं गुलगुले व सुहाली ने माहौल में मिठास भरने का काम किया।
सेल्फी प्वाइंट बना आकर्षण का केंद्र
कला कीर्ति भवन के प्रांगण में आयोजित मेले में हरियाणवी चौपाल व पणिहारी का दृश्य बनाया गया है, जहां पर्यटक खूब सेल्फी ले रहे हैं। वहीं पगड़ी पहनकर हरियाणवी पोशाक में लोग खूब फोटो खिंचवा रहे हैं।

मेहंदी लगाओ प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कृत
तीज मेले के तीसरे दिन शनिवार को विद्यालय स्तर पर मेहंदी लगाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें 70 से अधिक विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। विजेता रहे स्नेहा, गुरलीन कौर, महक, आरजू, संचिता, फिजा तथा प्रवीण को 1100 रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।

कलाकृति भवन में कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुति देतीं कलाकार।  संवाद

कलाकृति भवन में कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुति देतीं कलाकार। संवाद- फोटो : Kurukshetra

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