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अंत्योदय मेला आशाओं और अवसरों का सशक्त मंच : नायब
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कुरुक्षेत्र/लाडवा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अंत्योदय मेले आशाओं, अवसरों और आत्मनिर्भरता के सशक्त मंच हैं। ये मेले मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत आयोजित किए जाते हैं। इनका उद्देश्य विकास की मुख्यधारा से दूर रहे परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। सरकार की प्राथमिकता अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने रविवार को लाडवा स्थित आईजीएन कॉलेज परिसर में अंत्योदय परिवार उत्थान मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 19 विभागों की 47 योजनाओं के स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने लाभार्थियों से बातचीत कर योजनाओं की जानकारी ली।
गोबिंदपुरा निवासी ताराचंद को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर योजना का स्वीकृति पत्र भी प्रदान किया गया। प्रदेश में अब तक 166 स्थानों पर अंत्योदय मेलों का आयोजन हुआ है। इन मेलों में 4 लाख 24 हजार 272 परिवारों को आमंत्रित किया गया।
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इन मेलों में से 1 लाख 88 हजार 792 परिवार पहुंचे। मेलों में पहुंचे परिवारों में से 1 लाख 52 हजार 157 को विभागों के पास भेजा गया। अब तक 55 हजार 422 पात्र लाभार्थियों तक आजीविका के लाभ पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें पात्र लोगों तक सरल तरीके से पहुंचाना है। मेले में आने वाले परिवारों को केवल आवेदन तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उनकी जरूरत और योग्यता के अनुरूप उचित योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
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मुख्यमंत्री ने रविवार को लाडवा स्थित आईजीएन कॉलेज परिसर में अंत्योदय परिवार उत्थान मेले का उद्घाटन किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 19 विभागों की 47 योजनाओं के स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने लाभार्थियों से बातचीत कर योजनाओं की जानकारी ली।
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गोबिंदपुरा निवासी ताराचंद को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर योजना का स्वीकृति पत्र भी प्रदान किया गया। प्रदेश में अब तक 166 स्थानों पर अंत्योदय मेलों का आयोजन हुआ है। इन मेलों में 4 लाख 24 हजार 272 परिवारों को आमंत्रित किया गया।
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इन मेलों में से 1 लाख 88 हजार 792 परिवार पहुंचे। मेलों में पहुंचे परिवारों में से 1 लाख 52 हजार 157 को विभागों के पास भेजा गया। अब तक 55 हजार 422 पात्र लाभार्थियों तक आजीविका के लाभ पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें पात्र लोगों तक सरल तरीके से पहुंचाना है। मेले में आने वाले परिवारों को केवल आवेदन तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उनकी जरूरत और योग्यता के अनुरूप उचित योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।