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Kurukshetra News: नागरिक अस्पताल में नौ दिन से एंटी रेबीज की डोज खत्म, निजी अस्पतालों में जेब ढीली कर रहे मरीज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Sep 2024 05:33 AM IST
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Anti rabies dose is over in civil hospital since last 9 days, patients are shelling out money in private hospitals
कुरुक्षेत्र। शहर की ढाई लाख की आबादी के बावजूद जिला नागरिक अस्पताल में एंटी रेबीज की डोज नहीं है। अस्पताल में नौ दिन पहले डोज समाप्त हो चुकी थी। हालांकि अस्पताल प्रबंधन डोज की मांग के लिए विभाग को मांग भेजने का दावा कर रहा है। एलएनजेपी अस्पताल में एंटी रेबीज की डोज लगवाने के लिए प्रतिदिन 25 से ज्यादा लोग आते हैं। महीने में उनकी संख्या 700 के पार होती है। अगस्त में 572 लोगों ने रेबीज की एंटी डोज लगवाई थी, मगर अस्पताल में डोज खत्म होने से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उनको निजी अस्पतालों में अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। हालांकि कई लोग मेडिकल स्टोर से दवा खरीद कर अस्पताल में ही लगाने आते हैं।
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उधर, सरकारी अस्पताल में रेबीज से बचाव का पूरा कोर्स 400 रुपये में हो जाता है, जबकि निजी अस्पतालों में एक टीका ही 350 से 400 रुपये में लगाया जाता है। इसलिए यह पूरा कोर्स डेढ़ हजार रुपये में पड़ता है। वहीं, कई मरीजों ने शुरुआती टीके तो एलएनजेपी से लगवा लिए, लेकिन डोज खत्म होने की वजह से उनका कोर्स पूरा नहीं हो रहा। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर लोग टीका लगाने में कोताही बरतते हैं, जिससे शरीर में रेबीज का वायरस फैलने की संभावना बनी रहती है।
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दो साल पहले बच्चे की हुई थी मौत
यहां बताते चलें कि करीब दो साल पहले पिहोवा की नंद कॉलोनी में रेबीज से 10 वर्षीय बच्चे नोनी की मौत हो गई थी। इस बच्चे को डेढ़ कुत्ते ने काट लिया था। कुछ दिन बाद बच्चा गंभीर रूप से बीमार हुआ तो शहर में निजी अस्पताल के चिकित्सक ने रेबीज के लक्षण देखकर उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया था, मगर तब तक बच्चे के शरीर में रेबीज का वायरस फैल चुका था। दो दिन बाद बच्चे ने दम तोड़ दिया था।
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अस्पताल में नहीं लग पाई चौथी डोज : कश्मीर सिंह
रामनगर लुखी से आए कश्मीर सिंह ने बताया कि उसके नाती समीप को कुछ दिन पहले एक कुत्ते ने काट लिया था। अस्पताल से उसके नाती को तीन डोज लग चुकी हैं। बुधवार को वह कोर्स का चौथी डोज लगवाने के लिए अस्पताल में आया था, मगर डोज नहीं होने के कारण उनको वापस भेज दिया। बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए वह निजी अस्पताल से डोज लगवाने जा रहा है।



बिल्ली ने काटा और मारा पंजा : सोनू
सोनू हाल निवासी सारस्वत ब्राह्मण धर्मशाला ने बताया कि रविवार रात वह अपने कमरे में सोया हुआ था। इसी दौरान में कमरे में आई बिल्ली ने उसकी बाजू पर पंजा मार दिया। नींद खुलने पर वह उठा तो बिल्ली ने उसके हाथ पर काट लिया। अगले दिन वह अस्पताल में रेबीज का टीका लगवाने गया तो डोज खत्म होने के कारण उसे वापस भेज दिया गया। उसे निजी अस्पताल से डोज लगवानी पड़ी।




वेयरहाउस को भेजी गई मांग : डॉ. साराह
अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. साराह अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही अस्पताल में पीएमओ का पद संभाला है। अस्पताल में एंटी रेबीज डोज के लिए वेयरहाउस को मांग भेजी गई है। यह डोज महंगी होती है। अगर जल्द डोज नहीं मिलती तो इमरजेंसी के लिए बाहर से डोज खरीदी जाएगी।
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