आवासीय क्षेत्र में मुसीबत और खेत में बरसी राहत
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अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव से पहले शहर की जो सड़क चमचमाई थी, वे 16 एमएम बारिश के बाद कई जगह जलमग्न, तो कई स्थानों पर दलदल और कीचड़युक्त नजर आई। लोग स्वीकार करते हैं कि पहली बार इतने बड़े पैमाने पर शहर में विकास कार्य हुआ, मगर नाराज इसलिए हैं कि आज शहर में पानी निकासी का माकूल प्रबंध किया नहीं किया गया। बता दें कि जिला में आज कुल 19.33 एमएम बारिश हुई है। इसमें थानेसर में 16एमएम, पिहोवा और इस्माईलाबाद में 13-13 एमएम, शाहाबाद में सबसे कम 11 एमएम, बाबैन में 28 एमएम और सबसे ज्यादा लाडवा में 35एमएम बारिश हुई।
पीपली लाडवा रोड का ऐसा रहा हाल
नई अनाजमंडी के मुख्यद्वार से लेकर पूरी मंडी में जलभराव देखने को मिला। शहर में जलभराव होने से पिपली-लाडवा हाइवे पर भी असर पड़ा। वहीं हरियाणा वेयरहाउस, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक समेत पुलिस थाना सदर एवं साथ लगती मार्केट के सामने तथा पिपली पुल के नीचे भी जल निकासी व्यवस्था ठप होने से पानी रास्ते पर ही भर गया। बारिश के कारण नए बस अड्डे के समक्ष और खेड़ी मारकंडा रोड पर भी यही हालात बने रहे।
केजल मॉल रोड बनी तालाब
कुरुक्षेत्र के पॉश क्षेत्रों सेक्टर-17 का केजल मॉल रोड का अधिकांश हिस्सा तालाब की तरह दिखाई दिया। यही नहीं, बरसात के चलते मार्केट में दुकानों के आगे बरसाती पानी भरा होने से दुकानदार भी खासे परेशान रहे।
यहां रही बरसाती पानी ठहरने की समस्या
कुरुक्षेत्र रेलवे रोड, झांसा रोड, कीर्ति नगर, गांधी नगर, रेलवे पुल के नीचे, गुरुद्वारा के सामने, अंबेडकर चौक के निकट, क्षेत्र के पार्क, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की मेन सड़क, खेल स्टेडियम तथा एलएनजेपी अस्पताल चौक पर रेलवे फाटक का रास्ता भी पानी से लबालब भरा दिखाई दिया।
गांव भी नहीं रहे अछूते
बरसात के प्रभाव से शहर के विभिन्न क्षेत्रों समेत गांव भी अछूते नहीं रहे। लाडवा रोड से लगते गांव सिरसमा, बीड़ मथाना, किशनपुरा, बिहोली बजीदपुर, दौलतपुर की मुख्य सड़क, मथाना, सौंटी, मथाना चौंकी, मुनियारपुर, हरिपुर में बारिश ने खूब असर दिखाया और सड़कों को उधेड़ कर रख दिया।
लाडवा में हुई सबसे अधिक 35 एमएम बारिश : डॉ. कर्मचंद
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि शुक्रवार रात से शनिवार सुबह साढ़े 8 बजे तक थानेसर में 16 एमएम, पिहोवा में 13 एमएम, इस्माईलाबाद में भी 13 एमएम, शाहाबाद में 11 एमएम, बाबैन में 28 एमएम और लाडवा में सबसे अधिक 35 एमएम बारिश दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि इसके बाद भी जिलेभर में झमाझम बारिश होती रही। शनिवार के दिन को इस बार की सर्दी का सबसे ठंडा दिन माना गया है। वहीं उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल केे लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है। शुक्रवार रात से हो रही बारिश गेहूं की फसल पर सोना बनकर बरस रही है। जो गेहूं की फसलों के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद है।
पानी की निकासी ना होने से परेशानी
इस्माईलाबाद: कस्बा एवं क्षेत्र में तेज बरसात के साथ चली ठंडी हवाओं से ठिठुरन बढ़ जाने से जहां किसानों के चेहरों पर रौनक छाई हुई है, वहीं बरसात के साथ चली ठंडी हवाओं से ठिठुरन बढ़ जाने जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। वर्ष की पहली बरसात ने कस्बे की निकासी व्यवस्था की भी पोल खोल दी। बरसात से कस्बे के काठगढ़ रोड, रोशनपुर रोड, ठसका रोड के अलावा गलियों में भी बरसाती पानी जमा हो गया, जिसके चलते ग्रामवासियों तथा राहगीरों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। निकासी की समस्या से कस्बावासियों को निजात दिलाने के लिए हालांकि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पिहोवा रैली में सीवरेज दबाने की घोषणा की है, लेकिन जब तक घोषणाओं को आमलीजामा नहीं पहनाया जाता, तबतक ग्रामवासियों को बरसाती पानी की निकासी की समस्या से जूझना पड़ेगा।
बरसात से गेहूं की फसल को होगा फायदा : लेखराज
कृषि विकास अधिकारी लेखराज एवं सुशील शर्मा ने बताया कि यह बरसात गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है। इस बरसात से गेहूं को नाइट्रोजन मिलेगी। जिन किसानों ने गेहूं में खाद नहीं डाला, वे अब खाद डालें तो काफी फायदा मिलेगा।
शाहाबाद में दिनभर चली बारिश, ठंड की वजह से लोग घरों में दुबके
अलसुबह से हो रही तेज बरसात ने ठंड बढ़ा दी, जिससे लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। बाजारों में दुकानदार जगह-जगह अलाव लगाकर ठंड से बचाव करते नजर आए। गोविंद, लख्मी हबाना, जोनी, सुरजीत, अरुण, बलकार ने कहा कि इस वर्ष मौसम में तापमान काफी ज्यादा था, इसलिए अबतक ठंड महसूस नहीं हो रही थी लेकिन शुक्रवार रात हल्की बूंदाबांदी के कारण मौसम सुहाना हो गया। वहीं तेज बरसात के कारण आलू उत्पादकों में बेचैनी दिखी। आलू उत्पादक मुनीष कुमार, पुनीत, सोनू कक्कड़, हरभजन सिंह ने कहा कि यदि अगले एक-दो दिन तक इसी तरह बरसात होती है तो आलू की फसल को भारी नुकसान पहुंचेगा। रेलवे रोड, मोहल्ला माजरी, अशोका पैलेस रोड, आर्य कन्या महाविद्यालय रोड सहित अनेक स्थानों पर भारी मात्रा में वर्षा का पानी इकट्ठा हो गया, जिसमें दो पहिया वाहन भी बंद हो गए।
बाबैन में भी झूमे बदरा, जनजीवन पर पड़ा असर
बाबैन : क्षेत्र में शुक्रवार रात से हो रही बरसात ने आम जीवन अस्त-व्यस्त करके रख दिया। बाबैन क्षेत्र में बरसात के कारण लोगों को अपने दिनचर्या के कार्य करने एवं अपने गंतव्य तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं प्रगतिशील किसान सतबीर रामपुरा, प्रदीप इशरेहड़ी, साधु राम, धर्मबीर बाबैन, श्याम लाल बाबैन, बलिंद्र संघौर ने बताया कि बरसात गेहूं की फसल के लिए बहुत उपयोगी होगी। खंड कृषि अधिकारी रामपाल का कहना है कि गेहूं की फसल के लिए ठंड और बारिश बेहद जरूरी है।
पिहोवा : खिली धूप के साथ नए साल की शुरुआत और पहले सप्ताह के अंत में पहली पहली बारिश ने दस्तक दी है। बारिश की वजह से आज बाजारों से जहां रौनक गायब रही। तापमान में गिरावट के बाद लोग घरों में ही दुबके रहे, जबकि बाजारों में अलाव की तपिश से सर्दी से निजात पाते लोगों के झुंड नजर आए। सबसे ज्यादा समस्या बारिश से जलमग्न हुई कॉलोनियां में दिखी। दुकानदार बलबीर सिंह ने बताया कि कमल थियेटर रोड की सड़क की हालत खस्ता है। सड़क कई जगह से टूट चुकी है। हालांकि यहां सीवरेज भी डाले हुए हैं, लेकिन टूटी सड़क पर खड़ा बारिश का पानी उस तक पहुंच नहीं पा रहा। कई बार इस समस्या से प्रशासन को अवगत भी करा चुके हैं। ऐसा ही हाल शहर के बीचो-बीच स्थित फोर मरला कॉलोनी और शिवा मार्केट का है। कॉलोनीवासी अरुण तनेजा ने बताया कि फोर मरला कॉलोनी और शिवा मार्केट का लेवल शहर की दूसरी कॉलोनियों से नीचे है। हल्की-सी बारिश से ही यहां पानी भर जाता है। पिछले कई वर्षों से कालोनीवासी इस समस्या से जूझ रहे है, लेकिन अब भी यह समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। यहां इंजन लगाकर पानी की निकासी की जाती है। बताया कि कॉलोनियों में पानी की निकासी का प्रशासन ने कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला है।
गेहूं की फसल को होगा फायदा
कृषि विभाग के एसडीओ मदन सिंह ने बताया कि इस बारिश से किसानों की गेहूं फसल को कोई नुकसान नहीं होगा। बल्कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए लाभदायक सिद्ध होगी। वहीं किसान ईश्वर तिवारी ने बताया कि इस बारिश से सब्जियों की फसल को नुकसान हो सकता है। बारिश का पानी यदि खेतों में खड़ा रहा तो सब्जियों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा।
लाडवा : शुक्रवार रात से चल रही बरसात से लाडवा में मौसम ठंडक बढ़ गई है, वहीं बरसात से गेहूं की फसल को भारी फायदा हुआ है। ठंड के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर रहे। सड़कों पर भी राहगीरों की संख्या में हर रोज के मुकाबले कम दिखी। कस्बे के नई कॉलोनी, झांगी राजपूत बस्ती, महावीर कॉलोनी, अग्रसेन चौक के साथ-साथ रेड रोड और अनाजमंडी में कई जगह पानी भरने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। किसान बलबीर सिंह, पवन कुमार, जोगिंद्र सिंह, सुरता राम, जसबीर, साहब सिंह, प्रेम सिंह का कहना है कि बरसात से गेहूं की फसल को भारी फायदा होगा।