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Kurukshetra News: आंगनबाड़ी वर्करों ने मांगों के लिए किया प्रदर्शन
Fri, 21 Feb 2025 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Fri, 21 Feb 2025 01:13 AM IST
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कुरुक्षेत्र। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन ने मांगों के लिए प्रदेश सचिव व जिला प्रधान कलावती की अध्यक्षता में वीरवार को लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। इससे पहले आंगनबाड़ी वर्करों और की एक बैठक नया बस स्टैंड के नजदीक सेक्टर दस स्थित ताज पार्क में हुई। इसके बाद सभी आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर रोष मार्च निकालती हुई लघु सचिवालय पहुंची और जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और नगराधीश को मुख्यमंत्री संबंधित एक ज्ञापन सौंपा।
यूनियन की प्रदेश सचिव व जिला प्रधान कलावती ने कहा कि उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। कई बार सरकार व विभाग के उच्चाधिकारियों को मांग पत्र व नोटिस भेजा था, लेकिन कोई सकारात्मक रुख सामने नहीं आया। इसके चलते यूनियन ने प्रदेश में सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो यूनियन प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगी। इस दौरान उन्होंने 50 प्रतिशत को पदोन्नति करने और हेल्पर के खाली पदों पर भर्ती की जाए। सभी को बिना शर्त चिकित्सा लाभ दिया जाए व अधिनियम 1972 के अनुसार ग्रेजुएटी का लाभ देना और अपने घर के नजदीक स्थानांतरण किया जाए। वर्षों से लिखित मांगपत्र की सहायता से काफी बार मांग कर चुके है लेकिन आज तक इन मांगों को पूरा नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर समय पर राशन की पूरी सप्लाई नहीं की जा रही है। मैन्यू के अनुसार कभी भी राशन नहीं होता जबकि क्वार्टरली मैन्यू के अनुसार राशन की सप्लाई हो जानी चाहिए और जब प्रेशर बना दिया जाता है कि टीएचआर भर दो महीना पूरा होने जा रहा होता है, जबकि हमारे पास राशन उपलब्ध नहीं होता। इसके अलावा सरकार की ओर से आंगनवाड़ी वर्करों व हेल्परों के लिए टीए डीए निर्धारित किया गया है, बार-बार कहने के बावजूद भी अधिकारियों द्वारा सुपरवाइजर को आदेश नहीं दिया गया और पीएमएमवीवाई फार्म 2017 से अब तक भरे गए हैं, उनका इंसेंटिव आज तक नही दिया गया।
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उन्होंने नगराधीश को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की है कि अगस्त 2024 में मुख्यमंत्री द्वारा एक फ्लैक्सी फंड की घोषणा की गई थी जबकि उसकी सूचना जारी नहीं की गई , वर्दी का पैसा समय पर नहीं दिया गया, नेट रिचार्ज का पैसा बढ़ाने के साथ-साथ पोषण ट्रैक्टर पर काम करने का इंसेंटिव भी साथ के साथ दिया जाए, सिलेंडर भरवाने का पैसा (रिफिल) का पैसा सीडीपीओ कार्यालय द्वारा दिया जाए, पोषण ट्रैकर पर फेस कैप्चरिंग वाले वर्जऩ को हटाया जाये।
उन्होंने सितंबर 2018 में आंगनबाड़ी वर्करों के लिए 1500 रुपये और हेल्पराें के लिए 750 रुपये की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दीवाली के तोहफे के नाम पर घोषणा की गई थी, अब तक वह लाभ नहीं मिला। उन्होंने 2018 से अब तक का एरियर बनाने, गुजरात हाई कोर्ट के फैसले के अनुसार सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्परों के मानदेय के अनुपात में जो फर्क किया गया है उसको 1:2 में ठीक किया जाए। भारत सरकार और हरियाणा सरकार का दोनों का मिलाकर वेतन एक मुश्त 10 तारीख से पहले दिया जाए, जितने भी आंगनबाड़ी वर्करों के पद खाली हैं पहले समायोजन किया जाए। इस मौके पर उप प्रधान निर्मला देवी, रजनी लाडवा, संतोष, सीता रानी, बलजीत कौर, सुमन, सुनीता व समस्त आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर भी मौजूद रही।
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यूनियन की प्रदेश सचिव व जिला प्रधान कलावती ने कहा कि उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। कई बार सरकार व विभाग के उच्चाधिकारियों को मांग पत्र व नोटिस भेजा था, लेकिन कोई सकारात्मक रुख सामने नहीं आया। इसके चलते यूनियन ने प्रदेश में सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो यूनियन प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगी। इस दौरान उन्होंने 50 प्रतिशत को पदोन्नति करने और हेल्पर के खाली पदों पर भर्ती की जाए। सभी को बिना शर्त चिकित्सा लाभ दिया जाए व अधिनियम 1972 के अनुसार ग्रेजुएटी का लाभ देना और अपने घर के नजदीक स्थानांतरण किया जाए। वर्षों से लिखित मांगपत्र की सहायता से काफी बार मांग कर चुके है लेकिन आज तक इन मांगों को पूरा नहीं किया गया।
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उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर समय पर राशन की पूरी सप्लाई नहीं की जा रही है। मैन्यू के अनुसार कभी भी राशन नहीं होता जबकि क्वार्टरली मैन्यू के अनुसार राशन की सप्लाई हो जानी चाहिए और जब प्रेशर बना दिया जाता है कि टीएचआर भर दो महीना पूरा होने जा रहा होता है, जबकि हमारे पास राशन उपलब्ध नहीं होता। इसके अलावा सरकार की ओर से आंगनवाड़ी वर्करों व हेल्परों के लिए टीए डीए निर्धारित किया गया है, बार-बार कहने के बावजूद भी अधिकारियों द्वारा सुपरवाइजर को आदेश नहीं दिया गया और पीएमएमवीवाई फार्म 2017 से अब तक भरे गए हैं, उनका इंसेंटिव आज तक नही दिया गया।
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उन्होंने नगराधीश को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की है कि अगस्त 2024 में मुख्यमंत्री द्वारा एक फ्लैक्सी फंड की घोषणा की गई थी जबकि उसकी सूचना जारी नहीं की गई , वर्दी का पैसा समय पर नहीं दिया गया, नेट रिचार्ज का पैसा बढ़ाने के साथ-साथ पोषण ट्रैक्टर पर काम करने का इंसेंटिव भी साथ के साथ दिया जाए, सिलेंडर भरवाने का पैसा (रिफिल) का पैसा सीडीपीओ कार्यालय द्वारा दिया जाए, पोषण ट्रैकर पर फेस कैप्चरिंग वाले वर्जऩ को हटाया जाये।
उन्होंने सितंबर 2018 में आंगनबाड़ी वर्करों के लिए 1500 रुपये और हेल्पराें के लिए 750 रुपये की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दीवाली के तोहफे के नाम पर घोषणा की गई थी, अब तक वह लाभ नहीं मिला। उन्होंने 2018 से अब तक का एरियर बनाने, गुजरात हाई कोर्ट के फैसले के अनुसार सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी वर्करों व हेल्परों के मानदेय के अनुपात में जो फर्क किया गया है उसको 1:2 में ठीक किया जाए। भारत सरकार और हरियाणा सरकार का दोनों का मिलाकर वेतन एक मुश्त 10 तारीख से पहले दिया जाए, जितने भी आंगनबाड़ी वर्करों के पद खाली हैं पहले समायोजन किया जाए। इस मौके पर उप प्रधान निर्मला देवी, रजनी लाडवा, संतोष, सीता रानी, बलजीत कौर, सुमन, सुनीता व समस्त आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर भी मौजूद रही।