लंबित पड़ी मांगों के समर्थन में शुक्रवार को भी आंगनबाड़ी वर्कर्स और सहायकों ने लघु सचिवालय पर एकत्रित हुई। इस दौरान आंगनबाड़ी वर्कर्स और हैल्पर्स ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हैल्पर्स यूनियन की प्रधान परमजीत कौर ने कहा कि वे वर्ष 1975 से काम कर रही हैं, लेकिन आज तक हमें इस बात के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है कि सरकार हमें अपना कर्मचारी घोषित करें। इतना ही नहीं सरकार उन्हें प्राइवेट एजेंसी को सौंप रही है, जोकि एकदम गलत है। एक ओर सरकार महिला व बाल विकास की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य कर रही आंगनबाड़ी वर्कर्स और हैल्पर्स को आज तक न्यूनतम वेतन भी नहीं दिया जा रहा। सरकार अन्य महकमों की तरह हमें भी किसी प्राइवेट एजेंसी का गुलाम बनाना चाहती है। यह एजेंडा सरकार ने नई शिक्षा नीति में प्ले वे स्कूल के माध्यम से रख दिया है। इससे हमें अपनी मांगों के लिए आवाज उठाने का अधिकार भी नहीं रहेगा। उन्होंने आंगनबाड़ी वर्कर कमला की बहाली व आंगनबाड़ी वर्कर्स पर बनाए गए झूठे केस वापस लेने की मांग भी दोहराई है। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस अवसर पर संघर्ष मंच हरियाणा की कुरुक्षेत्र जिला सेक्रेटरी चंद्र रेखा ने कहा कि आज इस सरकार से मजदूर, कर्मचारी, किसान सभी तबकों में परेशानी बनी हुई है व सभी तबकों ने संघर्ष की राह पकड़ी हुई है। हमें इस सरकार के गैर लोकतांत्रिक आचरण के खिलाफ लगातार संघर्ष जारी रखना है। इस अवसर पर रेखा, कांता, मीना, प्रवीन, शारदा, बीता, जसवीर सहित अन्य मौजूद रहे।