फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kurukshetra News ›   ...and the charandas chor hanged on the noose, Kurukshetra

...और फंदे पर झूल गया चरणदास चोर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Apr 2022 01:27 AM IST
विज्ञापन
...and the charandas chor hanged on the noose, Kurukshetra
नाटक चरणदास चोर में अभिनय करते कलाकार। संवाद - फोटो : Kurukshetra
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कुरुक्षेत्र। हरियाणा कला परिषद की भरत मुनि रंगशाला में शनिवार देर सायं रंगटोली थियेटर सोसायटी कुरुक्षेत्र के कलाकारों ने हबीब तनवीर का लिखा और राजवीर राजू के निर्देशन में नाटक ‘चरणदास चोर’ का मंचन किया। हास्य से भरे इस नाटक ने कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकोें की वाहवाही लूटी।
नाटक लोक शैली में प्रस्तुत किया गया, जिसकी शुरुआत चोरी के सीन से होती है। एक सोने के थाल के चक्कर में पुलिस चरणदास को पकड़ना चाहती है, लेकिन बेहद चालाकी से चरणदास बचता रहता है। पुलिस से बचते बचते चरणदास एक बाबा की कुटिया में पहुंचता है, जहां बाबा उसे झूठ न बोलने की नसीहत देता है। इसके अलावा बाबा उसे पुलिस से बचाने के लिए तीन वचन भी ले लेते है, जिसमें बाबा कहते हैं कि चरणदास कभी भी सोने की थाली में भोजन नहीं करेगा, किसी रानी से शादी नहीं करेगा और किसी राज्य का राजा नहीं बनेगा।
विज्ञापन

वचन देकर चरणदास वहां से जाकर दूसरी जगह चोरी करता रहता है और हर बार बच जाता है, लेकिन एक दिन वह रानी के महल में सोने की मोहरें चोरी करने के आरोप में पकड़ा जाता है। रानी के सामने पेश किए जाने पर वो चोरी की बात कबूल लेता है और बताता है कि उसने केवल पांच मोहरें चोरी की हैं, बाकी उनके मंत्री ने चुराई है। चरणदास के सत्य से रानी प्रभावित हो जाती हैं। रानी चरणदास के लिए सोने की थाली में खाना मंगवाती है पर वह खाने से मना कर देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रानी चरणदास से राजा बनने और शादी करने को कहती है। गुरु को दिए वचनों के कारण चरणदास रानी का विवाह का प्रस्ताव ठुकरा देता है। जिसके बाद रानी कहती है कि हमारे बीच जो भी बातचीत हुई उसे किसी से नहीं कहना, लेकिन सच बोलने के वचन के कारण चरणदास इस बात से भी इंकार कर देता है और रानी गुस्से में आकर उसे फांसी पर चढ़ाने का हुक्म दे देती है। इस तरह अपने वचनों पर अडिग रहने वाले चरणदास को फांसी की सजा मिलती है।

हास्य से भरे नाटक के मंचन के दौरान दर्शक खूब ठहाके लगाते नजर आए। कलाकारों की अदाकारी काबिले तारीफ रही। इस मौके पर बॉलीवुड फिल्म अभिनेता विक्रांत आनंद बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। अध्यक्षता कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के प्रधान सचिव कार्यालय से अधिकारी मनू कपूर ने की और मंच संचालन विकास शर्मा ने किया। नाटक में चरणदास की भूमिका हिम्मत दयोहरा ने निभाई। गुरु की भूमिका में अनिल कुमार, रानी संजना संजू, पुलिसवाला गुरमीत, पुजारी दीपक तथा अन्य किरदारों में प्रिंस, आकाश, विक्रांत सैनी, ईशांत रहे। संगीत चमन चौहान व राजवीर राजू का रहा। प्रकाश व्यवस्था विशाल टांक ने संभाली। इस अवसर पर नीरज सेठी, रमेश सुखीजा, शिवकुमार किरमच, धर्मपाल गुगलानी, रजनीश भनोट, लालचंद, चंद्रशेखर, सुभाष आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed