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धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास के साथ पुरातन सभ्यता को मिलेगी नई पहचान : मदन छाबड़ा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Apr 2026 02:21 AM IST
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Ancient civilization will get a new identity with religious and cultural history: Madan Chhabra
कुरुक्षेत्र। सम्मेलन को लेकर रूपरेखा बैठक करते विजन कुरुक्षेत्र टीम के पदा​धिकारी एवं सदस्य। वि
कुरुक्षेत्र। धर्मक्षेत्र के इतिहास, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सम्मेलन आयोजन की रूपरेखा तैयार करते हुए सदस्यों को ड्यूटी सौंपी गई। सम्मेलन की तैयारियों के लिए विजन कुरुक्षेत्र टीम की अध्यक्षता करते हुए मदन मोहन छाबड़ा ने बताया कि कुरुक्षेत्र का इतिहास और सभ्यता बरसों पुरानी है। तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कुरुक्षेत्र के धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पुरातन सभ्यता पर होने वाले मंथन से कुरुक्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।
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विवि के सीनेट हॉल में 8 से 10 अप्रैल तक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘कुरुक्षेत्र : थ्रू द एजेस’ का उद्देश्य कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक यात्रा को पुरातन काल से लेकर वर्तमान समय तक समझना है। कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को विभिन्न कालखंडों के संदर्भ में समझना और वैश्विक स्तर पर उसके महत्व को स्थापित करना है।
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इसमें प्राचीन भारतीय इतिहास, सभ्यता, धार्मिक परंपराओं और पुरातात्विक खोजों से जुड़े विभिन्न विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। तीन दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविदों, इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के बीच विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन का आयोजन विजन कुरुक्षेत्र, विवि, श्रीमद्भगवतगीता अध्ययन केंद्र और भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के सौजन्य से किया जा रहा है।
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छाबड़ा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में स्वामी ज्ञानानंद श्रीमद्भगवत गीता के परिपेक्ष्य में कुरुक्षेत्र की महत्ता, धार्मिक और संस्कृति पहलुओं के साथ वर्तमान में गीता के संदेश के लिए उद्बोधन देंगे। 8 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के शुभारंभ पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और विवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री नायब सैनी को भी निमंत्रण सौंपा गया है। सम्मेलन में 9 और 10 अप्रैल को अलग-अलग सत्रों में इतिहासकार और पुरातत्वविद कुरुक्षेत्र के प्राचीनकाल इतिहास से लेकर वर्तमान कुरुक्षेत्र के विषयों पर चर्चा करेंगे। 10 अप्रैल को समापन समारोह में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा मुख्य अतिथि होंगे।


अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के निदेशक प्रोफेसर भगत सिंह और आयोजन सचिव डॉ. आरके देशवाल ने बताया कि सम्मेलन में कुरुक्षेत्र के इतिहास एवं पुरातत्व के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध कार्य और भारतीय विरासत के संरक्षण व संवर्धन में योगदान देने वालों को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय इतिहास रत्न सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर गुलजारी लाल नंदा केंद्र की निदेशक प्रो. सुचिशमिता, डॉ. ऋषिपाल, एसडी कालेज से संगीता गुप्ता, राजेश सैन, कनर्ल एसएन शर्मा, दीवेने भाटिया और राजेंद्र सहित बड़ी संख्या में टीम सदस्य मौजूद रहे।

कुरुक्षेत्र। सम्मेलन को लेकर रूपरेखा बैठक करते विजन कुरुक्षेत्र टीम के पदाधिकारी एवं सदस्य। वि

कुरुक्षेत्र। सम्मेलन को लेकर रूपरेखा बैठक करते विजन कुरुक्षेत्र टीम के पदाधिकारी एवं सदस्य। वि

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