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Kurukshetra News: हड़ताल के बीच मेडिकल कॉलेज के 104 डॉक्टरों ने संभाली जिला अस्पताल की कमान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 09 Dec 2025 01:39 AM IST
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Amidst the strike, 104 doctors of the medical college took charge of the district hospital.
कुरुक्षेत्र। मरीज राजेंद्र को नागरिक अस्पताल से प्राइवेट अस्पताल ले जाते परिजन। संवाद - फोटो : कानीबोझी गांव से कानीबोझी चौराहे तक जाने वाले जर्जर सड़क।
कुरुक्षेत्र। सरकारी चिकित्सकों की लंबित मांगों के लिए शनिवार को जिलेभर के अस्पतालों में हड़ताल के कारण ऑपरेशन सेवाएं बाधित रहीं। किसी भी मरीज का ऑपरेशन नहीं हो सका जिससे कई गंभीर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि हड़ताल का व्यापक असर दिखाई नहीं दिया। सुबह जिला नागरिक अस्पताल में ओपीडी सेवाएं कुछ समय के लिए बाधित रहीं जिससे मरीजों को खास परेशानी उठानी पड़ी। चिकित्सकों की हड़ताल के अल्टीमेटम को देखते हुए प्रशासन पहले से सतर्क था। स्थिति बिगड़ने से पहले ही आदेश मेडिकल कॉलेज से 104 चिकित्सकों को बुलाया गया, जिन्होंने सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक ओपीडी में मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं। व्यवस्था के चलते सामान्य ओपीडी सेवाएं तो सुचारू रूप से चलती रहीं लेकिन ऑपरेशन संबंधी सेवाएं बाधित रहीं।
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जिला अस्पताल के तकरीबन सभी चिकित्सक हड़ताल पर रहे जबकि अस्पताल में तैनात कंसल्टेंट चिकित्सकों ने भी ओपीडी में सेवाएं दीं। फिजिशियन डॉ. अरविंद चहल भी ओपीडी में मरीजों का उपचार करते दिखे। डॉ. चहल नौकरी से इस्तीफा दे चुके हैं। शनिवार तक वह नोटिस पर थे।
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ऑपरेशन बंद, प्राइवेट में कराना पड़ा इलाज
शाहपुर निवासी राजेंद्र का कहना है कि बाइक की टक्कर से उनकी टांग में फ्रैक्चर हो गया था। वे दो दिन से जिला अस्पताल में भर्ती थे लेकिन हड़ताल के कारण उनका ऑपरेशन नहीं हो पाया। मजबूरन परिजनों को उन्हें निजी अस्पताल में ले जाना पड़ा।
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चिकित्सक पर लगाए इलाज न करने के आरोप
खानपुर निवासी राहुल ने आरोप लगाया कि कल्पना चावला अस्पताल करनाल से रेफर होने के बाद वे जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन ओपीडी में मौजूद चिकित्सक ने उन्हें इलाज देने से मना कर दिया और प्राइवेट अस्पताल में जाने की सलाह दी।
सरकार ने वादे पूरे नहीं किए : डॉ. तेजेंद्र चौहान
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. तेजेंद्र चौहान ने कहा कि सरकार ने पिछले वर्ष सीधी एसएमओ भर्ती बंद करने और सभी पद प्रमोशन से भरने का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि एचसीएमएस डॉक्टरों को चार एसीपी देने का वादा भी अधूरा है। सहमति बनने के बावजूद तीन एसीपी की अधिसूचना तक जारी नहीं हुई।
डॉ. चौहान ने चेतावनी दी कि मंगलवार को भी चिकित्सक हड़ताल पर रहेंगे और यदि सरकार ने मांगें पूरी नहीं की तो 9 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।

ओपीडी चलाने में नहीं आने दी दिक्कत : डॉ. सुखबीर सिंह
सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह ने कहा कि हड़ताल के बावजूद जिला अस्पताल में मरीजों को परेशान नहीं होने दिया गया। कंसल्टेंट व आदेश मेडिकल कॉलेज के 104 चिकित्सकों की मदद से सभी ओपीडी पूरी क्षमता के साथ संचालित की गई। आगे भी ऐसे ही मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

कुरुक्षेत्र। मरीज राजेंद्र को नागरिक अस्पताल से प्राइवेट अस्पताल ले जाते परिजन। संवाद

कुरुक्षेत्र। मरीज राजेंद्र को नागरिक अस्पताल से प्राइवेट अस्पताल ले जाते परिजन। संवाद- फोटो : कानीबोझी गांव से कानीबोझी चौराहे तक जाने वाले जर्जर सड़क।

कुरुक्षेत्र। मरीज राजेंद्र को नागरिक अस्पताल से प्राइवेट अस्पताल ले जाते परिजन। संवाद

कुरुक्षेत्र। मरीज राजेंद्र को नागरिक अस्पताल से प्राइवेट अस्पताल ले जाते परिजन। संवाद- फोटो : कानीबोझी गांव से कानीबोझी चौराहे तक जाने वाले जर्जर सड़क।

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