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Kurukshetra News: सड़क दुर्घटना में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले एंबुलेंस चालकों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jul 2025 02:29 AM IST
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Ambulance drivers who take road accident victims to hospital will be given training
कुरुक्षेत्र। हस्पताल प्रतिनिधि, एंबुलेंस कर्मचारियों के साथ बैठक में दिशा-निर्देश देते पुलिस अध
कुरुक्षेत्र। सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने वाले एंबुलेंस चालकों व सहायकों को अब प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि घायल की चोट किस तरह की है, इसका कौन से नजदीकी अस्पताल में उपचार है। वह एंबुलेंस में मौजूद सभी सुविधाओं को प्रयोग कर प्राथमिक उपचार देने का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह फैसला शनिवार को पुलिस लाइन में जिले के निजी अस्पताल प्रशासन व जिला नागरिक अस्पताल प्रशासन व एंबुलेंस चालकों के साथ बैठक के बाद पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने लिया है। इस फैसले के लिए संबंधित विभाग व अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
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पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सरकार की सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को केश-लेस उपचार सुविधा दिलवाने में सबका सहयोग जरूरी है। किसी भी दुर्घटना के मौके पर पहुंचने वाली पहली टीम एंबुलेंस स्टाफ की होती है। इसलिए उनका प्रशिक्षित होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस चालक और एंबुलेंस पर तैनात सहायक स्टाफ को पीड़ित को लगी चोट के हिसाब से पता होना चाहिए कि इस प्रकार की सुविधा किस अस्पताल में है। दोनों को पैनल के अस्पताल और उनको लोकेशन पता होनी चाहिए। इसलिए अस्पताल प्रशासन को उन्हें प्रशिक्षण देने की जरूरत है। बैठक में डीएसपी यातायात रोहतास कुमार, थाना यातायात शहर निरीक्षक राम करण, रोड सेफ्टी सैल प्रभारी उप निरीक्षक शेर सिंह, आदेश अस्पताल से डॉ. गायत्री, एनआईसी से पूनम, विभिन्न अस्पतालों के प्रतिनिधि, एंबुलेंस चालक व स्टाफ मौजूद रहा।
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प्रत्येक दुर्घटना में घायल हुए व्यक्ति को 1.5 लाख तक का उपचार केश-लेस

वहीं बैठक में लोकनायक जयप्रकाश जिला नागरिक अस्पताल से डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रदीप कुमार व स्वास्थ्य विभाग के नोडल ऑफिसर डॉ कृष्ण कुमार ने बताया कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन अधिनियम 1968 की धारा 162 के तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को नकद रहित उपचार दिया जाता है। इस योजना के तहत प्रति पीड़ित प्रति दुर्घटना अधिकतम सात दिनों के लिए 1.5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। योजना के अनुसार सड़क दुर्घटना पीड़ित का उपचार करने वाला अस्पताल टीएमएस प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक अनुरोध दुर्घटना की पुष्टि के लिए क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी को भेजा जाएगा। पुलिस अधिकारी आईआरएडी पोर्टल पर दुर्घटना की जानकारी के अनुसार उस अनुरोध को स्वीकार करेगा। इस दौरान अस्पताल को बिना किसी विलंब के पीड़ित को स्थिरीकरण उपचार प्रदान करना होगा।
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