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इस्माईलाबाद से नारनौल राष्ट्रीय राजमार्ग इकॉनोमिक कॉरिडोर पर सरकार खर्च करेगी 8650 करोड़ का बजट:नायब
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अंबाला से कोटपुतली इकॉनोमिक कॉरिडोर के तहत इस्माईलाबाद से नारनौल तक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 152डी का निर्माण किया जाएगा। इस राष्ट्रीय राजमार्ग को सिक्सलेन का बनाने पर केंद्र सरकार की तरफ से 8650 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई 227 किलोमीटर की होगी।
वहीं, दावा किया जा रहा है कि इस राजमार्ग के बनने के बाद चंडीगढ़ से गुरुग्राम एयरपोर्ट तक का सफर महज 2 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इतना ही नहीं इस राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ केंद्र सरकार द्वारा 20 हजार करोड़ रुपये की दी गई 11 परियोजनाओं की सौगात से एक नए हरियाणा के विकास की नींव भी रखी गई है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्र में एक नई क्रांति आएगी और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। सांसद नायब सिंह सैनी ने यह जानकारी मंगलवार को कुरुक्षेत्र के एनआईसी कार्यालय में इस्माईलाबाद से नारनौल राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य के शिलान्यास अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में दी।
उन्होंने बताया कि इससे पहले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अंबाला कोटपुतली इकॉनोमिक कॉरिडोर के तहत इस्माईलाबाद से नारनौल राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या नंबर 152डी के सिक्सलेन एक्सेस कंट्रोलर्ड परियोजना के निर्माण कार्य का वीसी के जरिए शुभारंभ किया।
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इस उद्घाटन सत्र में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय मंत्री वीके सिंह, केंद्रीय मंत्री रतन लाल कटारिया, हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला तथा सांसद नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा और उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित रहे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हरियाणा को 20 हजार करोड़ रुपये की लागत से 11 परियोजनाओं की सौगात भी दी है।
सांसद नायब सिंह सैनी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने एक ही दिन में हरियाणा को 20 हजार करोड़ रुपये की सौगात देने का काम किया है। इस बजट से हरियाणा प्रदेश में विकास के नए मार्ग खुलेंगे। सरकार की तरफ से अमृतसर-कटरा नए राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए भी 1 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की परियोजना पर काम करना शुरू किया है। इस राशि में से 55 हजार करोड़ रुपये हरियाणा पर खर्च किए जाएंगे। इससे हरियाणा प्रदेश एक समृद्ध और विकसित राज्य के रूप में उभर कर सामने आएगा।
इतना ही नहीं केंद्र सरकार की तरफ से हरियाणा में भारत-माला परियोजना के तहत आने वाले 2 सालों में 2 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से अधिकतर राशि भूमि अधिग्रहण करने पर खर्च की जाएगी और यह राशि सीधा किसानों के खातों में जमा होगी। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, किसान खुशहाल होंगे। जब हरियाणा के किसान खुशहाल होंगे तो निश्चित ही हरियाणा एक खुशहाल राज्य के रूप में पहचान बनाएगा। इससे जीडीपी में इजाफा होगा और पर कैप्टा इनकम में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की तरफ से अभी हाल में ही 53 हजार करोड़ रुपये के प्रोजैक्ट पर काम किया जा रहा है। इससे हरियाणा का इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, हरियाणा में निवेश करने वालों को एक सुनहरा अवसर मिलेगा। सरकार की योजना है कि जालंधर से अजमेर का राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जाए। इस तरह राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण करने से मुंबई से चंडीगढ़ का सफर महज 14 घंटे में तय किया जा सकेगा। इसके अलावा केंद्र सरकार हरियाणा की आर्थिक स्थिति को बदलने के लिए औद्योगिक कलस्टर योजना पर काम कर रही है। इस योजना पर सरकार 5 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी, इससे ग्रामीण क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए उद्योग व एग्रो बेस उद्योग स्थापित करेगी ताकि गांव के युवा को गांव में ही रोजगार मिल सके। इसके अलावा हरियाणा में इथनॉल के उत्पादन पर भी फोकस किया जा रहा है और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। विधायक सुभाष सुधा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इस्माईलाबाद से नारनौल राजमार्ग के निर्माण होने से उतर और दक्षिण हरियाणा एक सूत्र में बंध जाएंगे। इससे कुरुक्षेत्र ही नहीं राजमार्ग पर आने वाले सभी जिलों का विकास होगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री गडकरी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से हरियाणा को 20 हजार करोड़ रुपये की सौगात मिली है।
कुरुक्षेत्र और कैथल जिले में 23 किमी के बीच सिर्फ 3 एक्सेस
सांसद नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस्माईलाबाद से नारनौल तक राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी में 23 किलोमीटर का हिस्सा कुरुक्षेत्र और कैथल जिले में आता है। इस्माईलाबाद के गांव गंगहेड़ी से ढांड कौल तक राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण होगा। इस मार्ग पर 54 स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे और इस राजमार्ग पर गंगहेड़ी, मुर्तजापुर और ढांड के पास चंदलाना गांव पर ही एक्सेस दिया गया है, यानी इन 3 जगहों से ही राजमार्ग पर प्रवेश और बाहर निकल सकेंगे। इसके अलावा गांव सैंसा सरस्वती कैनाल और गांव कौल के प्राचीन मंदिर के पास 2 बड़े पुल बनाए जाएंगे, गांव पबनावा के पास आरओबी रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा, नहरों और 11 पुलियों के ऊपर से मार्ग बनाया जाएगा। यह राजमार्ग सिक्सलेन का होगा।
गांव गंगहेड़ी के सरपंच गुरुदेव सिंह ने बताया कि गांव से शुरू ग्रीन फील्ड सिक्स लेन हाईवे बनने से गांव के लोगों को काफी फायदा होगा। गांव से सिक्स लेन हाईवे गुजरने से जहां गांववासियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। हाईवे गांव से गुजरने से जमीन के दाम काफी बढ़ गए है। व्यापारियों की दृष्टि से भी यह हाईवे काफी फायदे मंद होगा। उन्होंने बताया कि हाईवे से पक्के रास्तों पर जाने के लिए उतरने का भी प्रावधान अमल में लाकर इसके निर्माण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गांव से हाईवे गुजरने से गांव सुर्खियों में है।
वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि सिक्स लेन हाईवे क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इस हाईवे से जहां क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा वहीं औद्योगिक क्षेत्र में भी इस हाईवे से काफी फायदा होगा। हाईवे से आसपास के गांवों की जमीन के भाव भी बढ़ गए हैं, जिससे किसानों को काफी फायदा होगा।
बलदेव शर्मा ने कहा कि इस हाईवे के निर्माण से जहां इतने फायदे हैं वहीं कुछ नुकसान भी हैं। इस हाईवे पर चलने के लिए लोगों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। इसके अलावा किसानों को अपने खेतों में जाने से लिए समस्या का सामना करना पड़ेगा। हाईवे के दोनों तरफ जमीन वाले किसानों को काफी दूर कट से घूम कर अपने खेतों में आना पड़ेगा जिससे किसानों को खासा आर्थिक नुकसान भी होगा।
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वहीं, दावा किया जा रहा है कि इस राजमार्ग के बनने के बाद चंडीगढ़ से गुरुग्राम एयरपोर्ट तक का सफर महज 2 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इतना ही नहीं इस राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ केंद्र सरकार द्वारा 20 हजार करोड़ रुपये की दी गई 11 परियोजनाओं की सौगात से एक नए हरियाणा के विकास की नींव भी रखी गई है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्र में एक नई क्रांति आएगी और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। सांसद नायब सिंह सैनी ने यह जानकारी मंगलवार को कुरुक्षेत्र के एनआईसी कार्यालय में इस्माईलाबाद से नारनौल राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्य के शिलान्यास अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में दी।
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उन्होंने बताया कि इससे पहले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अंबाला कोटपुतली इकॉनोमिक कॉरिडोर के तहत इस्माईलाबाद से नारनौल राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या नंबर 152डी के सिक्सलेन एक्सेस कंट्रोलर्ड परियोजना के निर्माण कार्य का वीसी के जरिए शुभारंभ किया।
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इस उद्घाटन सत्र में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय मंत्री वीके सिंह, केंद्रीय मंत्री रतन लाल कटारिया, हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला तथा सांसद नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा और उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित रहे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हरियाणा को 20 हजार करोड़ रुपये की लागत से 11 परियोजनाओं की सौगात भी दी है।
सांसद नायब सिंह सैनी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने एक ही दिन में हरियाणा को 20 हजार करोड़ रुपये की सौगात देने का काम किया है। इस बजट से हरियाणा प्रदेश में विकास के नए मार्ग खुलेंगे। सरकार की तरफ से अमृतसर-कटरा नए राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए भी 1 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की परियोजना पर काम करना शुरू किया है। इस राशि में से 55 हजार करोड़ रुपये हरियाणा पर खर्च किए जाएंगे। इससे हरियाणा प्रदेश एक समृद्ध और विकसित राज्य के रूप में उभर कर सामने आएगा।
इतना ही नहीं केंद्र सरकार की तरफ से हरियाणा में भारत-माला परियोजना के तहत आने वाले 2 सालों में 2 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से अधिकतर राशि भूमि अधिग्रहण करने पर खर्च की जाएगी और यह राशि सीधा किसानों के खातों में जमा होगी। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, किसान खुशहाल होंगे। जब हरियाणा के किसान खुशहाल होंगे तो निश्चित ही हरियाणा एक खुशहाल राज्य के रूप में पहचान बनाएगा। इससे जीडीपी में इजाफा होगा और पर कैप्टा इनकम में भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की तरफ से अभी हाल में ही 53 हजार करोड़ रुपये के प्रोजैक्ट पर काम किया जा रहा है। इससे हरियाणा का इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, हरियाणा में निवेश करने वालों को एक सुनहरा अवसर मिलेगा। सरकार की योजना है कि जालंधर से अजमेर का राष्ट्रीय राजमार्ग बनाया जाए। इस तरह राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण करने से मुंबई से चंडीगढ़ का सफर महज 14 घंटे में तय किया जा सकेगा। इसके अलावा केंद्र सरकार हरियाणा की आर्थिक स्थिति को बदलने के लिए औद्योगिक कलस्टर योजना पर काम कर रही है। इस योजना पर सरकार 5 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी, इससे ग्रामीण क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए उद्योग व एग्रो बेस उद्योग स्थापित करेगी ताकि गांव के युवा को गांव में ही रोजगार मिल सके। इसके अलावा हरियाणा में इथनॉल के उत्पादन पर भी फोकस किया जा रहा है और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। विधायक सुभाष सुधा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इस्माईलाबाद से नारनौल राजमार्ग के निर्माण होने से उतर और दक्षिण हरियाणा एक सूत्र में बंध जाएंगे। इससे कुरुक्षेत्र ही नहीं राजमार्ग पर आने वाले सभी जिलों का विकास होगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री गडकरी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के प्रयासों से हरियाणा को 20 हजार करोड़ रुपये की सौगात मिली है।
कुरुक्षेत्र और कैथल जिले में 23 किमी के बीच सिर्फ 3 एक्सेस
सांसद नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस्माईलाबाद से नारनौल तक राष्ट्रीय राजमार्ग 152डी में 23 किलोमीटर का हिस्सा कुरुक्षेत्र और कैथल जिले में आता है। इस्माईलाबाद के गांव गंगहेड़ी से ढांड कौल तक राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण होगा। इस मार्ग पर 54 स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे और इस राजमार्ग पर गंगहेड़ी, मुर्तजापुर और ढांड के पास चंदलाना गांव पर ही एक्सेस दिया गया है, यानी इन 3 जगहों से ही राजमार्ग पर प्रवेश और बाहर निकल सकेंगे। इसके अलावा गांव सैंसा सरस्वती कैनाल और गांव कौल के प्राचीन मंदिर के पास 2 बड़े पुल बनाए जाएंगे, गांव पबनावा के पास आरओबी रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा, नहरों और 11 पुलियों के ऊपर से मार्ग बनाया जाएगा। यह राजमार्ग सिक्सलेन का होगा।
गांव गंगहेड़ी के सरपंच गुरुदेव सिंह ने बताया कि गांव से शुरू ग्रीन फील्ड सिक्स लेन हाईवे बनने से गांव के लोगों को काफी फायदा होगा। गांव से सिक्स लेन हाईवे गुजरने से जहां गांववासियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। हाईवे गांव से गुजरने से जमीन के दाम काफी बढ़ गए है। व्यापारियों की दृष्टि से भी यह हाईवे काफी फायदे मंद होगा। उन्होंने बताया कि हाईवे से पक्के रास्तों पर जाने के लिए उतरने का भी प्रावधान अमल में लाकर इसके निर्माण कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गांव से हाईवे गुजरने से गांव सुर्खियों में है।
वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि सिक्स लेन हाईवे क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इस हाईवे से जहां क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा वहीं औद्योगिक क्षेत्र में भी इस हाईवे से काफी फायदा होगा। हाईवे से आसपास के गांवों की जमीन के भाव भी बढ़ गए हैं, जिससे किसानों को काफी फायदा होगा।
बलदेव शर्मा ने कहा कि इस हाईवे के निर्माण से जहां इतने फायदे हैं वहीं कुछ नुकसान भी हैं। इस हाईवे पर चलने के लिए लोगों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। इसके अलावा किसानों को अपने खेतों में जाने से लिए समस्या का सामना करना पड़ेगा। हाईवे के दोनों तरफ जमीन वाले किसानों को काफी दूर कट से घूम कर अपने खेतों में आना पड़ेगा जिससे किसानों को खासा आर्थिक नुकसान भी होगा।